{"_id":"65f373c1b513327ed200dac4","slug":"life-of-fire-fighting-equipment-installed-at-railway-station-completes-rewari-news-c-198-1-rew1001-202053-2024-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: रेलवे स्टेशन पर लगे अग्निशमन उपकरणों की उम्र पूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: रेलवे स्टेशन पर लगे अग्निशमन उपकरणों की उम्र पूरी
Fri, 15 Mar 2024 03:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 15 Mar 2024 03:31 AM IST
विज्ञापन
रेवाड़ी। रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर लगे अग्निशमन यंत्र कभी भी धोखा दे सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि रेलवे स्टेशन पर लगे अग्निशमन यंत्र अपनी एक्सपायरी डेट पूरी कर चुके हैं। दरअसल, एक्सपायरी डेट फरवरी की थी जो कि निकल चुकी है। अब मार्च चल रहा है। मार्च का भी आधा महीना बीत चुका है, लेकिन अभी तक एक्सपायर हुए यंत्रों को बदला नहीं गया है। अमर उजाला की टीम ने जब रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर पड़ताल की तो पता चला कि सभी प्लेटफार्म पर स्थिति एक जैसी है। रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर आठ प्लेटफार्म हैं। सभी प्लेटफार्म पर अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था जरूर है, लेकिन सभी एक्सपायर हैं। इन यंत्रों के पास से अधिकारी अक्सर गुजरते हैं। एक्सपायरी डेट भी बड़े-बड़े अक्षरों में लिखी गई है। उसके बावजूद अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्टेशन अधीक्षक को भी इस बात कि जानकारी नहीं है कि उनके यंत्र एक्सपायरी डेट पार कर चुके हैं। ऐसे में अगर कभी भी आपातकाल स्थिति आती है तो बड़ा नुकसान हो सकता है, जिसके लिए रेवाड़ी रेलवे स्टेशन बिल्कुल भी तैयार नहीं है।
रेलवे स्टेशन पर लगे हैं 16 अग्निशमन यंत्र
रेलवे स्टेशन की जब पड़ताल की गई तो सामने आया कि रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर करीब 16 अग्निशमन यंत्र लगे हैं। प्रत्येक प्लेटफार्म पर अग्निशमन यंत्रों की संख्या जरूरत के हिसाब से 4 से 5 है। कुल आठ प्लेटफार्म हैं। 13 अग्निशमन यंत्र 23 फरवरी 2023 को लगे थे और इसकी एक्सपायरी डेट 22 फरवरी 2024 की थी, जो कि अभी तक बदले नहीं गए हैं। एक अग्निशमन यंत्र वीरवार को एक्सपायर हो गया। दो अग्निशमन यंत्र 22 मार्च को एक्सपायर होंगे। कुछ अग्निशमन यंत्रों की स्थिति इस प्रकार की है कि वह जंग खा रहे हैं। अगर उसको उपयोग में भी लाया जाता है तो उसका कोई लाभ नहीं होने वाला है क्योंकि मौके पर वह काम ही नहीं करेंगे।
अग्निशामक यंत्रों में दोबारा गैस भरना जरूरी
नियमों के मुताबिक अग्निशामक यंत्रों को दोबारा भरना जरूरी है। भले ही इसका इस्तेमाल नहीं किया गया हो या सिर्फ एक बार ही इस्तेमाल किया हुआ हो। यंत्र को फिर से भरना होता है ताकि इसका उपयोग किया जा सके। यंत्र में एक गैस होती है जो आग बुझाने में काफी लाभकारी होती है। एक्सपायरी डेट इसलिए लिखी जाती है ताकि उसे बदला जा सके और जरूरत पड़ने पर यह यंत्र धोखा न दें।
विज्ञापन
छह अलग-अलग दिशाओं में निकलती हैं ट्रेनें
