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अब भाकली के ग्रामीणों ने शुरु किया विवाद
कोसली (रेवाड़ी)
Updated Sun, 09 Mar 2014 01:02 AM IST
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कोसली-भाकली नामकरण विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को राजनीतिक प्रयासाें से कोसली के ग्रामीणाें को आश्वासन देकर शांत कर दिया गया, अब भाकली के ग्रामीणाें ने विवाद शुरू कर दिया है।
ग्रामीणाें का कहना है कि इस हादसे में मरी गिंदौड़ी देवी को शहीद का दर्जा दिया जाए। इस संबंध में गांव के लोगों ने पंचायत की और प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया। इधर शनिवार को कोसली का बाजार खुला, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली।
भाकली-कोसली विवाद में कोसली के ग्रामीण महाबीर की मौत का मामला शांत होने के बाद प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली, लेकिन शनिवार को गांव भाकली के लोगों ने विवाद शुरू कर दिया। वे इस हादसे में मरी गिंदौड़ी देवी को भी शहीद का दर्जा की मांग कर रहे है।
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इस संबंध में भाकली गांव में पंचायत हुई। जिसमें यह निर्णय लिया गया कि उनके द्वारा दी गई शिकायत पर दो दिन में कोसली गांव के लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो वह रास्ता जाम कर देंगे और बाजार को बंद करवा देंगे।
पंचायत में छाजूराम ने कहा कि चाहे मुख्य संसदीय सचिव रावदान सिंह कोसली को कुछ भी दे दें, लेकिन भाकली की हद बस्त में किसी दूसरे गांव का नाम नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए चाहे हमें कुछ भी कुर्बानी देनी पड़े। सूबेदार मोहर सिंह ने कहा कि हम हमारी हदबस्त में कोई भी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेंगे।
हमें हमारा हक चाहिए। वहीं, कोसली गांव के कमेटी प्रधान कर्नल विजय कौशल का कहना है कि गांव भाकली के लोग जानबूझ कर मामले को और तूल दे रहे हैं। गिंदौड़ी देवी वृद्ध महिला थी और उनकी प्राकृतिक मौत हुई है। गांव भाकली के लोग केवल अपनी गिरफ्तारी के डर से यह प्रपंच रच रहे हैं।
प्रशासन भी सब जानती है। उनका कहना हैकि जिला पुलिस कप्तान ने गांव भाकली के सभी आरोपियाें को गिरफ्तार करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। अगर आरोपियाें की गिरफ्तारी नहीं होती तो फिर वहीं रास्ता अपनाना पडे़गा। लेकिन हम हिंसा के खिलाफ हैं।
पंचायत में पहुंचे थाना प्रभारी
कोसली-भाकली विवाद को लेकर स्थानीय प्रशासन व पुलिस काफी घबराई हुई है। भाकली में पंचायत होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई तथा ग्रामीणों को रोजनामचे की रिपोर्ट दी, जिसमें भाकली के लोगों ने कोसली गांव के लोगों पर गिंदोड़ी देवी को चोट पहुचाने का आरोप लगाया है।
120 जवान तैनात
दोनों गांवों में शुक्रवार को महाबीर के अंतिम संस्कार के बाद प्रशासन ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन पुलिस बल के 120 जवान अभी भी कोसली व भाकली तथा बाजार में तैनात है। इस विषय में कोसली थाना प्रभारी ब्रह्म सिंह पोसवाल का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।
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ग्रामीणाें का कहना है कि इस हादसे में मरी गिंदौड़ी देवी को शहीद का दर्जा दिया जाए। इस संबंध में गांव के लोगों ने पंचायत की और प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया। इधर शनिवार को कोसली का बाजार खुला, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली।
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भाकली-कोसली विवाद में कोसली के ग्रामीण महाबीर की मौत का मामला शांत होने के बाद प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली, लेकिन शनिवार को गांव भाकली के लोगों ने विवाद शुरू कर दिया। वे इस हादसे में मरी गिंदौड़ी देवी को भी शहीद का दर्जा की मांग कर रहे है।
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इस संबंध में भाकली गांव में पंचायत हुई। जिसमें यह निर्णय लिया गया कि उनके द्वारा दी गई शिकायत पर दो दिन में कोसली गांव के लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो वह रास्ता जाम कर देंगे और बाजार को बंद करवा देंगे।
पंचायत में छाजूराम ने कहा कि चाहे मुख्य संसदीय सचिव रावदान सिंह कोसली को कुछ भी दे दें, लेकिन भाकली की हद बस्त में किसी दूसरे गांव का नाम नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए चाहे हमें कुछ भी कुर्बानी देनी पड़े। सूबेदार मोहर सिंह ने कहा कि हम हमारी हदबस्त में कोई भी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेंगे।
हमें हमारा हक चाहिए। वहीं, कोसली गांव के कमेटी प्रधान कर्नल विजय कौशल का कहना है कि गांव भाकली के लोग जानबूझ कर मामले को और तूल दे रहे हैं। गिंदौड़ी देवी वृद्ध महिला थी और उनकी प्राकृतिक मौत हुई है। गांव भाकली के लोग केवल अपनी गिरफ्तारी के डर से यह प्रपंच रच रहे हैं।
प्रशासन भी सब जानती है। उनका कहना हैकि जिला पुलिस कप्तान ने गांव भाकली के सभी आरोपियाें को गिरफ्तार करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। अगर आरोपियाें की गिरफ्तारी नहीं होती तो फिर वहीं रास्ता अपनाना पडे़गा। लेकिन हम हिंसा के खिलाफ हैं।
पंचायत में पहुंचे थाना प्रभारी
कोसली-भाकली विवाद को लेकर स्थानीय प्रशासन व पुलिस काफी घबराई हुई है। भाकली में पंचायत होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई तथा ग्रामीणों को रोजनामचे की रिपोर्ट दी, जिसमें भाकली के लोगों ने कोसली गांव के लोगों पर गिंदोड़ी देवी को चोट पहुचाने का आरोप लगाया है।
120 जवान तैनात
दोनों गांवों में शुक्रवार को महाबीर के अंतिम संस्कार के बाद प्रशासन ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन पुलिस बल के 120 जवान अभी भी कोसली व भाकली तथा बाजार में तैनात है। इस विषय में कोसली थाना प्रभारी ब्रह्म सिंह पोसवाल का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।