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Rewari News: सरसों की फसल में सल्फर के महत्व और कीट प्रबंधन की दी जानकारी
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ग्राम सुर्खपुर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते किसान। स्रोत : विभाग
कोसली। दी कोसली एफपीओ बैरमपुर के सहयोग से ग्राम सुर्खपुर में पुनर्योजी सरसों उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग से डॉ. संजीत ने बीज उपचार, जैविक खादों के प्रयोग, वर्मीकम्पोस्ट के उपयोग और उन्नत सिंचाई विधियों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने सरसों की फसल में सल्फर के महत्व और कीट प्रबंधन के लिए पीले कार्ड के उपयोग पर भी प्रकाश डाला। एफपीओ के सीईओ अशोक कुमार ने बताया कि पुनर्योजी खेती अपनाने से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि होती है।
उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और जैविक विकल्पों को अपनाने की सलाह दी। कृषि विभाग कोसली से डॉ. सोमबीर यादव ने टिबूकाजोनल 10% प्लस सल्फर 65% डब्ल्यूजी के उचित प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों से सरसों की पैदावार और गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है।
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गोष्ठी में नरेश कुमार, सुबे सिंह, रामपाल, लाल सिंह, हवा सिंह, मुकेश कुमार, आजाद सिंह, विकास सहित सुर्खपुर गांव के अन्य किसान उपस्थित रहे। किसानों ने नई तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया और ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।
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उन्होंने सरसों की फसल में सल्फर के महत्व और कीट प्रबंधन के लिए पीले कार्ड के उपयोग पर भी प्रकाश डाला। एफपीओ के सीईओ अशोक कुमार ने बताया कि पुनर्योजी खेती अपनाने से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि होती है।
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उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और जैविक विकल्पों को अपनाने की सलाह दी। कृषि विभाग कोसली से डॉ. सोमबीर यादव ने टिबूकाजोनल 10% प्लस सल्फर 65% डब्ल्यूजी के उचित प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों से सरसों की पैदावार और गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है।
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गोष्ठी में नरेश कुमार, सुबे सिंह, रामपाल, लाल सिंह, हवा सिंह, मुकेश कुमार, आजाद सिंह, विकास सहित सुर्खपुर गांव के अन्य किसान उपस्थित रहे। किसानों ने नई तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया और ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।