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Rewari News: शहर में पकड़े जाएंगे बंदर, नगर परिषद ने जारी किया टेंडर
Mon, 29 Sep 2025 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 29 Sep 2025 12:12 AM IST
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फोटो : 6शहर में घूम रहे बंदर। संवाद
- फोटो : 1
रेवाड़ी। शहर के लोगों को बंदरों के उत्पात से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने बंदरों को पकड़ने का टेंडर जारी कर दिया है। 500 बंदरों को पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर 7 लाख से अधिक रुपये खर्च होंगे। लक्ष्य को बढ़ाया भी जा सकता है।
शहर के माॅडल टाउन, विभिन्न सेक्टरों और पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के आसपास के क्षेत्रों में बंदरों का उत्पात कायम है। झुंड में घूमने वाले बंदर लोगों के घरों में घुस कर सामान को नष्ट कर देते हैं। आने जाने वाले लोगों पर हमला कर उन्हें काट लेते हैं। इसके चलते लोग भयभीत रहते हैं। बंदरों के काटने से लोगों के घायल होने की शिकायतें मिलती रहती हैं।
बंदरों के उत्पात से परेशान लोग कई बार नगर परिषद में शिकायत कर बंदरों को पकड़ने की मांग कर चुके हैं। लोगों की परेशानियों को देखते हुए नगर परिषद ने बंदरों को पकडऩे की योजना तैयार की है। बंदरों को आबादी के बाहर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ दिया जाएगा ताकि मानव और वन्यजीव के बीच संतुलन बना रहे। नगर परिषद का कहना है कि बंदरों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने का कार्य प्रशिक्षित और अनुभवी एजेंसियों से कराया जाएगा।
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लोगों का कहना है कि बंदरों को पकड़ने का अभियान नियमित चलना चाहिए, तभी बंदरों से छुटकारा मिल सकेगा। बंदरों को नियमित नहीं पकड़े जाने से इनकी संख्या बढञती रहती है जिससे लोगों को बंदरों के उत्पात से स्थायी रूप से निजात नहीं मिल पाती है।
शहर के निवासी राजेश, सुनील और राजू कुमार बताया कि बंदरों के कारण घरों और दुकानों में सामान को नुकसान पहुंचान पहुंच रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बंदरों से मुक्ति आवश्यक है।
माॅडल टाउन व सेक्टरों में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। माॅडल टाउन में करीब 15-20 बंदरों का झुंड घूमता है। जब भी कोई व्यक्ति घर से बाहर निकलता है तो बंदर उसे काटने के लिए दौड़ा लेते हैं। लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
लोगों ने बताया कि बंदरों का यह झुंड छतों पर रखी टंकियों, पौधों व अन्य वस्तुओं को नुकसान पहुंचाता है जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
100 से अधिक लोगों को काट चुके हैं बंदर
शहर में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। सिर्फ सितंबर माह में बंदर 100 से अधिक लोगों को काट कर घायल कर चुके हैं। ऐसे लोगों ने जिला अस्पताल में पहुंच कर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाया। बंदरों से सरकारी दफ्तरों में कार्यरत कर्मचारी भी परेशान हैं। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बंदरों का खौफ चरम पर है। यहां छह कर्मचारियों को बंदर काट चुके हैं। बंदरों का शिकार बने लोगों में जेई, माली, क्लर्क, स्वीपर और एक महिला शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि छुट्टी के बाद घर लौटते समय वह भयभीत रहेत हैं कि कहीं बंदर हमला न कर दें। वहीं रेवाड़ी की गढ़ी बोलनी रोड पर बंदरों का उत्पात कायम है। यहां से होकर अधिकारी और कर्मचारी गुजरते हैं।
वर्जन
बंदरों को पकड़ने के लिए नगर परिषद की तरफ से टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बंदरों को पकड़ने का कार्य शुरू किया जाएगा।-अंकित, एक्सईएन, नगर परिषद रेवाड़ी।
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शहर के माॅडल टाउन, विभिन्न सेक्टरों और पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के आसपास के क्षेत्रों में बंदरों का उत्पात कायम है। झुंड में घूमने वाले बंदर लोगों के घरों में घुस कर सामान को नष्ट कर देते हैं। आने जाने वाले लोगों पर हमला कर उन्हें काट लेते हैं। इसके चलते लोग भयभीत रहते हैं। बंदरों के काटने से लोगों के घायल होने की शिकायतें मिलती रहती हैं।
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बंदरों के उत्पात से परेशान लोग कई बार नगर परिषद में शिकायत कर बंदरों को पकड़ने की मांग कर चुके हैं। लोगों की परेशानियों को देखते हुए नगर परिषद ने बंदरों को पकडऩे की योजना तैयार की है। बंदरों को आबादी के बाहर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ दिया जाएगा ताकि मानव और वन्यजीव के बीच संतुलन बना रहे। नगर परिषद का कहना है कि बंदरों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने का कार्य प्रशिक्षित और अनुभवी एजेंसियों से कराया जाएगा।
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लोगों का कहना है कि बंदरों को पकड़ने का अभियान नियमित चलना चाहिए, तभी बंदरों से छुटकारा मिल सकेगा। बंदरों को नियमित नहीं पकड़े जाने से इनकी संख्या बढञती रहती है जिससे लोगों को बंदरों के उत्पात से स्थायी रूप से निजात नहीं मिल पाती है।
शहर के निवासी राजेश, सुनील और राजू कुमार बताया कि बंदरों के कारण घरों और दुकानों में सामान को नुकसान पहुंचान पहुंच रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बंदरों से मुक्ति आवश्यक है।
माॅडल टाउन व सेक्टरों में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। माॅडल टाउन में करीब 15-20 बंदरों का झुंड घूमता है। जब भी कोई व्यक्ति घर से बाहर निकलता है तो बंदर उसे काटने के लिए दौड़ा लेते हैं। लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
लोगों ने बताया कि बंदरों का यह झुंड छतों पर रखी टंकियों, पौधों व अन्य वस्तुओं को नुकसान पहुंचाता है जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
100 से अधिक लोगों को काट चुके हैं बंदर
शहर में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। सिर्फ सितंबर माह में बंदर 100 से अधिक लोगों को काट कर घायल कर चुके हैं। ऐसे लोगों ने जिला अस्पताल में पहुंच कर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाया। बंदरों से सरकारी दफ्तरों में कार्यरत कर्मचारी भी परेशान हैं। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बंदरों का खौफ चरम पर है। यहां छह कर्मचारियों को बंदर काट चुके हैं। बंदरों का शिकार बने लोगों में जेई, माली, क्लर्क, स्वीपर और एक महिला शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि छुट्टी के बाद घर लौटते समय वह भयभीत रहेत हैं कि कहीं बंदर हमला न कर दें। वहीं रेवाड़ी की गढ़ी बोलनी रोड पर बंदरों का उत्पात कायम है। यहां से होकर अधिकारी और कर्मचारी गुजरते हैं।
वर्जन
बंदरों को पकड़ने के लिए नगर परिषद की तरफ से टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बंदरों को पकड़ने का कार्य शुरू किया जाएगा।-अंकित, एक्सईएन, नगर परिषद रेवाड़ी।