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Rewari News: मां शैलपुत्री की पूजा कर मांगी मन्नत
Wed, 10 Apr 2024 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 10 Apr 2024 01:32 AM IST
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रेवाड़ी। दुर्गा माता मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। संवाद
रेवाड़ी। चैत्र नवरात्र के पहले दिन घरों में घट स्थापना के साथ ही मंदिरों में श्रद्धालु उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं ने प्रथमदिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई । श्रद्धालुओं ने उपवास भी रखा।
शहर के माता मंदिर बारा हजारी स्थित मां दुर्गा मंदिर, मोहल्ला नई बस्ती स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ माता मनसा देवी मंदिर में निशान यात्रा, बड़ा तालाब देवी का मंदिर, मॉडल टाउन स्थित राधा-कृष्ण मंदिर सहित शहर और गांव के छोटे-बड़े माता मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की महिमा का गुणगान किया।
बारा हजारी दुर्गा मंदिर में महिला मंडली द्वारा भजन-कीर्तन भी किए गए। चैत्र नवरात्र के साथ ही हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है। इसी दिन दुर्गा मां के पहले स्वरूप के लिए व्रत रखा जाता है। नवरात्रों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। वहीं नवरात्र के दूसरे दिन मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। इनको ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है। कठोर साधना और शुद्ध आचरण के कारण इनको ब्रह्मचारिणी कहा गया है। इनकी पूजा से खास तौर पर साधना करने वालों, विद्यार्थियों या तपस्वियों को विशेष लाभ होता है।
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शहर के माता मंदिर बारा हजारी स्थित मां दुर्गा मंदिर, मोहल्ला नई बस्ती स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ माता मनसा देवी मंदिर में निशान यात्रा, बड़ा तालाब देवी का मंदिर, मॉडल टाउन स्थित राधा-कृष्ण मंदिर सहित शहर और गांव के छोटे-बड़े माता मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की महिमा का गुणगान किया।
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बारा हजारी दुर्गा मंदिर में महिला मंडली द्वारा भजन-कीर्तन भी किए गए। चैत्र नवरात्र के साथ ही हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है। इसी दिन दुर्गा मां के पहले स्वरूप के लिए व्रत रखा जाता है। नवरात्रों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। वहीं नवरात्र के दूसरे दिन मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। इनको ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है। कठोर साधना और शुद्ध आचरण के कारण इनको ब्रह्मचारिणी कहा गया है। इनकी पूजा से खास तौर पर साधना करने वालों, विद्यार्थियों या तपस्वियों को विशेष लाभ होता है।
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