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पेयजल संकट : लिसाना वाटर वर्क्स की मुख्य लाइन क्षतिग्रस्त, 9 वार्डों समेत तीन गांवों में नहीं आएगा पानी
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क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से जमा हो रहा पानी। स्रोत : ग्रामीण
रेवाड़ी। शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर अगले तीन दिन परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लिसाना वाटर वर्क्स से आने वाली 600 एमएम की मुख्य पेयजल लाइन रेवाड़ी-हिसार रेलवे लाइन के पास हुडा बाईपास पर क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते शहर के वार्ड 24 से 32 तक के साथ-साथ गोकलगढ़, चांदावास और कालूवास गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी। लाइन की मरम्मत में तीन दिन का समय लग सकता है। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों के लोगों को इस अवधि में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
लिसाना वाटर वर्क्स की मुख्य लाइन शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। हुडा बाईपास पर रेलवे लाइन के नजदीक इसके क्षतिग्रस्त होने के कारण मरम्मत कार्य जरूरी हो गया है।
वार्ड 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30, 31 और 32 में पानी की सप्लाई बंद रहेगी। इसके अलावा गोकलगढ़, चांदावास और कालुवास गांव भी प्रभावित होंगे। मरम्मत कार्य पूरा होने तक इन क्षेत्रों के निवासियों को पेयजल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। खासकर उन परिवारों को अधिक परेशानी हो सकती है जिनके पास पानी का पर्याप्त भंडारण करने की सुविधा नहीं है।
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विभाग पानी की व्यवस्था करने में जुटा
जन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि क्षतिग्रस्त लाइन को जल्द से जल्द ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि मरम्मत पूरी होने और सामान्य आपूर्ति बहाल होने में तीन दिन लगने की संभावना जताई गई है। वास्तविक समय मरम्मत कार्य की प्रगति पर निर्भर करेगा। विभाग ने यह भी कहा है कि पानी की व्यवस्था लोगों के लिए बनाई जा रही है किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। आपूर्ति प्रभावित रहने की सूचना के बाद संबंधित क्षेत्रों के लोगों को उपलब्ध पानी का जरूरत के अनुसार उपयोग करने और पीने के पानी का पर्याप्त भंडारण रखने की जरूरत है।
पाइपलाइन में पहले से था रिसाव
विभाग के जेई सुनील ने बताया कि पाइपलाइन में पहले रिसाव था। मरम्मत के लिए जब मौके पर मिट्टी हटाई गई तो वहां पानी अधिक मात्रा में भरने लगा। इसके बाद पाइपलाइन को ठीक करने का काम शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य में दो से तीन दिन लग सकते हैं। विभाग की टीम पाइपलाइन को जल्द ठीक कर पेयजल आपूर्ति बहाल करने के प्रयास कर रही है।
दो जलघरों के भरोसे पेयजल व्यवस्था
शहर में पेयजल आपूर्ति मुख्य रूप से कालाका और लिसाना स्थित जलघरों पर निर्भर है। कालाका जलघर में करीब 950 लाख गैलन और लिसाना जलघर में लगभग 340 लाख गैलन पानी भंडारण की क्षमता है। दोनों की कुल क्षमता करीब 1,290 लाख गैलन यानी 12.9 करोड़ गैलन है। इन जलघरों में आठ टैंकों के जरिये पानी जमा कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आपूर्ति की जाती है।
यहां करीब 15 दिन की जरूरत का पानी संग्रहित किया जा सकता है। यहां नहर से आने वाले पानी को एकत्रित कर शोधित किया जाता है ताकि उसे पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। इसके बाद मुख्य पाइपलाइनों और वितरण नेटवर्क के जरिये पानी शहर के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया जाता है।
लिसाना वाटर वर्क्स की मुख्य लाइन क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया गया है। कोशिश यह है कि 2 दिन के अंदर मरम्मत के कार्य को पूरा करवाया जाएगा। लोगों को पानी देने के लिए भी व्यवस्था बनाई जा रही है। एक दिन छोड़कर पानी दिया जाएगा।
वीपी चौहान, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग।
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लिसाना वाटर वर्क्स की मुख्य लाइन शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। हुडा बाईपास पर रेलवे लाइन के नजदीक इसके क्षतिग्रस्त होने के कारण मरम्मत कार्य जरूरी हो गया है।
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वार्ड 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30, 31 और 32 में पानी की सप्लाई बंद रहेगी। इसके अलावा गोकलगढ़, चांदावास और कालुवास गांव भी प्रभावित होंगे। मरम्मत कार्य पूरा होने तक इन क्षेत्रों के निवासियों को पेयजल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। खासकर उन परिवारों को अधिक परेशानी हो सकती है जिनके पास पानी का पर्याप्त भंडारण करने की सुविधा नहीं है।
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विभाग पानी की व्यवस्था करने में जुटा
जन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि क्षतिग्रस्त लाइन को जल्द से जल्द ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि मरम्मत पूरी होने और सामान्य आपूर्ति बहाल होने में तीन दिन लगने की संभावना जताई गई है। वास्तविक समय मरम्मत कार्य की प्रगति पर निर्भर करेगा। विभाग ने यह भी कहा है कि पानी की व्यवस्था लोगों के लिए बनाई जा रही है किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। आपूर्ति प्रभावित रहने की सूचना के बाद संबंधित क्षेत्रों के लोगों को उपलब्ध पानी का जरूरत के अनुसार उपयोग करने और पीने के पानी का पर्याप्त भंडारण रखने की जरूरत है।
पाइपलाइन में पहले से था रिसाव
विभाग के जेई सुनील ने बताया कि पाइपलाइन में पहले रिसाव था। मरम्मत के लिए जब मौके पर मिट्टी हटाई गई तो वहां पानी अधिक मात्रा में भरने लगा। इसके बाद पाइपलाइन को ठीक करने का काम शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य में दो से तीन दिन लग सकते हैं। विभाग की टीम पाइपलाइन को जल्द ठीक कर पेयजल आपूर्ति बहाल करने के प्रयास कर रही है।
दो जलघरों के भरोसे पेयजल व्यवस्था
शहर में पेयजल आपूर्ति मुख्य रूप से कालाका और लिसाना स्थित जलघरों पर निर्भर है। कालाका जलघर में करीब 950 लाख गैलन और लिसाना जलघर में लगभग 340 लाख गैलन पानी भंडारण की क्षमता है। दोनों की कुल क्षमता करीब 1,290 लाख गैलन यानी 12.9 करोड़ गैलन है। इन जलघरों में आठ टैंकों के जरिये पानी जमा कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आपूर्ति की जाती है।
यहां करीब 15 दिन की जरूरत का पानी संग्रहित किया जा सकता है। यहां नहर से आने वाले पानी को एकत्रित कर शोधित किया जाता है ताकि उसे पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। इसके बाद मुख्य पाइपलाइनों और वितरण नेटवर्क के जरिये पानी शहर के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया जाता है।
लिसाना वाटर वर्क्स की मुख्य लाइन क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया गया है। कोशिश यह है कि 2 दिन के अंदर मरम्मत के कार्य को पूरा करवाया जाएगा। लोगों को पानी देने के लिए भी व्यवस्था बनाई जा रही है। एक दिन छोड़कर पानी दिया जाएगा।
वीपी चौहान, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग।