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Rewari News: पानी की समस्या को लेकर इनेलो ने किया प्रदर्शन
Thu, 08 May 2025 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 08 May 2025 12:28 AM IST
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फोटो : 45पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन करते इनेलो। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पानी की समस्या को लेकर इनेलो कार्यकर्ताओं ने बुधवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाखड़ा से हरियाणा के हिस्से का पानी नहीं देने पर नाराजगी जाहिर की। पंजाब के खिलाफ नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन में शामिल संजीव, जसवंत, संजय ने बताया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के गठन का उद्देश्य सिंचाई, बिजली उत्पादन और बाढ़ नियंत्रण था। बीबीएमबी की मूल अधिसूचना के अनुसार बोर्ड में हरियाणा एवं पंजाब को एक-एक तकनीकी सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया था, जिसका उद्देश्य राज्यों के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय जल प्रबंधन में समन्वय बनाना था। दुर्भाग्य से 23 फरवरी 2022 को भारत सरकार की ओर से जारी संशोधित अधिसूचना में पूर्णकालिक सदस्यों की योग्यता को परिवर्तित कर दिया गया, जिसके कारण हरियाणा का कोई तकनीकी सदस्य वर्तमान में बीबीएमबी बोर्ड में नहीं रखा गया है। इस संशोधन से हरियाणा राज्य के मूल अधिकारों का हनन हुआ है जिससे भविष्य में हरियाणा के जल हिस्से की उपलब्धता व वितरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। रेवाड़ी के लोग भी एक दिन पानी मिलने के कारण काफी परेशान हैं।
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रेवाड़ी। पानी की समस्या को लेकर इनेलो कार्यकर्ताओं ने बुधवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाखड़ा से हरियाणा के हिस्से का पानी नहीं देने पर नाराजगी जाहिर की। पंजाब के खिलाफ नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन में शामिल संजीव, जसवंत, संजय ने बताया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के गठन का उद्देश्य सिंचाई, बिजली उत्पादन और बाढ़ नियंत्रण था। बीबीएमबी की मूल अधिसूचना के अनुसार बोर्ड में हरियाणा एवं पंजाब को एक-एक तकनीकी सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया था, जिसका उद्देश्य राज्यों के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय जल प्रबंधन में समन्वय बनाना था। दुर्भाग्य से 23 फरवरी 2022 को भारत सरकार की ओर से जारी संशोधित अधिसूचना में पूर्णकालिक सदस्यों की योग्यता को परिवर्तित कर दिया गया, जिसके कारण हरियाणा का कोई तकनीकी सदस्य वर्तमान में बीबीएमबी बोर्ड में नहीं रखा गया है। इस संशोधन से हरियाणा राज्य के मूल अधिकारों का हनन हुआ है जिससे भविष्य में हरियाणा के जल हिस्से की उपलब्धता व वितरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। रेवाड़ी के लोग भी एक दिन पानी मिलने के कारण काफी परेशान हैं।
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