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अवैध निर्माण व कालोनी काटने वाले दो के खिलाफ मुकदमे दर्ज
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सरकार द्वारा घोषित नियंत्रित क्षेत्रों में अवैध निर्माण न हो इस संबंध में डीसी यशेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को नगर योजनाकार एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में एसडीएम रेवाड़ी रवींद्र यादव, एसडीएम कोसली कुशल कटारिया, एसडीएम बावल मनोज कुमार, डीएसपी राजेश लोहान, डीटीपी देवेंद्र पाल, क्षेत्रानुवेशक अनिल कुमार, तहसीलदार प्रदीप देशवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। डीसी ने निर्देश दिए कि अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण न हो उसके लिए विभाग द्वारा उचित कदम उठाए जाएं। अवैध कालोनियों को रोकने के लिए सभी विभाग तालमेल से कार्य करें। बैठक में बताया कि अवैध निर्माण व अवैध कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ दो मुकदमे जिनमें एक धारूहेड़ा व एक रेवाड़ी में दर्ज करवाए गए हैं। अक्तूबर माह में कोसली, रेवाड़ी, बावल में अवैध कॉलोनी पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई तथा विभाग द्वारा भविष्य में अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग द्वारा नियंत्रित क्षेत्र धारूहेड़ा व कोसली को हरियाणा अर्बन एरिया एक्ट 1975 की धारा 7ए लागू की गई है। भविष्य में रजिस्ट्री करवाने से पूर्व डीटीपी कार्यालय से अनापत्ति पत्र प्राप्त करना होगा।
अवैध निर्माण पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान
डीसी ने बताया कि अवैध निर्माण करने व नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध डीटीपी विभाग द्वारा निर्माण को गिराया जा सकता है। इस प्रकार के अपराध के लिए न्यायालय द्वारा 3 वर्ष तक के कारावास या 10 से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान भी है। इसलिए आम लोगों को सचेत किया जाता है कि वे नियंत्रित क्षेत्रों या नगरीय क्षेत्रों में महानिदेशक, नगर तथा ग्राम आयोजन विभाग हरियाणा चंडीगढ़ से अनुमति प्राप्त किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण, पुनर्निर्माण या अनाधिकृत कॉलोनी की स्थापना न करें।
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अवैध निर्माण पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान
डीसी ने बताया कि अवैध निर्माण करने व नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध डीटीपी विभाग द्वारा निर्माण को गिराया जा सकता है। इस प्रकार के अपराध के लिए न्यायालय द्वारा 3 वर्ष तक के कारावास या 10 से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान भी है। इसलिए आम लोगों को सचेत किया जाता है कि वे नियंत्रित क्षेत्रों या नगरीय क्षेत्रों में महानिदेशक, नगर तथा ग्राम आयोजन विभाग हरियाणा चंडीगढ़ से अनुमति प्राप्त किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण, पुनर्निर्माण या अनाधिकृत कॉलोनी की स्थापना न करें।
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