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कंपनी पर आयकर विभाग का एक करोड़ बकाया, मिली भगत कर जमीन पर कर दी गई प्लॉटिंग
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बनीपुर चौक पर लगाया डीडीपी द्वारा चेतावनी बोर्ड
- फोटो : Rewari
बावल औद्योगिक क्षेत्र के बनीपुर चौक पर करीब डेढ़ दशक पूर्व बंद की गई फैक्ट्रियों की जमीनों पर अधिकारियों से मिलीभगत कर प्लॉटिंग कर दी गई है। इतना ही नहीं करीब तीन सौ प्लॉट धारकों की जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी गई है। जबकि एक कंपनी की जमीन पर आयकर विभाग का करीब एक करोड़ रुपये बकाया है। हालांकि देर से जागे डीटीपी विभाग द्वारा यहां चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं लेकिन प्लॉट धारकों में इससे हड़कंप मच गया है।
उल्लेखनीय है कि बावल औद्योगिक क्षेत्र के बनीपुर चौक के समीप करीब डेढ दशक पूर्व स्थापित कुछ कंपनियों को बंद कर दिया था। इनमें कुछ पर आयकर विभाग को टैक्स भी बकाया था लेकिन अधिकारियों से सांठगाठ कर भू स्वामियों ने कंपनी की जमीन पर प्लॉटिंग कर दी। ऐसे में बड़ा सवाल है कि तहसील कार्यालय द्वारा इन प्लॉटों की रजिस्ट्री कैसे कर दी गई।
-मकसद बदलते ही बदल जाती है सीएलयू
कंपनी चलाने के लिए ली गई जमीन की सीएलयू संबंधित जमीन का मकसद बदलते ही बदल जाती है। सीएलयू खत्म होते ही वह जमीन कृषी भूमि मानी जाती है, जिस पर प्लॉटिंग अवैध हो जाती है।
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चेतावनी के बाद भी हरचंदपुर रोड पर अवैध प्लॉटिंग
डीटीपी विभाग द्वारा जिले के 31 स्थानों पर प्लॉटिंग को अवैध घोषित किया है। विभाग द्वारा चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए है। इसके बावजूद भी बावल से हरचंदपुर की ओर जाने वाले रोड पर धड़ल्ले से अवैध प्लॉटिंग की जा रही है। समय-समय पर नगर योजनाकार विभाग की ओर से खानापूर्ति के लिए कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन कार्रवाई के तुरंत बाद अवैध प्लॉटिंग का खेल शुरू कर दिया जाता है।
-मामले की कराई जाएगी जांच : तहसीलदार
बावल तहसीलदार जीवेंद्र मलिक ने बताया कि मामला पुराना है, यदि इस तरह की बात है तो जांच कराई जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि बावल औद्योगिक क्षेत्र के बनीपुर चौक के समीप करीब डेढ दशक पूर्व स्थापित कुछ कंपनियों को बंद कर दिया था। इनमें कुछ पर आयकर विभाग को टैक्स भी बकाया था लेकिन अधिकारियों से सांठगाठ कर भू स्वामियों ने कंपनी की जमीन पर प्लॉटिंग कर दी। ऐसे में बड़ा सवाल है कि तहसील कार्यालय द्वारा इन प्लॉटों की रजिस्ट्री कैसे कर दी गई।
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-मकसद बदलते ही बदल जाती है सीएलयू
कंपनी चलाने के लिए ली गई जमीन की सीएलयू संबंधित जमीन का मकसद बदलते ही बदल जाती है। सीएलयू खत्म होते ही वह जमीन कृषी भूमि मानी जाती है, जिस पर प्लॉटिंग अवैध हो जाती है।
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चेतावनी के बाद भी हरचंदपुर रोड पर अवैध प्लॉटिंग
डीटीपी विभाग द्वारा जिले के 31 स्थानों पर प्लॉटिंग को अवैध घोषित किया है। विभाग द्वारा चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए है। इसके बावजूद भी बावल से हरचंदपुर की ओर जाने वाले रोड पर धड़ल्ले से अवैध प्लॉटिंग की जा रही है। समय-समय पर नगर योजनाकार विभाग की ओर से खानापूर्ति के लिए कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन कार्रवाई के तुरंत बाद अवैध प्लॉटिंग का खेल शुरू कर दिया जाता है।
-मामले की कराई जाएगी जांच : तहसीलदार
बावल तहसीलदार जीवेंद्र मलिक ने बताया कि मामला पुराना है, यदि इस तरह की बात है तो जांच कराई जाएगी।