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Rewari News: नहीं हुई आपूर्ति, पेयजल के लिए तरसे शहरवासी
Sun, 15 Dec 2024 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 15 Dec 2024 12:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को पेयजल की आपूर्ति नहीं किए जाने से शहरवासी परेशान रहे। लोगों को पीने के लिए पानी खरीदना पड़ा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेयजल संकट बढ़ सकता है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू नहर में 10 दिसंबर को पानी चलना था। अब 20 दिसंबर को पानी का शेड्यूल बताया जा रहा है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के वाटर टैंकों में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए अब एक दिन की बजाय दो दिन छोड़कर जलापूर्ति करने की तैयारी है।
शहर में 25 नवंबर से ही जेएलएन कैनाल में पानी चलना बंद होते ही जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल की सप्लाई कर दी गई थी। इधर, सर्दी में पानी भी ज्यादा लगता है, क्योंकि गर्म कपड़ों की धुलाई करने में पानी अधिक लगता है। ऐसे में लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।
विभाग के जेई हेमंत कुमार ने बताया कि जब से नहर में पानी चलना बंद हुआ था, तब से ही कोई समस्या नहीं आए, इसलिए अल्टरनेट डे ही पानी छोड़ा जा रहा है। इस बार 16 दिन ही क्लोजर था, यानी 10 दिसंबर को नहर में पानी आना था, लेकिन अब यह टाइम बढ़कर 24 दिसंबर कर दिया है। नहर में 20 दिसंबर को पानीपत के खूबडू हेड से पानी छोड़ा जाएगा जो 23 दिसंबर की सुबह तक पहुंचने की संभावना है। कालाका जलघर के टैंकों में पानी के भंडारण की क्षमता कम होने से लगातार सप्लाई देने में समस्या है। टैंकों से केवल 15 से 20 दिन ही शहर की कॉलोनियों में पानी की सप्लाई दी जा सकती है। इसलिए नहर में पानी छोड़ने की बात कही जा रही है, ताकि समस्या नहीं आए। अगर पानी नहीं छोड़ा गया तो दो दिन छोड़कर भी सप्लाई की जा सकती है।
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हर माह होती है पानी की किल्लत
जनवरी की शुरुआत से ही पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। यह अब से नहीं लंबे अरसे से ऐसा ही चला आ रहा है। गर्मी में तो ऐसा हाल हो जाता है कि लोगों को पानी के टैंकर तक मंगाने पड़ जाते हैं। हर माह में पानी का संकट छा जाता है। लेकिन अब सर्दी में भी यह परेशानी पीछा नहीं छोड़ रही है। अगर यहां एक और वाटर टैंक बन जाए तो कुछ हद तक पानी की समस्या को दूर किया जा सकता है। जिसके लिए विभाग प्रयासरत है, लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ रही है। अब ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन खरीदने की कोशिश की जा रही है।
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वर्जन:
जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी आने का शेड्यूल बदल गया है। अब नहर में पानी 24 दिसंबर को छोड़ा जाना है। ऐसे में टैंकों में पानी कुछ दिन का शेष रह गया है। इसलिए दो दिन छोड़कर पानी की सप्लाई देने का निर्णय लिया गया है। लोग जरूरत होने पर ही पानी इस्तेमाल करें, वाहनों को न धोएं। पेड़ों में पानी कम डालें। गर्म कपड़े कुछ दिनों बाद धोएं ताकि कुछ हद तक पानी को बचाया जा सके। -हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी
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रेवाड़ी। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को पेयजल की आपूर्ति नहीं किए जाने से शहरवासी परेशान रहे। लोगों को पीने के लिए पानी खरीदना पड़ा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेयजल संकट बढ़ सकता है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू नहर में 10 दिसंबर को पानी चलना था। अब 20 दिसंबर को पानी का शेड्यूल बताया जा रहा है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के वाटर टैंकों में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए अब एक दिन की बजाय दो दिन छोड़कर जलापूर्ति करने की तैयारी है।
शहर में 25 नवंबर से ही जेएलएन कैनाल में पानी चलना बंद होते ही जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल की सप्लाई कर दी गई थी। इधर, सर्दी में पानी भी ज्यादा लगता है, क्योंकि गर्म कपड़ों की धुलाई करने में पानी अधिक लगता है। ऐसे में लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।
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विभाग के जेई हेमंत कुमार ने बताया कि जब से नहर में पानी चलना बंद हुआ था, तब से ही कोई समस्या नहीं आए, इसलिए अल्टरनेट डे ही पानी छोड़ा जा रहा है। इस बार 16 दिन ही क्लोजर था, यानी 10 दिसंबर को नहर में पानी आना था, लेकिन अब यह टाइम बढ़कर 24 दिसंबर कर दिया है। नहर में 20 दिसंबर को पानीपत के खूबडू हेड से पानी छोड़ा जाएगा जो 23 दिसंबर की सुबह तक पहुंचने की संभावना है। कालाका जलघर के टैंकों में पानी के भंडारण की क्षमता कम होने से लगातार सप्लाई देने में समस्या है। टैंकों से केवल 15 से 20 दिन ही शहर की कॉलोनियों में पानी की सप्लाई दी जा सकती है। इसलिए नहर में पानी छोड़ने की बात कही जा रही है, ताकि समस्या नहीं आए। अगर पानी नहीं छोड़ा गया तो दो दिन छोड़कर भी सप्लाई की जा सकती है।
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हर माह होती है पानी की किल्लत
जनवरी की शुरुआत से ही पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। यह अब से नहीं लंबे अरसे से ऐसा ही चला आ रहा है। गर्मी में तो ऐसा हाल हो जाता है कि लोगों को पानी के टैंकर तक मंगाने पड़ जाते हैं। हर माह में पानी का संकट छा जाता है। लेकिन अब सर्दी में भी यह परेशानी पीछा नहीं छोड़ रही है। अगर यहां एक और वाटर टैंक बन जाए तो कुछ हद तक पानी की समस्या को दूर किया जा सकता है। जिसके लिए विभाग प्रयासरत है, लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ रही है। अब ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन खरीदने की कोशिश की जा रही है।
वर्जन:
जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी आने का शेड्यूल बदल गया है। अब नहर में पानी 24 दिसंबर को छोड़ा जाना है। ऐसे में टैंकों में पानी कुछ दिन का शेष रह गया है। इसलिए दो दिन छोड़कर पानी की सप्लाई देने का निर्णय लिया गया है। लोग जरूरत होने पर ही पानी इस्तेमाल करें, वाहनों को न धोएं। पेड़ों में पानी कम डालें। गर्म कपड़े कुछ दिनों बाद धोएं ताकि कुछ हद तक पानी को बचाया जा सके। -हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी