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Rewari News: आयुर्वेदिक ओपीडी में 30 प्रतिशत मरीजों की वृद्धि
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रेवाड़ी। कोरोना महामारी के बाद लोगों की जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिल रहा है। अब लोग उपचार के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को भी महत्व देने लगे हैं। इसका असर जिले की आयुष ओपीडी में भी दिखाई दे रहा है। जिले में आयुर्वेदिक ओपीडी में करीब 30 प्रतिशत तक मरीजों की संख्या बढ़ी है।
जिले में 53 आयुर्वेदिक और आठ होम्योपैथिक ओपीडी संचालित हो रही हैं। इनमें हर माह बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उपचार और परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। औसतन एक माह में करीब 16 हजार मरीज आयुर्वेदिक ओपीडी में, जबकि लगभग चार हजार मरीज होम्योपैथिक ओपीडी में परामर्श ले रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार आयुष पद्धतियों के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. बसंत कुमार ने बताया कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ संतुलित खानपान और नियमित योग के लिए जागरूक किया जा रहा है। आयुर्वेद में दैनिक दिनचर्या और खानपान को स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। विभाग की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को इन पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।
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उन्होंने बताया कि लोगों को मौसमी खाद्य पदार्थों, पौष्टिक आहार और दैनिक जीवन में आयुर्वेद के उपयोग के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। आयुष विभाग का उद्देश्य लोगों को बीमारी के उपचार के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
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जिले में 53 आयुर्वेदिक और आठ होम्योपैथिक ओपीडी संचालित हो रही हैं। इनमें हर माह बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उपचार और परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। औसतन एक माह में करीब 16 हजार मरीज आयुर्वेदिक ओपीडी में, जबकि लगभग चार हजार मरीज होम्योपैथिक ओपीडी में परामर्श ले रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार आयुष पद्धतियों के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है।
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जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. बसंत कुमार ने बताया कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ संतुलित खानपान और नियमित योग के लिए जागरूक किया जा रहा है। आयुर्वेद में दैनिक दिनचर्या और खानपान को स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। विभाग की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को इन पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।
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उन्होंने बताया कि लोगों को मौसमी खाद्य पदार्थों, पौष्टिक आहार और दैनिक जीवन में आयुर्वेद के उपयोग के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। आयुष विभाग का उद्देश्य लोगों को बीमारी के उपचार के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।