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Rewari News: जंक और फास्ट फूड बना रहा लोगों को बीमार, पेट की समस्याएं तेजी से बढ़ीं
Sat, 03 Jan 2026 11:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 03 Jan 2026 11:31 PM IST
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फोटो: 10रेवाड़ी। रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में ओपीडी पर्ची कटवाने के लिए लगी लोगों की भीड़। संव
- फोटो : शहर में प्रभात फेरी निकालकर नगर कीर्तन करते सिक्ख समाज के लोग। स्रोत संवाद
रेवाड़ी। फास्ट व जंक फूड के सेवन से लोग पेट की बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। खासतौर से किशोर और युवा अधिक परेशान हो रहे हैं। ऐसे रोगियों को डॉक्टर घर का भोजन करने और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने का सुझाव दे रहे हैं।
बदलती जीवनशैली और खानपान में बदलाव से लोगों की सेहत पर खराब असर पड़ रहा है। खासकर जंक और फास्ट फूड का बढ़ता सेवन लोगों को गंभीर बीमारियों की तरफ धकेल रहा है। पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव यादव का कहना है कि अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, कब्ज और अपच से परेशान लोगों की होती है।
उन्होंने फास्ट फूड में अत्यधिक तेल, मसाले, नमक, चीनी और केमिकल प्रिजर्वेटिव होते हैं, जो पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं। लगातार इस तरह का भोजन करने से पेट की कार्यक्षमता कमजोर होने लगती है।
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नतीजतन लोगों को सीने में जलन, पेट फूलना, उल्टी-दस्त और भारीपन जैसी शिकायतें रहने लगती हैं। लंबे समय तक जंक फूड का सेवन करने से आंतों में सूजन, अल्सर और फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि पहले यह समस्या अधिकतर युवाओं में देखने को मिलती थी, लेकिन अब बच्चे और बुजुर्ग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बच्चे पिज्जा, बर्गर, नूडल्स, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक को पसंदीदा भोजन बना चुके हैं।
वहीं कामकाजी लोग समय की कमी के कारण बाहर का तला-भुना और पैकेट बंद खाना ज्यादा खा रहे हैं। इसके साथ ही अनियमित दिनचर्या, देर रात भोजन करना, पानी कम पीना और शारीरिक गतिविधि की कमी पेट की बीमारियों को और बढ़ा रही है।
डॉ. गौरव यादव ने लोगों से अपील की कि पेट से जुड़ी समस्याओं को हल्के में न लें। समय रहते खानपान में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा कि घर का ताजा भोजन, हरी सब्जियां, फल, दालें और पर्याप्त मात्रा में पानी पेट को स्वस्थ रखने में मददगार हैं। साथ ही नियमित समय पर भोजन और हल्का व्यायाम अपनाकर पेट की बीमारियों से बचा जा सकता है।
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बदलती जीवनशैली और खानपान में बदलाव से लोगों की सेहत पर खराब असर पड़ रहा है। खासकर जंक और फास्ट फूड का बढ़ता सेवन लोगों को गंभीर बीमारियों की तरफ धकेल रहा है। पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव यादव का कहना है कि अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, कब्ज और अपच से परेशान लोगों की होती है।
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उन्होंने फास्ट फूड में अत्यधिक तेल, मसाले, नमक, चीनी और केमिकल प्रिजर्वेटिव होते हैं, जो पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं। लगातार इस तरह का भोजन करने से पेट की कार्यक्षमता कमजोर होने लगती है।
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नतीजतन लोगों को सीने में जलन, पेट फूलना, उल्टी-दस्त और भारीपन जैसी शिकायतें रहने लगती हैं। लंबे समय तक जंक फूड का सेवन करने से आंतों में सूजन, अल्सर और फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि पहले यह समस्या अधिकतर युवाओं में देखने को मिलती थी, लेकिन अब बच्चे और बुजुर्ग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बच्चे पिज्जा, बर्गर, नूडल्स, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक को पसंदीदा भोजन बना चुके हैं।
वहीं कामकाजी लोग समय की कमी के कारण बाहर का तला-भुना और पैकेट बंद खाना ज्यादा खा रहे हैं। इसके साथ ही अनियमित दिनचर्या, देर रात भोजन करना, पानी कम पीना और शारीरिक गतिविधि की कमी पेट की बीमारियों को और बढ़ा रही है।
डॉ. गौरव यादव ने लोगों से अपील की कि पेट से जुड़ी समस्याओं को हल्के में न लें। समय रहते खानपान में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा कि घर का ताजा भोजन, हरी सब्जियां, फल, दालें और पर्याप्त मात्रा में पानी पेट को स्वस्थ रखने में मददगार हैं। साथ ही नियमित समय पर भोजन और हल्का व्यायाम अपनाकर पेट की बीमारियों से बचा जा सकता है।