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Rewari News: ट्रांसफार्मर के चारों तरफ नहीं लगाई गई सुरक्षा जाली, हादसे का डर
Mon, 11 May 2026 12:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 11 May 2026 12:51 AM IST
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रेवाड़ी में मुख्य डाकघर के बाहर लगा ट्रांसफार्मर जिसके नहीं है जालिया। संवाद
रेवाड़ी। शहर में जगह-जगह बिना सुरक्षा जाली के खुले में रखे बिजली के ट्रांसफार्मर लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। इन ट्रांसफार्मरों के चलते दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। बारिश के मौसम पर जब ट्रांसफार्मर के चारों तरफ झाड़ियां उग आती हैं तो हादसे की आशंका अधिक होती है।
जिले में करीब 80 प्रतिशत ट्रांसफार्मर ऐसे हैं, जिन पर सुरक्षा जाली नहीं लगाई गई है। शहर की प्रमुख सड़कों, चौराहों और मोहल्लों में खुले व असुरक्षित तरीके से रखे ट्रांसफार्मर कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
विभिन्न गलियों, नुक्कड़ों और बाजारों में लगे ट्रांसफार्मरों के फ्यूज पॉइंट निर्धारित ऊंचाई से नीचे हैं। ऐसे में बाइक सवारों और पैदल राहगीरों के सिर टकराने का खतरा बना रहता है। कई जगहों पर फ्यूज पॉइंट से तार लटक रहे हैं, जिनमें बारिश के दौरान करंट आने की आशंका बनी रहती है।
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खुले ट्रांसफार्मरों से बच्चों, बंदरों और बेसहारा पशुओं को भी गंभीर खतरा है। शहर में कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के आसपास कचरा डाला जा रहा है। बिजली निगम ने पहले कुछ ट्रांसफार्मरों को जाली से कवर किया था, लेकिन बाद में लोगों ने उन स्थानों को कचरा डालने के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
इससे गोवंश के कचरे में मुंह मारने के दौरान करंट लगने का खतरा बढ़ गया है। गोल चक्कर, बारा हजारी, सरकुलर रोड स्थित डाकघर के पास, नाईवाली चौक सहित कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के नजदीक कचरे के ढेर लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई और सुरक्षा दोनों के अभाव में हादसे का डर बना रहता है।
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जिले में 15 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर
जिले में करीब 15 हजार बिजली ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इनमें कुछ ट्रांसफार्मर फाउंडेशन पर स्थापित हैं जबकि अधिकांश बिजली के खंभों पर रखे गए हैं। बिना सुरक्षा जाली के इन ट्रांसफार्मरों के पास से गुजरना जोखिम भरा साबित हो सकता है। शहर की संकरी गलियों में लगे ट्रांसफार्मर सबसे ज्यादा खतरनाक बने हुए हैं। हर साल करंट लगने से गोवंश की मौत के मामले भी सामने आते रहते हैं। अकेले शहर में करीब तीन हजार ट्रांसफार्मर हैं, जिनमें अधिकांश पर सुरक्षा जाली लगाने की जरूरत बताई जा रही है।
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सर्कुलर रोड पर बढ़ा खतरा
शहर के सर्कुलर रोड पर दिनभर भारी यातायात रहता है। इसके बावजूद यहां कई ट्रांसफार्मर बिना सुरक्षा जाली के खुले पड़े हैं। धारूहेड़ा चुंगी, डाकघर, अंबेडकर चौक, बस स्टैंड, नाईवाली चौक और रेलवे चौक के पास लगे ट्रांसफार्मरों पर सुरक्षा जाली लगाने की सबसे अधिक जरूरत है। इन स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के आसपास कचरा भी जमा रहता है, जिससे गोवंश और राहगीरों को करंट लगने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा मुख्य बाजार, मोती चौक और बारा हजारी क्षेत्र में भी कई ट्रांसफार्मर बिना सुरक्षा इंतजाम के रखे हुए हैं।
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जिले में करीब 80 प्रतिशत ट्रांसफार्मर ऐसे हैं, जिन पर सुरक्षा जाली नहीं लगाई गई है। शहर की प्रमुख सड़कों, चौराहों और मोहल्लों में खुले व असुरक्षित तरीके से रखे ट्रांसफार्मर कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
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विभिन्न गलियों, नुक्कड़ों और बाजारों में लगे ट्रांसफार्मरों के फ्यूज पॉइंट निर्धारित ऊंचाई से नीचे हैं। ऐसे में बाइक सवारों और पैदल राहगीरों के सिर टकराने का खतरा बना रहता है। कई जगहों पर फ्यूज पॉइंट से तार लटक रहे हैं, जिनमें बारिश के दौरान करंट आने की आशंका बनी रहती है।
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खुले ट्रांसफार्मरों से बच्चों, बंदरों और बेसहारा पशुओं को भी गंभीर खतरा है। शहर में कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के आसपास कचरा डाला जा रहा है। बिजली निगम ने पहले कुछ ट्रांसफार्मरों को जाली से कवर किया था, लेकिन बाद में लोगों ने उन स्थानों को कचरा डालने के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
इससे गोवंश के कचरे में मुंह मारने के दौरान करंट लगने का खतरा बढ़ गया है। गोल चक्कर, बारा हजारी, सरकुलर रोड स्थित डाकघर के पास, नाईवाली चौक सहित कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के नजदीक कचरे के ढेर लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई और सुरक्षा दोनों के अभाव में हादसे का डर बना रहता है।
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जिले में 15 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर
जिले में करीब 15 हजार बिजली ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इनमें कुछ ट्रांसफार्मर फाउंडेशन पर स्थापित हैं जबकि अधिकांश बिजली के खंभों पर रखे गए हैं। बिना सुरक्षा जाली के इन ट्रांसफार्मरों के पास से गुजरना जोखिम भरा साबित हो सकता है। शहर की संकरी गलियों में लगे ट्रांसफार्मर सबसे ज्यादा खतरनाक बने हुए हैं। हर साल करंट लगने से गोवंश की मौत के मामले भी सामने आते रहते हैं। अकेले शहर में करीब तीन हजार ट्रांसफार्मर हैं, जिनमें अधिकांश पर सुरक्षा जाली लगाने की जरूरत बताई जा रही है।
सर्कुलर रोड पर बढ़ा खतरा
शहर के सर्कुलर रोड पर दिनभर भारी यातायात रहता है। इसके बावजूद यहां कई ट्रांसफार्मर बिना सुरक्षा जाली के खुले पड़े हैं। धारूहेड़ा चुंगी, डाकघर, अंबेडकर चौक, बस स्टैंड, नाईवाली चौक और रेलवे चौक के पास लगे ट्रांसफार्मरों पर सुरक्षा जाली लगाने की सबसे अधिक जरूरत है। इन स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के आसपास कचरा भी जमा रहता है, जिससे गोवंश और राहगीरों को करंट लगने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा मुख्य बाजार, मोती चौक और बारा हजारी क्षेत्र में भी कई ट्रांसफार्मर बिना सुरक्षा इंतजाम के रखे हुए हैं।

रेवाड़ी में मुख्य डाकघर के बाहर लगा ट्रांसफार्मर जिसके नहीं है जालिया। संवाद