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Rewari News: जतिन को न्याय, कोर्ट ने निजी स्कूल को स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र जारी करने के दिए आदेश
Sat, 24 Aug 2024 02:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 24 Aug 2024 02:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एक निजी स्कूल की ओर से विद्यार्थी को स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र नहीं देने के मामले में अदालत ने स्कूल को विद्यार्थी को स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता कैलाश चंद ने बताया कि छात्र जतिन की समस्या को देखते हुए स्कूल और अधिकारियों के खिलाफ वाद तैयार करवाकर जिला न्यायालय रेवाड़ी में दायर की थी। 21 अगस्त को रेनू सोलंकी की अदालत में जतिन की समस्या को विस्तार से रखा। बताया कि वादी के बोर्ड रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 31 अगस्त निर्धारित है। अगर इस तारीख तक छात्र का स्थायी दाखिला और बोर्ड रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो उसका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। इसके बाद न्यायालय ने छात्र की समस्या की स्थिति को देखते हुए पक्ष में आदेश जारी किया। साथ ही निजी स्कूल को आदेश दिया कि 48 घंटे के अंदर अंदर छात्र जतिन की ऑनलाइन टीसी जारी करें। आदेश सुनकर वादी और उसके पिता ने न्यायालय का आभार प्रकट किया।
जतिन एक निजी स्कूल मेंवर्षों से शिक्षा ग्रहण करता आ रहा था। वर्ष 2023-24 में वादी ने कक्षा नौवीं पास की थी। जतिन ने स्कूल को बता दिया था कि अगले वर्ष वह किसी अन्य स्कूल में शिक्षा ग्रहण करेगा और स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र की मांग की। इस पर स्कूल ने छात्र की ऑफलाइन प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जिसको लेकर कक्षा दसवीं में एक निजी स्कूल हंसाका में अस्थाई दाखिला ले लिया। स्थाई दाखिले के लिए ऑनलाइन टीसी की मांग की गई जिसके लिए वादी और उसके अभिभावक दोबारा से उस स्कूल में ऑनलाइन टीसी लेने पहुंचे। स्कूल पहले तो काफी दिन तक वादी और उसके अभिभावक को वेबसाइट ना चलने के बहाने से गुमराह करता थी और फिर आनाकानी करके छात्र ओर उसके अभिभावक को स्कूल के चक्कर लगाने को मजबूर किया।
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अधिकारियों के पास गए फिर भी नहीं हुआ समाधान:
परेशान होकर समस्या का समाधान करवाने के लिए छात्र ओर उसके अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जिला उपायुक्त कार्यालय, ओर अन्य राजकीय अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर लगाते रहे। अधिकारियों ने छात्र की समस्या का समाधान नहीं करवाया। परेशान होकर छात्र जतिन ओर उसको अभिभावक कैलाश चंद एडवोकेट के पास पहुंचे और अपनी समस्या बताई। एडवोकेट ने मामले में निशुल्क पैरवी की।
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रेवाड़ी। एक निजी स्कूल की ओर से विद्यार्थी को स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र नहीं देने के मामले में अदालत ने स्कूल को विद्यार्थी को स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता कैलाश चंद ने बताया कि छात्र जतिन की समस्या को देखते हुए स्कूल और अधिकारियों के खिलाफ वाद तैयार करवाकर जिला न्यायालय रेवाड़ी में दायर की थी। 21 अगस्त को रेनू सोलंकी की अदालत में जतिन की समस्या को विस्तार से रखा। बताया कि वादी के बोर्ड रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 31 अगस्त निर्धारित है। अगर इस तारीख तक छात्र का स्थायी दाखिला और बोर्ड रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो उसका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। इसके बाद न्यायालय ने छात्र की समस्या की स्थिति को देखते हुए पक्ष में आदेश जारी किया। साथ ही निजी स्कूल को आदेश दिया कि 48 घंटे के अंदर अंदर छात्र जतिन की ऑनलाइन टीसी जारी करें। आदेश सुनकर वादी और उसके पिता ने न्यायालय का आभार प्रकट किया।
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जतिन एक निजी स्कूल मेंवर्षों से शिक्षा ग्रहण करता आ रहा था। वर्ष 2023-24 में वादी ने कक्षा नौवीं पास की थी। जतिन ने स्कूल को बता दिया था कि अगले वर्ष वह किसी अन्य स्कूल में शिक्षा ग्रहण करेगा और स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र की मांग की। इस पर स्कूल ने छात्र की ऑफलाइन प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जिसको लेकर कक्षा दसवीं में एक निजी स्कूल हंसाका में अस्थाई दाखिला ले लिया। स्थाई दाखिले के लिए ऑनलाइन टीसी की मांग की गई जिसके लिए वादी और उसके अभिभावक दोबारा से उस स्कूल में ऑनलाइन टीसी लेने पहुंचे। स्कूल पहले तो काफी दिन तक वादी और उसके अभिभावक को वेबसाइट ना चलने के बहाने से गुमराह करता थी और फिर आनाकानी करके छात्र ओर उसके अभिभावक को स्कूल के चक्कर लगाने को मजबूर किया।
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अधिकारियों के पास गए फिर भी नहीं हुआ समाधान:
परेशान होकर समस्या का समाधान करवाने के लिए छात्र ओर उसके अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जिला उपायुक्त कार्यालय, ओर अन्य राजकीय अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर लगाते रहे। अधिकारियों ने छात्र की समस्या का समाधान नहीं करवाया। परेशान होकर छात्र जतिन ओर उसको अभिभावक कैलाश चंद एडवोकेट के पास पहुंचे और अपनी समस्या बताई। एडवोकेट ने मामले में निशुल्क पैरवी की।