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Rewari News: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से हांफी व्यवस्था, 150 गांवों और 60 कॉलोनियों में ब्लैकआउट
Fri, 23 Oct 2026 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 23 Oct 2026 12:15 AM IST
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धारूहेड़ा सब डिविजन में हड़ताल पर बैठे कर्मचारी ओर तैनात पुलिसकर्मी। संवाद
रेवाड़ी। बिजली वितरण का लाइसेंस निजी एजेंसी को देने के विरोध में बिजली कर्मचारियों की बुधवार की रात 10 बजे से शुरू हुई तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। 150 गांवों और 60 से अधिक कॉलोनियों में बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सबसे अधिक परेशानी पेयजल आपूर्ति नहीं होने से हुई। बिजली निगम के कार्यालयों के सामने बिजली कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
बावल, झाबुआ, खिजूरी, नागल शहबाजपुर, नगली, बिदावास खेड़ा, मंगलेश्वर और तिहाड़ा समेत करीब दो दर्जन गांवों में बिजली गुल रही। 300 उद्योग भी प्रभावित रहे। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ औद्योगिक इलाकों में भी बिजली संकट गहरा गया है।
बावल शहर में भी सुबह 11 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित रही। गांधी नगर, काजीवाड़ा, नशियाजी रोड, शांति नगर, आर्य नगर, आजाद नगर, सर्कुलर रोड और पंजाबी मार्केट, आदर्श नगर समेत 2 दर्जन कॉलोनी में बिजली गुल रही।
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धारूहेड़ा में संतोष कॉलोनी, तहसील रोड, डाल्टन कॉलोनी और सेक्टर-4, हाउसिंग बोर्ड में बिजली कटौती से लोगों को परेशानी हुई। कई घरों में इनवर्टर ठप हो गया है।
बिजली निगम के पास 500 से अधिक शिकायतें पहुंची लेकिन उनका समाधान नहीं हो सका। जिले में करीब 1100 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। प्रशासन की ओर से बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के दावे किए गए थे लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई।
बिजली की समस्या के चलते घरेलू उपभोक्ताओं के साथ कारोबारियों और औद्योगिक इकाइयों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। बाजार में भी बिजली व्यवस्था प्रभावित रही।
बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को रेवाड़ी के झज्जर रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय के अलावा बावल, कोसली और धारूहेड़ा में भी धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने निजी एजेंसी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के फैसले का विरोध करते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग उठाई।
यूनियन के कर्मचारियों का कहना है कि बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनी को लाइसेंस देने का फैसला कर्मचारियों के हितों और मौजूदा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। इसी के विरोध में प्रदेशभर में तीन दिवसीय हड़ताल की जा रही है।
पावर हाउस और निगम कार्यालयों पर पुलिस तैनात
हड़ताल को देखते हुए जिला प्रशासन ने पावर हाउस और बिजली निगम कार्यालयों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 भी लागू की गई है। प्रशासन का कहना है कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए बाहर से कर्मचारियों को बुलाने की व्यवस्था भी की जा रही है। हालांकि, कर्मचारियों की हड़ताल के बीच बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखना चुनौती बना हुआ है। फीडरों में बिजली बंद होने से लोगों को बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान का इंतजार करना पड़ रहा है।
मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन
बिजली कर्मचारी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार ने निजी कंपनी को लाइसेंस देने का फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है। ऐसे में बिजली सेवाओं पर आगे भी असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल उपभोक्ताओं की नजर बिजली आपूर्ति बहाल होने और सरकार व कर्मचारी यूनियन के बीच समाधान निकलने पर टिकी है।
औद्योगिक कनेक्शन वाले उपभोक्ता रहे परेशान:
लंबे समय तक बिजली संकट रहा तो करनी पड़ेगी कर्मचारियों की छंटनी : कृष्ण कुमार
रेवाड़ी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रधान कृष्ण कुमार ने बताया कि बुधवार रात 10 बजे से औद्योगिक इकाइयों की बिजली आपूर्ति प्रभावित है, जो अभी तक सामान्य नहीं हो पाई है। जिन इकाइयों के पास बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था है, वे भी आज कुछ समय तक ही काम कर पाईं। यदि लंबे समय तक बिजली संकट बना रहता है तो उद्योगों को कर्मचारियों की छंटनी करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को बिजली कर्मचारियों के साथ बातचीत कर हड़ताल समाप्त करवानी चाहिए, ताकि औद्योगिक इकाइयों में बिजली आपूर्ति बहाल हो सके। सरकार को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि रेवाड़ी में विदेशी कंपनियों सहित कई औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। बिजली संकट लंबा खिंचने से उत्पादन प्रभावित होगा, जिसका असर उद्योगों के कारोबार और रोजगार पर पड़ सकता है।
-बुधवार रात से बिजली गुल होने के कारण छोटे उद्योगों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से उद्योगों में तैनात इलेक्ट्रिशियन को फील्ड में उतारकर बिजली के फॉल्ट ठीक करने के लिए पत्र जारी किया गया है। बिजली आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो छोटे उद्योगों को और नुकसान उठाना पड़ सकता है।- लघु उद्योग भारती के जिला रेवाड़ी प्रधान संजय डाटा
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बावल, झाबुआ, खिजूरी, नागल शहबाजपुर, नगली, बिदावास खेड़ा, मंगलेश्वर और तिहाड़ा समेत करीब दो दर्जन गांवों में बिजली गुल रही। 300 उद्योग भी प्रभावित रहे। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ औद्योगिक इलाकों में भी बिजली संकट गहरा गया है।
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बावल शहर में भी सुबह 11 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित रही। गांधी नगर, काजीवाड़ा, नशियाजी रोड, शांति नगर, आर्य नगर, आजाद नगर, सर्कुलर रोड और पंजाबी मार्केट, आदर्श नगर समेत 2 दर्जन कॉलोनी में बिजली गुल रही।
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धारूहेड़ा में संतोष कॉलोनी, तहसील रोड, डाल्टन कॉलोनी और सेक्टर-4, हाउसिंग बोर्ड में बिजली कटौती से लोगों को परेशानी हुई। कई घरों में इनवर्टर ठप हो गया है।
बिजली निगम के पास 500 से अधिक शिकायतें पहुंची लेकिन उनका समाधान नहीं हो सका। जिले में करीब 1100 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। प्रशासन की ओर से बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के दावे किए गए थे लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई।
बिजली की समस्या के चलते घरेलू उपभोक्ताओं के साथ कारोबारियों और औद्योगिक इकाइयों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। बाजार में भी बिजली व्यवस्था प्रभावित रही।
बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को रेवाड़ी के झज्जर रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय के अलावा बावल, कोसली और धारूहेड़ा में भी धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने निजी एजेंसी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के फैसले का विरोध करते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग उठाई।
यूनियन के कर्मचारियों का कहना है कि बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनी को लाइसेंस देने का फैसला कर्मचारियों के हितों और मौजूदा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। इसी के विरोध में प्रदेशभर में तीन दिवसीय हड़ताल की जा रही है।
पावर हाउस और निगम कार्यालयों पर पुलिस तैनात
हड़ताल को देखते हुए जिला प्रशासन ने पावर हाउस और बिजली निगम कार्यालयों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 भी लागू की गई है। प्रशासन का कहना है कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए बाहर से कर्मचारियों को बुलाने की व्यवस्था भी की जा रही है। हालांकि, कर्मचारियों की हड़ताल के बीच बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखना चुनौती बना हुआ है। फीडरों में बिजली बंद होने से लोगों को बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान का इंतजार करना पड़ रहा है।
मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन
बिजली कर्मचारी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार ने निजी कंपनी को लाइसेंस देने का फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है। ऐसे में बिजली सेवाओं पर आगे भी असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल उपभोक्ताओं की नजर बिजली आपूर्ति बहाल होने और सरकार व कर्मचारी यूनियन के बीच समाधान निकलने पर टिकी है।
औद्योगिक कनेक्शन वाले उपभोक्ता रहे परेशान:
लंबे समय तक बिजली संकट रहा तो करनी पड़ेगी कर्मचारियों की छंटनी : कृष्ण कुमार
रेवाड़ी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रधान कृष्ण कुमार ने बताया कि बुधवार रात 10 बजे से औद्योगिक इकाइयों की बिजली आपूर्ति प्रभावित है, जो अभी तक सामान्य नहीं हो पाई है। जिन इकाइयों के पास बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था है, वे भी आज कुछ समय तक ही काम कर पाईं। यदि लंबे समय तक बिजली संकट बना रहता है तो उद्योगों को कर्मचारियों की छंटनी करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को बिजली कर्मचारियों के साथ बातचीत कर हड़ताल समाप्त करवानी चाहिए, ताकि औद्योगिक इकाइयों में बिजली आपूर्ति बहाल हो सके। सरकार को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि रेवाड़ी में विदेशी कंपनियों सहित कई औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। बिजली संकट लंबा खिंचने से उत्पादन प्रभावित होगा, जिसका असर उद्योगों के कारोबार और रोजगार पर पड़ सकता है।
-बुधवार रात से बिजली गुल होने के कारण छोटे उद्योगों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से उद्योगों में तैनात इलेक्ट्रिशियन को फील्ड में उतारकर बिजली के फॉल्ट ठीक करने के लिए पत्र जारी किया गया है। बिजली आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो छोटे उद्योगों को और नुकसान उठाना पड़ सकता है।- लघु उद्योग भारती के जिला रेवाड़ी प्रधान संजय डाटा

धारूहेड़ा सब डिविजन में हड़ताल पर बैठे कर्मचारी ओर तैनात पुलिसकर्मी। संवाद

धारूहेड़ा सब डिविजन में हड़ताल पर बैठे कर्मचारी ओर तैनात पुलिसकर्मी। संवाद

धारूहेड़ा सब डिविजन में हड़ताल पर बैठे कर्मचारी ओर तैनात पुलिसकर्मी। संवाद

धारूहेड़ा सब डिविजन में हड़ताल पर बैठे कर्मचारी ओर तैनात पुलिसकर्मी। संवाद