फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   muniscipal council,development,villege,rewari

खींचतान में अटका 350 गांवों का विकास

Tue, 23 Aug 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
ब्यूरो /अमर उजाला Updated Tue, 23 Aug 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
muniscipal council,development,villege,rewari
जिला परिषद में तीन करोड़ रुपये की ग्रांट का वितरण नहीं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिला परिषद में करीब पांच माह पूर्व आई तीन करोड़ रुपये की ग्रांट का वितरण नहीं हो सका है। जिससे जिले का विकास रुक गया है। इसका मुख्य कारण  जिला प्रमुख एवं सूबे के मंत्री राव नरबीर सिंह गुट के मध्य खींचतान माना जा रहा है।
विज्ञापन

पंचायती राज विभाग की ओर से 31 मार्च को जिला परिषद के खाते में  जिले के विकास के लिए तीन करोड़ रुपये की ग्रांट आ गई थी।

पांच माह बीतने के बाद भी इस ग्रांट पर सहमति नहीं बनने से इसका अभी तक उपयोग नहीं हो सका है। इसका खामियाजा जिला परिषद से जुड़े 350 गांवों को उठाना पड़ रहा है। हालांकि जिला परिषद के गठन से लेकर अभी तक तीन बार जिला पार्षदों की बैठक भी हो चुकी है। लेकिन हर बैठक राजनीति की भेंट चढ़ी।
विज्ञापन


11 अगस्त को बुलाई थी वितरण के लिए बैठक
जिला परिषद चुनाव के समय से ही राव इंद्रजीत समर्थक जिला प्रमुख मंजूबाला एवं राव नरबीर समर्थक पार्षद सन्नी यादव गुट के बीच में छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है। परिषद की पहली बैठक जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान तक सिमट कर रह गई थी। वहीं बाकी दो बैठकों में वितरण में सहमति नहीं बन पाई। अंतिम बैठक अभी 11 अगस्त को बुलाई गई थी। ऐसे में ये बैठकें बिना किसी निर्णय तक पहुंचे ही समाप्त हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


केवल दफ्तर पर खर्च हुई राशि पर सहमति
पार्षद सन्नी यादव गुट के पार्षदों का कहना है कि बीती दो बैठकों में चेयरपर्सन ने केवल ऑफिस में कराए गए कार्यों पर हुए खर्च की बात तो रखी। ग्रांट वितरण की बात आते ही मुद्दे को डायवर्ट करा दिया जाता है। जिला परिषद का गठन हुए महीनों हो गए, लेकिन गांवों में एक भी विकास कार्य नहीं हुआ है। पार्षदों का आरोप है कि चेयरपर्सन अपने समर्थक पार्षदों को ज्यादा राशि देने की कोशिश कर रही है। चेयरपर्सन पर जिले के लोगों का दवाब होता है। वह वह अपने लिए ज्यादा ग्रांट रख सकती है, लेकिन बची हुई ग्रांट सभी 17 पार्षदों में समान वितरित होनी चाहिए।

आरोप निराधार
ग्रांट वितरण में पक्षपात के आरोप निराधार हैं। जिले के गांवों में सर्वे के कराया जा रहा है। प्राथमिकता के हिसाब से ग्रांट का वितरण किया जाएगा। गुटबाजी जैसी कोई बात नहीं है। एक-दो दिन में वार्ड पार्षदों को ग्रांट का वितरण कर दिया जाएगा।

-मंजूबाला, चेयरपर्सन, जिला परिषद, रेवाड़ी।

दुर्भाग्य की बात
 दो बैठकों में भी ग्रांट का वितरण नहीं होना दुर्भाग्य की बात है। मैंने बैठक में कहा था कि चेयरपर्सन होने के नाते आप ज्यादा ग्रांट अपने पास रख सकती हैं, लेकिन बची हुई ग्रांट का वितरण बराबर होना चाहिए। बैठक में यह भी कहा था कि आप मुझे छोड़कर बाकी पार्षदों को ग्रांट वितरित कर दें। ताकि गांवों में रुके हुए विकास कार्य हो सकें।
प्रशांत यादव (सन्नी), जिला पार्षद, वार्ड-9
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed