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Rewari News: भिवाड़ी में 40 से अधिक कृत्रिम घाटों पर सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य
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फोटो : 8भिवाड़ी में किया जा रहा कृत्रिम घाट तैयार। संवाद
भिवाड़ी। दीपावली की रौनक अभी ठंडी भी न हुई थी कि भिवाड़ी औद्योगिक नगरी में छठ महापर्व की तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। शहर में करीब 40 से अधिक स्थानों पर कृत्रिम घाट बनाए जा रहे हैं जहां महिलाएं व्रत रखकर सूर्य देव को अर्घ्य चढ़ाएंगीं।
छठ पूजा सेवा समिति के प्रयासों से पुराने घाटों की साफ-सफाई तेजी से की जा रही है जबकि यूआईटी और आरबी सेक्टरों के पार्कों में युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चल रहा है।
बाजारों में खरीदारी जोरों पर है। छठ पूजा का शुभारंभ शनिवार को नहाय खाय से हो चुका है जो 28 अक्तूबर तक चलेगा। संजीव सिंह ने बताया कि यह पूर्वांचल का सबसे प्रमुख त्योहार है।
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27 अक्तूबर को सेक्टर-5 के शिव मंदिर पार्क में पूजा-अर्चना के बाद भोजपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। 28 अक्तूबर को सुबह 5:30 बजे अंतिम अर्घ्य के साथ महापर्व संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि सेक्टर-5 के कृत्रिम घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।
शहर के सेंट्रल मार्केट, हरचंदपुर, नयागांव, हेतराम चौक, फूल बाग चौक, सूरज सिनेमा, सहित कहरानी और चोपानकी में दुकानें छठ सामग्री से सजी हुई हैं। ज्यादातर सामान बिहार से लाया जा रहा है जो पहले दिल्ली के आजादपुर मंडी पहुंचता है और फिर भिवाड़ी सप्लाई होता है।
बिहार के सिवान जिले के निवासी कृष्ण ने बताया कि भिवाड़ी की आबादी का 30 प्रतिशत हिस्सा बिहार का है। यहां यह पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाता है।
व्रत की सामग्री जैसे मीठा नींबू, सूखा नारियल, सुपारी, चावल, अलसी के पत्ते, तिल, गंगाजल, शकरकंदी, हल्दी, अदरक, मौली, अनानास, टोकरी आदि बिहार से ही आ रही हैं। एक फल कीवी को छोड़कर बाकी सभी फल व्रत में काम आते हैं, और इनकी बिक्री भी तेज है।
समिति द्वारा घाट निर्माण और सफाई का कार्य भिवाड़ी गांव, हरचंदपुर, चोपानकी गोदान, कहरानी, बिलाहेड़ी, रामपुर, नयागांव, सूरज सिनेमा, सैदपुर, आलमपुर, नगलिया, आरएचबी सेक्टर-1 से 7, यूआईटी सेक्टर-1 से 5 तथा अरावली विहार के पार्कों में चल रहा है।
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छठ पूजा सेवा समिति के प्रयासों से पुराने घाटों की साफ-सफाई तेजी से की जा रही है जबकि यूआईटी और आरबी सेक्टरों के पार्कों में युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चल रहा है।
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बाजारों में खरीदारी जोरों पर है। छठ पूजा का शुभारंभ शनिवार को नहाय खाय से हो चुका है जो 28 अक्तूबर तक चलेगा। संजीव सिंह ने बताया कि यह पूर्वांचल का सबसे प्रमुख त्योहार है।
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27 अक्तूबर को सेक्टर-5 के शिव मंदिर पार्क में पूजा-अर्चना के बाद भोजपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। 28 अक्तूबर को सुबह 5:30 बजे अंतिम अर्घ्य के साथ महापर्व संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि सेक्टर-5 के कृत्रिम घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।
शहर के सेंट्रल मार्केट, हरचंदपुर, नयागांव, हेतराम चौक, फूल बाग चौक, सूरज सिनेमा, सहित कहरानी और चोपानकी में दुकानें छठ सामग्री से सजी हुई हैं। ज्यादातर सामान बिहार से लाया जा रहा है जो पहले दिल्ली के आजादपुर मंडी पहुंचता है और फिर भिवाड़ी सप्लाई होता है।
बिहार के सिवान जिले के निवासी कृष्ण ने बताया कि भिवाड़ी की आबादी का 30 प्रतिशत हिस्सा बिहार का है। यहां यह पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाता है।
व्रत की सामग्री जैसे मीठा नींबू, सूखा नारियल, सुपारी, चावल, अलसी के पत्ते, तिल, गंगाजल, शकरकंदी, हल्दी, अदरक, मौली, अनानास, टोकरी आदि बिहार से ही आ रही हैं। एक फल कीवी को छोड़कर बाकी सभी फल व्रत में काम आते हैं, और इनकी बिक्री भी तेज है।
समिति द्वारा घाट निर्माण और सफाई का कार्य भिवाड़ी गांव, हरचंदपुर, चोपानकी गोदान, कहरानी, बिलाहेड़ी, रामपुर, नयागांव, सूरज सिनेमा, सैदपुर, आलमपुर, नगलिया, आरएचबी सेक्टर-1 से 7, यूआईटी सेक्टर-1 से 5 तथा अरावली विहार के पार्कों में चल रहा है।