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Rewari News: अअब विवाह पंजीकरण के बाद ही मिलेगा 'शगुन'
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उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग। संवाद
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गरीब व बेसहारा परिवारों को उनकी बेटी की शादी के लिए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है ताकि गरीब व बेसहारा परिवारों के सिर से बेटी की शादी पर होने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ पात्र लाभार्थियों को अब विवाह पंजीकरण करवाने के बाद ही दिया जाएगा, जिसके लिए विवाहित जोड़े की शादी का ई-दिशा पोर्टल पर पंजीकरण होना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि जो पात्र लाभार्थी परिवार मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे अपनी बेटी की शादी के 6 महीने पूरे होने से पहले वेबासाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य करवाएं। पंजीकरण होने के पश्चात ही विवाहित कन्या के माता-पिता को मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुदान दिया जाएगा।
डीसी ने बताया कि अनुसूचित एवं विमुक्त जाति के परिवार का नाम बीपीएल सूची में है तो उसको मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के अंतर्गत 71 हजार रुपये का लाभ मिलेगा। सभी वर्गों की विधवा महिलाएं, बेसहारा महिला, अनाथ बच्चे, बीपीएल सूची में है या उनकी आय एक लाख 80 हजार रुपए से कम है तो उनको इस योजना में 51 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। बीपीएल सूची में सामान्य या पिछड़े वर्ग के परिवार को 31 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इसी तरह अनुसूचित वर्ग या विमुक्त जाति का परिवार बीपीएल सूची में नहीं है और जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपए से कम है, उनको 31 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। विवाहित युगल चालीस प्रतिशत या इससे ज्यादा दिव्यांग है तो उन्हें 51 हजार रुपये और पति-पत्नी में से एक जन चालीस प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांग है तो उसको 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
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चालू वित्त वर्ष के दौरान जिला के 616 लाभार्थियों ने उठाया योजना का लाभ
जिला कल्याण अधिकारी जगदेव सिंह ने बताया कि जिलाभर में चालू वित्त वर्ष के दौरान एक अप्रैल से लेकर अब तक 616 परिवारों को मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ दिया जा चुका है। इन लाभपात्रों को प्रदेश सरकार की ओर से 3 करोड़ 10 लाख 43 हजार रुपये वितरित किए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि जो पात्र लाभार्थी परिवार मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे अपनी बेटी की शादी के 6 महीने पूरे होने से पहले वेबासाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य करवाएं। पंजीकरण होने के पश्चात ही विवाहित कन्या के माता-पिता को मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुदान दिया जाएगा।
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डीसी ने बताया कि अनुसूचित एवं विमुक्त जाति के परिवार का नाम बीपीएल सूची में है तो उसको मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के अंतर्गत 71 हजार रुपये का लाभ मिलेगा। सभी वर्गों की विधवा महिलाएं, बेसहारा महिला, अनाथ बच्चे, बीपीएल सूची में है या उनकी आय एक लाख 80 हजार रुपए से कम है तो उनको इस योजना में 51 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। बीपीएल सूची में सामान्य या पिछड़े वर्ग के परिवार को 31 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इसी तरह अनुसूचित वर्ग या विमुक्त जाति का परिवार बीपीएल सूची में नहीं है और जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपए से कम है, उनको 31 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। विवाहित युगल चालीस प्रतिशत या इससे ज्यादा दिव्यांग है तो उन्हें 51 हजार रुपये और पति-पत्नी में से एक जन चालीस प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांग है तो उसको 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
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चालू वित्त वर्ष के दौरान जिला के 616 लाभार्थियों ने उठाया योजना का लाभ
जिला कल्याण अधिकारी जगदेव सिंह ने बताया कि जिलाभर में चालू वित्त वर्ष के दौरान एक अप्रैल से लेकर अब तक 616 परिवारों को मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ दिया जा चुका है। इन लाभपात्रों को प्रदेश सरकार की ओर से 3 करोड़ 10 लाख 43 हजार रुपये वितरित किए गए हैं।