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अब स्कूल की दीवारें भी देंगी गणित और भूगोल का ज्ञान
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रेवाड़ी के एक स्कूल में दीवार पर बनी वॉल पेंटिंग।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। समय के साथ अब शिक्षा के आयाम भी बदल रहे हैं। अब राजकीय विद्यालयों की दीवारें भी बच्चों को गणित, विज्ञान और भूगोल आदि विषय का ज्ञान देंगी। इन विद्यालयों की दीवारों पर चित्रांकन कराया जाएगा। शिक्षा विभाग के साथ मिलकर महिला एवं बाल विकास विभाग इस काम में जुट गया। जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय के माध्यम से यह काम शुरू हो गया है। इसके लिए 8 लाख 70 हजार रुपये सरकार ने भिजवा भी दिए हैं। ताकि यह काम धन की कमी की वजह से अधूरा नहीं करे। इस संबंध में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारी, शिक्षाविद् ने राय खुलकर रखी है।
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अब दीवारें भी बच्चों को देंगी ज्ञान
- पुरानी शिक्षा और आधुनिक शिक्षा में दिनोंदिन काफी बदलाव आए हैं। पहले राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में लकड़ी के श्याम पट पर शिक्षक बच्चों को अक्षर ज्ञान देते थे। पाठशाला में हिंदी, गणित, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान विषय ही पढ़ाए जाते थे। विज्ञान प्रयोगशाला से लेकर खेल मैदान तक की सूरत बदली गई। अब दीवारें भी बच्चों को ज्ञान देंगी।
- कपिल पूनिया, शिक्षाविद् एवं पूर्व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
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नया क्रांतिकारी कदम उठाया
पुरानी शिक्षा और नई शिक्षा में समय बीतने के साथ बहुत अंतर आया है। हरियाणा में सरकार ने सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं में एनसीईआरटी की पाठय पुस्तकें लागू करने का अहम निर्णय लेकर नया क्रांतिकारी कदम उठाया है। विद्यालय में आने वाले दिव्यांग बच्चों या विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए नई शिक्षा पद्घति एवं रेम्प जैसी सुविधाओं पर अमल किया गया। कोरोना काल में बच्चों की शिक्षा पर गहरा असर पड़ा, मगर डिजिटल क्रांति ने नुकसान को कम करने का काम किया।
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- धर्मबीर बल्ड़ोदिया, शिक्षाविद एवं पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी।
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बच्चों को स्कूल की दीवारें नहीं लगेंगी नीरस
शिक्षा मानव की एक महत्वपूर्ण जरूरत है। राज्य शिक्षा परियोजना परिषद के साथ मिलकर महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण परियोजना पर काम कर रहा है। इसके तहत जिले के 27 सरकारी विद्यालयों की दीवारों पर चित्रांकन कराकर उनको ज्ञानवर्धक बनाया जाएगा। बच्चों को अब ये दीवारें नीरस नहीं लगेंगी। इस काम के लिए सरकार ने 8 लाख 70 हजार रुपये भी जारी कर दिए हैं। नए सत्र के दौरान बच्चों को विद्यालयों की रंग-बिरंगी ज्ञान वाली दुनिया दिखाई देगी।
-उर्मिल सिवाच, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।
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खेल-खेल में मिलेगा बच्चों को ज्ञान
शिक्षा मानव जीवन की अमूल्य धरोहर है। इसे आगे बढ़ाने में महिला एवं बाल विकास विभाग का सहयोग मिल रहा है। सरकार ने सरकारी विद्यालयों के सुंदरीकरण के लिए योजना भी चलाई है। अब दो दर्जन से अधिक सरकारी विद्यालयों की दीवारों पर अंक गणित, विज्ञान, भूगोल, सामान्य ज्ञान समेत अन्य जानकारियां बच्चों को मिलेंगी। खेल-खेल में बच्चों को ज्ञान भी मिलेगा और उस चीजों की वे सही से पहचान भी कर पाएंगे कि जो ज्ञान उनको मिला है, आखिर वह क्या है। नई शिक्षा नीति और नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करना भी शामिल है, जिसमें 25 फीसदी गरीब बच्चों को शिक्षा दिलाई जाएगी।
- नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
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अब दीवारें भी बच्चों को देंगी ज्ञान
- पुरानी शिक्षा और आधुनिक शिक्षा में दिनोंदिन काफी बदलाव आए हैं। पहले राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में लकड़ी के श्याम पट पर शिक्षक बच्चों को अक्षर ज्ञान देते थे। पाठशाला में हिंदी, गणित, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान विषय ही पढ़ाए जाते थे। विज्ञान प्रयोगशाला से लेकर खेल मैदान तक की सूरत बदली गई। अब दीवारें भी बच्चों को ज्ञान देंगी।
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- कपिल पूनिया, शिक्षाविद् एवं पूर्व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
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नया क्रांतिकारी कदम उठाया
पुरानी शिक्षा और नई शिक्षा में समय बीतने के साथ बहुत अंतर आया है। हरियाणा में सरकार ने सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं में एनसीईआरटी की पाठय पुस्तकें लागू करने का अहम निर्णय लेकर नया क्रांतिकारी कदम उठाया है। विद्यालय में आने वाले दिव्यांग बच्चों या विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए नई शिक्षा पद्घति एवं रेम्प जैसी सुविधाओं पर अमल किया गया। कोरोना काल में बच्चों की शिक्षा पर गहरा असर पड़ा, मगर डिजिटल क्रांति ने नुकसान को कम करने का काम किया।
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- धर्मबीर बल्ड़ोदिया, शिक्षाविद एवं पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी।
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बच्चों को स्कूल की दीवारें नहीं लगेंगी नीरस
शिक्षा मानव की एक महत्वपूर्ण जरूरत है। राज्य शिक्षा परियोजना परिषद के साथ मिलकर महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण परियोजना पर काम कर रहा है। इसके तहत जिले के 27 सरकारी विद्यालयों की दीवारों पर चित्रांकन कराकर उनको ज्ञानवर्धक बनाया जाएगा। बच्चों को अब ये दीवारें नीरस नहीं लगेंगी। इस काम के लिए सरकार ने 8 लाख 70 हजार रुपये भी जारी कर दिए हैं। नए सत्र के दौरान बच्चों को विद्यालयों की रंग-बिरंगी ज्ञान वाली दुनिया दिखाई देगी।
-उर्मिल सिवाच, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।
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खेल-खेल में मिलेगा बच्चों को ज्ञान
शिक्षा मानव जीवन की अमूल्य धरोहर है। इसे आगे बढ़ाने में महिला एवं बाल विकास विभाग का सहयोग मिल रहा है। सरकार ने सरकारी विद्यालयों के सुंदरीकरण के लिए योजना भी चलाई है। अब दो दर्जन से अधिक सरकारी विद्यालयों की दीवारों पर अंक गणित, विज्ञान, भूगोल, सामान्य ज्ञान समेत अन्य जानकारियां बच्चों को मिलेंगी। खेल-खेल में बच्चों को ज्ञान भी मिलेगा और उस चीजों की वे सही से पहचान भी कर पाएंगे कि जो ज्ञान उनको मिला है, आखिर वह क्या है। नई शिक्षा नीति और नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करना भी शामिल है, जिसमें 25 फीसदी गरीब बच्चों को शिक्षा दिलाई जाएगी।
- नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।