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मसानी बैराज और भौंडसी में लगेंगे औषधीय पौधे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:02 AM IST
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औषधीय पौधे।
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लुप्त होती संजीवनी को अब साबी की रेत और अरावली की पहाड़ियां बचाएंगी। औषधीय पौधों को बचाने के लिए सरकार रेवाड़ी में साबी नदी पर मसानी बैराज एवं गुरुग्राम के समीप भौंडसी में अरावली की पहाड़ियों में औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। आयुष विभाग के नेशनल मेडिसन प्लांट बोर्ड ने हरियाणा वन विकास निगम को इस प्रोजेक्ट के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये देगी। यह पूरा प्रोजेक्ट चार साल का रहेगा। इस पर संभवत: थोड़े दिनों में काम शुरू हो जाएगा। जिससे बारिश तक प्लांटेशन का काम शुरू किया जा सके। हरियाणा वन विकास निगम की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को आयुष विभाग ने तुरंत ही स्वीकृत कर लिया है। इसके लिए भौंडसी में अरावली की पहाड़ियों एवं साबी नदी पर मसानी बैराज की जमीन निश्चित की गई है।
यह रहेगा क्षेत्र
अरावली की पहाड़ियों में स्थित भौंडसी में इसके लिए 275 हेक्टेयर एवं मसानी बैराज में कुल 15 किलोमीटर के क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा। भौंडसी में 200 प्लांट प्रति हेक्टेयर और मसानी बैराज में 1000 प्लांट प्रति बैराज लगाए जाएंगे। इनमें मिक्स प्लांट लगाए जाएंगे।
यह औषधीय पौधे लगाए जाएंगे
भौंडसी में कुल्लू गम, ढाक, तालर, बलवल, अमलताश, तीमल, खेंरी, हडजूल, सतावर एवं कालिहारी तथा मसानी बैराज में कमानी, बौखरू, अश्वगंधा, करेड़ी, पवाड़, जाड़, रोहेड़ा, खेहती, रौंध आदि औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। अरावली की पहाड़ियों में मुख्य रूप से काबली कीकर को हटाने पर जोर रहेगा।
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मेवात में भी प्रयास
अभी हालांकि वन निगम के भौंडसी और मसानी बैराज के प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं। लेकिन वन निगम ऐसा ही मेडिसन प्लांट मेवात में सिल्को की पहाड़ियों पर भी लगाना चाहता था। ताकि वहां भी भौतिक वातावरण के अनुसार औषधीय पौधे लगाए जा सकें।
हर्बल गार्डन और नेचर कैंप किया जाएगा विकसित
इन मेडिसिन प्लांट के अतिरिक्त समीप ही हर्बल गार्डन भी लगाया जाएगा। जिसमें किसानों एवं विद्यार्थियों को इन प्लांट के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ में नेचर कैंप भी विकसित किए जाएंगे। जिनमें विश्वभर के जीव-जंतुओं एवं उनकी डमी को लाया जाएगा। जिससे अधिक से अधिक जानकारी दी जा सके।
मसानी बैराज एवं भौंडसी के लिए साढ़े चार करोड़ का प्रोजेक्ट पास हो चुका है। इसमें औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। हमारा प्रयास मेवात के सिल्को की पहाड़ियों में भी इस तरह का प्लांटेशन करना रहेगा। इसके लिए शीघ्र ही प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
-सुभाष यादव, महाप्रबंधक, फॉरेस्ट कॉर्पोरेशन, गुरुग्राम
मेडिसिन प्लांट के अतिरिक्त हर्बल एवं नेचर कैंप की डवलप किए जाएंगे। यह दक्षिणी हरियाणा के लिए विशेष सौगात रहेगी। लोग अधिक से अधिक जीव-जंतुओं एवं पेड़-पौधों की जानकारी ले सकेंगे।
राव नरबीर सिंह, वनमंत्री
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यह रहेगा क्षेत्र
अरावली की पहाड़ियों में स्थित भौंडसी में इसके लिए 275 हेक्टेयर एवं मसानी बैराज में कुल 15 किलोमीटर के क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा। भौंडसी में 200 प्लांट प्रति हेक्टेयर और मसानी बैराज में 1000 प्लांट प्रति बैराज लगाए जाएंगे। इनमें मिक्स प्लांट लगाए जाएंगे।
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यह औषधीय पौधे लगाए जाएंगे
भौंडसी में कुल्लू गम, ढाक, तालर, बलवल, अमलताश, तीमल, खेंरी, हडजूल, सतावर एवं कालिहारी तथा मसानी बैराज में कमानी, बौखरू, अश्वगंधा, करेड़ी, पवाड़, जाड़, रोहेड़ा, खेहती, रौंध आदि औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। अरावली की पहाड़ियों में मुख्य रूप से काबली कीकर को हटाने पर जोर रहेगा।
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मेवात में भी प्रयास
अभी हालांकि वन निगम के भौंडसी और मसानी बैराज के प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं। लेकिन वन निगम ऐसा ही मेडिसन प्लांट मेवात में सिल्को की पहाड़ियों पर भी लगाना चाहता था। ताकि वहां भी भौतिक वातावरण के अनुसार औषधीय पौधे लगाए जा सकें।
हर्बल गार्डन और नेचर कैंप किया जाएगा विकसित
इन मेडिसिन प्लांट के अतिरिक्त समीप ही हर्बल गार्डन भी लगाया जाएगा। जिसमें किसानों एवं विद्यार्थियों को इन प्लांट के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ में नेचर कैंप भी विकसित किए जाएंगे। जिनमें विश्वभर के जीव-जंतुओं एवं उनकी डमी को लाया जाएगा। जिससे अधिक से अधिक जानकारी दी जा सके।
मसानी बैराज एवं भौंडसी के लिए साढ़े चार करोड़ का प्रोजेक्ट पास हो चुका है। इसमें औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। हमारा प्रयास मेवात के सिल्को की पहाड़ियों में भी इस तरह का प्लांटेशन करना रहेगा। इसके लिए शीघ्र ही प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
-सुभाष यादव, महाप्रबंधक, फॉरेस्ट कॉर्पोरेशन, गुरुग्राम
मेडिसिन प्लांट के अतिरिक्त हर्बल एवं नेचर कैंप की डवलप किए जाएंगे। यह दक्षिणी हरियाणा के लिए विशेष सौगात रहेगी। लोग अधिक से अधिक जीव-जंतुओं एवं पेड़-पौधों की जानकारी ले सकेंगे।
राव नरबीर सिंह, वनमंत्री