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औसत से कम बारिश से घट सकता है बाजरे का उत्पादन, 32 हजार किसानों ने कराया पंजीकरण

Tue, 18 Aug 2020 10:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2020 10:33 PM IST
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less rain can reduce the prodution of millet
बाजरे की सरकारी समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिए जिले के 32 हजार किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। लेकिन इस बार मई से जुलाई माह में औसत से भी कम वर्षा होने के कारण जिले में बाजरे का उत्पादन घटने की संभावना है। हालांकि वर्ष 2019 खरीफ सीजन में भी बाजरे का रकबा 60 हजार हेक्टयेर क्षेत्रफल में था जिसमें 301267 क्विंटल बाजरे की बिक्री किसानों द्वारा की गई थी। लेकिन इस बार समय पर बारिश नहीं होने से पैदावार घटने की संभावना बनी हुई है। वहीं किसानों को अपनी पछेती बाजरे की फसल के दम पर इस बार भी उत्पाद अच्छा होने की पूरी उम्मीद है। खरीफ फसलों की बिजाई को देखा जाए तो जिला में कुल 90 हजार हेक्टेयर में फसलों की बिजाई की जाती है जिसमें सबसे अधिक 60 हजार हेक्टेयर में बाजरे की बिजाई होती है। इसके उपरांत 20 हजार हेक्टेयर में कपास तथा 10 हजार हेक्टेयर में ग्वार व अन्य फसलें बिजाई की जाती हैं।
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अगेती फसलों की नहीं हुई ग्रोथ
किसानों की मानें तो अगेती बाजरे की फसलों में समय पर वर्षा नहीं होने से ग्रोथ कम रही है जिसके कारण उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। मई से जुलाई माह तक इस बार औसत से कम बारिश होने के कारण बाजरे की ग्रोथ भी अधिक नहीं हो पाई है। लेकिन पछेती फसलों की अगस्त माह में अच्छी बारिश होने से भरपूर ग्रोथ भी हो रही है। मई माह के अंत में अच्छी बारिश होने के बाद जिला में बिजाई तो पूरी हो गई लेकिन दो माह तक बारिश औसत से कम रहने से इस बार बाजरे का उत्पादन घट सकता है।
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पिछले साल की अपेक्षा 7 हजार बढ़ी पंजीकरण की संख्या:
वर्ष 2019 खरीफ सीजन में बाजरे की पैदावार बिक्री के लिए जिले के 25 हजार किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। लेकिन इस बार यह आंकड़ा 7 हजार बढ़कर 32 हजार पर पहुंच चुका है। पिछले साल 25 हजार किसानों से 2 लाख 50 हजार क्विंटल सरकारी एवं 51267 क्विंटल प्राइवेट खरीद हुई थी।
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2017 में जुलाई माह में हुई थी 202.3 एमएम बारिश
वर्ष मई जून जुलाई
2015 8.3 86.8 142
2016 92.3 71.2 275.3
2017 40.5 163.3 75.3
2018 5.8 84.5 202.3
2019 17.5 33 186.8
2020 43.3 62.5 53 एमएम
अगस्त में हुई बारिश से पछेती फसलें देंगी अधिक पैदावार : उपमंडल कृषि अधिकारी
उपमंडल कृषि अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि मई से जुलाई माह तक औसत से कम बारिश होने के कारण इस बार बाजरे की फसलों में अच्छी ग्रोथ नहीं हो पाई है। लेकिन पछेती बाजरे की फसलों में अगस्त माह के दौरान हुई बारिश से अच्छी ग्रोथ हुई है जो उत्पाद को बढ़ाने में सहायक होगी। 20 से 25 दिनों में बाजरे की अगेती फसल पककर तैयार हो जाएगी। मौसम सही रहा तो सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में कटाई भी शुरू हो जाएगी।
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