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Rewari News: कर्मभूमि रियल एस्टेट का निवेश घोटाला सेशन कोर्ट पहुंचा, 621 निवेशकों को जगी न्याय की आस

Wed, 05 Nov 2025 10:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 05 Nov 2025 10:55 PM IST
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Karmabhoomi Real Estate investment scam reaches Sessions Court, 621 investors hope for justice
फोटो : 1जिला न्यायालय रेवाड़ी। संवाद
रेवाड़ी। करोड़ों रुपये की ठगी के चर्चित मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी) मिताली अग्रवाल की अदालत ने आरोपी मनोज कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और एचपीआईडीएफई अधिनियम की धारा-3 के तहत मुकदमे का सामना करने के लिए सेशन कोर्ट भेज दिया है। अदालत ने कहा कि रिपोर्ट से स्पष्ट है कि यह गंभीर आर्थिक अपराध है जिसकी सुनवाई केवल सेशन कोर्ट में हो सकती है। इसलिए मामला सेशन जज (रेवाड़ी) की अदालत में भेजा गया है।
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आरोपी को 10 नवंबर सुबह 10 बजे अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है। आदेश के बाद लगभग 621 निवेशकों ने राहत की सांस ली है, जिन्होंने कंपनी पर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप लगाया था।
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फरवरी 2022 में विमला देवी और अन्य शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी कि वर्ष 2011 में बावल रोड के पास कर्मभूमि रियल एस्टेट लिमिटेड नाम से एक कार्यालय खोला गया था। कंपनी के संचालकों ने ग्रामीणों को मल्टीप्लेक्स इंस्टॉलमेंट स्कीम के तहत भूखंड दिलाने और निवेश पर उच्च रिटर्न देने का लालच दिया। ग्रामीणों को मेहनत की कमाई लगाने के लिए प्रेरित किया गया। आरोप है कि कंपनी के पदाधिकारियों ने भूखंडों और निवेश की आड़ में लगभग 621 निवेशकों से करोड़ों रुपये जमा कर लिए और रसीदें जारी कीं।
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शिकायतकर्ताओं की ओर से जमा किए गए पैसे वापस करने या वादे के अनुसार भूखंड देने की बार-बार मांग करने पर आरोपियों ने इनकार कर दिया। झूठा दावा किया गया कि पैसा वापस दे दिया जाएगा।
बड़ी रकम इकट्ठा करने के बाद आरोपी अचानक कार्यालय बंद कर भाग गए। अब अदालत के आदेश के बाद यह मामला सेशन कोर्ट में विचाराधीन रहेगा जहां आरोपियों पर धोखाधड़ी और विश्वासघात के गंभीर आरोपों की सुनवाई होगी।



प्रधान कार्यालय पहुंचने पर पता चला- 2016 से ऑफिस है खाली

जांच के दौरान पुलिस ने दस्तावेजों में दर्ज कंपनी के प्रधान कार्यालय के यूपी के जिला मथुरा का दौरा किया। वहां मौजूद लोगों से पता चला कि आरोपी ने 30 सितंबर 2016 को ही वह ऑफिस खाली कर दिया था और वहां कर्मभूमि रियल एस्टेट लिमिटेड की कोई बिजनेस एक्टिविटी नहीं हो रही थी। आरोपियों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजे गए लेकिन वे पेश नहीं हुए। दूसरी ओर 65 शिकायतकर्ता जांच में शामिल हुए उन्होंने अपने डिटेल में बयान दर्ज कराए और आरोपियों के पास जमा किए गए पैसे के डॉक्यूमेंट्री सबूत पेश किए।




पैसे को दोगुना करने और प्लॉट अलॉट करने का दिया था झांसा

जांच करने पर पाया गया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं को उनके पैसे को दोगुना करने और प्लॉट अलॉट करने का झूठा भरोसा दिलाकर बेईमानी से पैसे इन्वेस्ट करने के लिए उकसाया जिससे शिकायतकर्ताओं के साथ धोखा हुआ और उनके पैसे का गलत इस्तेमाल किया गया। आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर पुलिस ने केस दर्ज करने की सिफारिश की। इसके बाद पुलिस स्टेशन मॉडल टाउन में सेक्शन 420 और 406 आईपीसी के तहत केस मई 2022 को दर्ज किया गया था।
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