रेवाड़ी रेलवे जंक्शन से छह अलग-अलग दिशाओं में रेलवे लाइन निकलती है। रेवाड़ी-दिल्ली, रेवाड़ी-अलवर, रेवाड़ी-झज्जर, रेवाड़ी-भिवानी, रेवाड़ी-नारनौल, रेवाड़ी-महेद्रगढ़ और 7वीं लाइन मालगाड़ियों के लिए स्पेशल बनाई हुई है। यहां पर यहां से हजारों की संख्या में लोग विभिन्न दिशाओं के लिए सफर करते हैं। रोजाना 100 से अधिक गाड़ियां यहां से गुजरती हैं। वंदे भारत ट्रेन भी रेवाड़ी से ही होकर जाती है। त्योहारी के सीजन में 12 से 13 हजार और आम दिनों में 7 से 8 हजार जनरल टिकट काटी जाती हैं। आरक्षण से सफर करने वालों की संख्या 4 से 5 हजार होती है। रेवाड़ी से अच्छा राजस्व प्राप्त होता है। अगर रेलवे स्टेशन पर किसी ट्रेन में बड़ी घटना होती है तो एक्सपायर अग्निशमन यंत्र परेशानी का सबब बन सकते हैं।
-- -- -
रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफार्म पर अग्निशमन यंत्र लगे हैं, लेकिन अभी तक एक्सपायर नहीं हुए हैं।
चंद्र प्रकाश यादव, स्टेशन अधीक्षक, रेवाड़ी
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर लगे हैं 16 अग्निशमन यंत्र
रेलवे स्टेशन की जब पड़ताल की गई तो सामने आया कि रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर करीब 16 अग्निशमन यंत्र लगे हैं। प्रत्येक प्लेटफार्म पर अग्निशमन यंत्रों की संख्या जरूरत के हिसाब से 4 से 5 है। कुल आठ प्लेटफार्म हैं। 13 अग्निशमन यंत्र 23 फरवरी 2023 को लगे थे और इसकी एक्सपायरी डेट 22 फरवरी 2024 की थी, जो कि अभी तक बदले नहीं गए हैं। एक अग्निशमन यंत्र वीरवार को एक्सपायर हो गया। दो अग्निशमन यंत्र 22 मार्च को एक्सपायर होंगे। कुछ अग्निशमन यंत्रों की स्थिति इस प्रकार की है कि वह जंग खा रहे हैं। अगर उसको उपयोग में भी लाया जाता है तो उसका कोई लाभ नहीं होने वाला है क्योंकि मौके पर वह काम ही नहीं करेंगे।
विज्ञापन
अग्निशामक यंत्रों में दोबारा गैस भरना जरूरी
नियमों के मुताबिक अग्निशामक यंत्रों को दोबारा भरना जरूरी है। भले ही इसका इस्तेमाल नहीं किया गया हो या सिर्फ एक बार ही इस्तेमाल किया हुआ हो। यंत्र को फिर से भरना होता है ताकि इसका उपयोग किया जा सके। यंत्र में एक गैस होती है जो आग बुझाने में काफी लाभकारी होती है। एक्सपायरी डेट इसलिए लिखी जाती है ताकि उसे बदला जा सके और जरूरत पड़ने पर यह यंत्र धोखा न दें।
विज्ञापन
छह अलग-अलग दिशाओं में निकलती हैं ट्रेनें
रेवाड़ी रेलवे जंक्शन से छह अलग-अलग दिशाओं में रेलवे लाइन निकलती है। रेवाड़ी-दिल्ली, रेवाड़ी-अलवर, रेवाड़ी-झज्जर, रेवाड़ी-भिवानी, रेवाड़ी-नारनौल, रेवाड़ी-महेद्रगढ़ और 7वीं लाइन मालगाड़ियों के लिए स्पेशल बनाई हुई है। यहां पर यहां से हजारों की संख्या में लोग विभिन्न दिशाओं के लिए सफर करते हैं। रोजाना 100 से अधिक गाड़ियां यहां से गुजरती हैं। वंदे भारत ट्रेन भी रेवाड़ी से ही होकर जाती है। त्योहारी के सीजन में 12 से 13 हजार और आम दिनों में 7 से 8 हजार जनरल टिकट काटी जाती हैं। आरक्षण से सफर करने वालों की संख्या 4 से 5 हजार होती है। रेवाड़ी से अच्छा राजस्व प्राप्त होता है। अगर रेलवे स्टेशन पर किसी ट्रेन में बड़ी घटना होती है तो एक्सपायर अग्निशमन यंत्र परेशानी का सबब बन सकते हैं।
रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफार्म पर अग्निशमन यंत्र लगे हैं, लेकिन अभी तक एक्सपायर नहीं हुए हैं।
चंद्र प्रकाश यादव, स्टेशन अधीक्षक, रेवाड़ी