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Rewari News: विद्यालयों की लापरवाही...दो महीने बाद भी नहीं हुआ यूडाइस पोर्टल पर डाटा अपडेट
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फोटो: 6सेक्टर 4 स्थित जिला परियोजना संयोजक समग्र शिक्षा कार्यालय। संवाद
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग की सख्त हिदायतों के बावजूद जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों की तरफ से यूडाइस (एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली) पोर्टल पर डाटा अपडेट में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। पिछले दो महीनों से चल रही इस प्रक्रिया में अधिकांश विद्यालयों की उदासीनता के चलते अब तक लाखों छात्रों का डाटा पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पाया है।
जिले में कुल 948 राजकीय व निजी विद्यालयों में 1 लाख 72 हजार 692 छात्र पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 46 हजार 472 छात्रों का ही डाटा अपडेट हुआ है और अभी भी 1 लाख 26 हजार 220 छात्रों का डाटा अभी तक अपडेट नहीं हुआ है। इससे शिक्षा विभाग की कार्यशैली और विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है।
इसमें 73 हजार छात्र केवल रेवाड़ी खंड में ही अपडेट नहीं हो पाए हैं। वहीं, नाहड़ खंड में लगभग 75 प्रतिशत शिक्षकों का डाटा लंबित है। विभागीय अधिकारियों द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद स्कूल प्रशासन की अनदेखी बनी हुई है। शिक्षा विभाग की ओर से कई बार स्कूल मुखियाओं को हाइपर डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए जा चुके हैं लेकिन उसके बावजूद विद्यालयों की मनमानी जारी है। यह कोई पहली बार नहीं है जब स्कूल प्रशासन ने डाटा अपडेटिंग को लेकर ढिलाई बरती हो।
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यूडाइस डाटा का महत्व
यूडाइस पोर्टल पर विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं, छात्र संख्या, शिक्षकों की स्थिति सहित अन्य जानकारियां अपडेट की जाती हैं। इस डाटा के आधार पर ही केंद्र सरकार की ओर से बजट और संसाधनों का आवंटन किया जाता है। ऐसे में डाटा अपडेट न होना न केवल प्रशासनिक उदासीनता है बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
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खंड अनुसार विद्यार्थियों की यूडाइस पोर्टल पर अपडेट डाटा संख्या
खंड-- स्कूलों की संख्या-- छात्र संख्या-- डाटा अपडेट
बावल-- 199-- 29741-- 14903
जाटूसान-- 150-- 18463-- 3534
खोल-- 145-- 20652-- 6821
नाहड़-- 127-- 18713-- 4681
रेवाड़ी-- 327-- 85121-- 10794
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वर्जन
शिक्षा विभाग अब इस लापरवाही पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। जिलास्तर पर पीईओ, डाटा एंट्री ऑपरेटर, आईटी मैनेजर और अन्य तकनीकी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का लंबित डाटा की रिपोर्ट मांगी गई है। विभाग ने साफ किया है कि अब किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाह स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। -राजेंद्र शर्मा, जिला परियोजना संयोजक समग्र शिक्षा।
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जिले में कुल 948 राजकीय व निजी विद्यालयों में 1 लाख 72 हजार 692 छात्र पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 46 हजार 472 छात्रों का ही डाटा अपडेट हुआ है और अभी भी 1 लाख 26 हजार 220 छात्रों का डाटा अभी तक अपडेट नहीं हुआ है। इससे शिक्षा विभाग की कार्यशैली और विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है।
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इसमें 73 हजार छात्र केवल रेवाड़ी खंड में ही अपडेट नहीं हो पाए हैं। वहीं, नाहड़ खंड में लगभग 75 प्रतिशत शिक्षकों का डाटा लंबित है। विभागीय अधिकारियों द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद स्कूल प्रशासन की अनदेखी बनी हुई है। शिक्षा विभाग की ओर से कई बार स्कूल मुखियाओं को हाइपर डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए जा चुके हैं लेकिन उसके बावजूद विद्यालयों की मनमानी जारी है। यह कोई पहली बार नहीं है जब स्कूल प्रशासन ने डाटा अपडेटिंग को लेकर ढिलाई बरती हो।
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यूडाइस डाटा का महत्व
यूडाइस पोर्टल पर विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं, छात्र संख्या, शिक्षकों की स्थिति सहित अन्य जानकारियां अपडेट की जाती हैं। इस डाटा के आधार पर ही केंद्र सरकार की ओर से बजट और संसाधनों का आवंटन किया जाता है। ऐसे में डाटा अपडेट न होना न केवल प्रशासनिक उदासीनता है बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
खंड अनुसार विद्यार्थियों की यूडाइस पोर्टल पर अपडेट डाटा संख्या
खंड
बावल
जाटूसान
खोल
नाहड़
रेवाड़ी
वर्जन
शिक्षा विभाग अब इस लापरवाही पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। जिलास्तर पर पीईओ, डाटा एंट्री ऑपरेटर, आईटी मैनेजर और अन्य तकनीकी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का लंबित डाटा की रिपोर्ट मांगी गई है। विभाग ने साफ किया है कि अब किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाह स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। -राजेंद्र शर्मा, जिला परियोजना संयोजक समग्र शिक्षा।