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Rewari News: जिले के विकास में प्रवासी श्रमिकों की अहम भूमिका

Tue, 17 Dec 2024 11:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 17 Dec 2024 11:32 PM IST
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Important role of migrant workers in the development of the district
फोटो: 07रेवाड़ी। सोलहाराही तालाब के सुंदरीकरण के लिए लगाए गए प्रवासी श्रमिकों ने रहने के लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। जिले के विकास में प्रवासी मजदूरों की अहम भूमिका है। विकास कार्यों में करीब 80 फीसदी भागीदारी प्रवासी श्रमिकों की होती है। इन्हीं श्रमिकों के सहारे औद्योगिक क्षेत्र धारूहेड़ा और बावल में स्थित कंपनियां चल रही हैं। इसके बाद भी प्रवासी श्रमिकों को प्रशासन की ओर से कोई भी विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती है।
जिले में यूपी, बिहार, झारखंड, राजस्थान के बड़ी संख्या में श्रमिक यहां काम करते हैं। करीब 25 हजार श्रमिक रोजाना की दिहाड़ी पर निर्भर होते हैं। 10 हजार पंजीकृत प्रवासी श्रमिक ऐसे हैं जो भवन निर्माण के कार्य में लगे हुए हैं। 5 हजार प्रवासी श्रमिक ईंट भट्ठे पर कार्य करने हर वर्ष आते हैं। कुल प्रवासी श्रमिकों की संख्या 1.10 लाख के आसपास है। जिले के फ्लाईओवर, सरकारी भवनों, सड़कों का निर्माण, तालाबों के सुंदरीकरण के साथ खेती का कार्य भी प्रवासी श्रमिक करते हैं।
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करीब 40 हजार श्रमिक ऐसे हैं जिनके पास रहने तक का ठिकाना नहीं है। दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूर झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहते हैं। यह श्रमिक अक्सर भवन निर्माण, सड़कों, फ्लाईओवर और तालाब के निर्माण में देखे जाते हैं। ग्रैप-4 की पाबंदी के बाद 40 हजार श्रमिकों को जाना पड़ा था। ईंट भट्ठों का कार्य कुछ महीनों का ही होता है। श्रमिक आते हैं और कार्य बंद होने के बाद चले जाते हैं। ऐसे श्रमिक झुग्गियों में रहते हैं।
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श्रमिकों के लिए होनी चाहिए शेल्टर होम की व्यवस्था

प्रवासी श्रमिकों के अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले एडवोकेट राजेंद्र सिंह ने बताया कि अंतरराज्यीय प्रवासी कामगार अधिनियम 1979 के नियमों के तहत प्रशासन को इन श्रमिकों के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था करनी चाहिए। प्रवासी श्रमिक रोजाना की दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर होते हैं। इन्हें किसी तरह की सुविधा नहीं मिलती है। ऐसे में श्रमिक झोपड़ी में रहते हैं। ठेकेदार के अधीन काम करने वाले श्रमिकों को कब काम मिलेगा, कब नहीं, इसका कोई भरोसा नहीं होता है। प्रवासी मजदूरों के लिए व्यवस्था न होना चिंता का विषय है। प्रवासी श्रमिकों के बच्चे भी नहीं पढ़ पाते हैं। लाभ लेने के लिए श्रमिकों का पंजीकृत होना जरूरी है।


वर्जन

प्रवासी मजदूर राज्य में कार्य करने के लिए आते हैं। इनके लिए प्रशासन की ओर से कोई विशेष प्रबंध नहीं किया जाता है। इन प्रवासियों का विकास कार्यों में अहम योगदान होता है। इनके लिए रहने की उचित व्यवस्था बहुत जरूरी है।-राजेंद्र सिंह, राज्य प्रधान, ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर।
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