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मोबाइल टावर लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
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रेवाड़ी। मोबाइल टावर लगाने के नाम पर तीन राज्यों में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से नकदी के अलावा 7 मोबाइल, 11 फर्जी सिमकार्ड व दो एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। आरोपी की पहचान हिमाचल प्रदेश के पोंटासाहिब निवासी धीरज के रूप में हुई है।
साइबर थाने के प्रबंधक निरीक्षक ऋषिकांत ने बताया कि बीते मंगलवार को शिकायतकर्ता बलजीत सिंह निवासी गांव रोझुवास ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके पास एक कॉल आया था। कॉल करने वाले ने अपना नाम निखिल कुमार बताया और कहा कि मैं जियो कम्पनी से हूं। उसने मुझे मोबाइल टावर लगाने की स्कीम के बारे में बताते हुए कहा कि इसका टोटल खर्च 50 हजार रुपये आएगा। इसके बाद निखिल कुमार ने 16 जून को 1750 रुपये फार्म फीस फोन पे द्वारा जमा करा लिए। इसके बाद निखिल के बॉस राजेश चौधरी ने 17 जून को फोन करने एनओसी सर्टिफिकेट फीस के नाम पर 23500 रुपये जमा करा लिए। इसके बाद 18 जून को राजेश चौधरी का फिर से फोन आया और उन्होंने पीटीएफ फीस के 19800 रुपये जमा कराए। 19 जून को राजेश चौधरी का फिर सेटीडीएस फीस के 30000 रुपये, 21 जून को टैक्स के 37500 रुपये सहित कुुल कुल 1 लाख 12 हजार 550 रुपये फोन-पे के माध्यम से जमा करवाए। पैसे ट्रांसफर किए गए नंबर के आधार पर डिटेल निकालते हुए पुलिस ने कार्रवाई की। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने कुल 80 हजार 500 रुपये, 7 मोबाइल, 11 फर्जी सिमकार्ड, 2 एटीएम बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में भी इसी प्रकार लाखों रुपयों की साइबर धोखाधड़ी की वारदात करने का खुलासा किया है। आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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साइबर थाने के प्रबंधक निरीक्षक ऋषिकांत ने बताया कि बीते मंगलवार को शिकायतकर्ता बलजीत सिंह निवासी गांव रोझुवास ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके पास एक कॉल आया था। कॉल करने वाले ने अपना नाम निखिल कुमार बताया और कहा कि मैं जियो कम्पनी से हूं। उसने मुझे मोबाइल टावर लगाने की स्कीम के बारे में बताते हुए कहा कि इसका टोटल खर्च 50 हजार रुपये आएगा। इसके बाद निखिल कुमार ने 16 जून को 1750 रुपये फार्म फीस फोन पे द्वारा जमा करा लिए। इसके बाद निखिल के बॉस राजेश चौधरी ने 17 जून को फोन करने एनओसी सर्टिफिकेट फीस के नाम पर 23500 रुपये जमा करा लिए। इसके बाद 18 जून को राजेश चौधरी का फिर से फोन आया और उन्होंने पीटीएफ फीस के 19800 रुपये जमा कराए। 19 जून को राजेश चौधरी का फिर सेटीडीएस फीस के 30000 रुपये, 21 जून को टैक्स के 37500 रुपये सहित कुुल कुल 1 लाख 12 हजार 550 रुपये फोन-पे के माध्यम से जमा करवाए। पैसे ट्रांसफर किए गए नंबर के आधार पर डिटेल निकालते हुए पुलिस ने कार्रवाई की। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने कुल 80 हजार 500 रुपये, 7 मोबाइल, 11 फर्जी सिमकार्ड, 2 एटीएम बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में भी इसी प्रकार लाखों रुपयों की साइबर धोखाधड़ी की वारदात करने का खुलासा किया है। आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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