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किसी भी सूरत में विकसित नहीं होने दी जाएंगी अवैध कॉलोनियां : डीसी
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रेवाड़ी। उपायुक्त यशेंद्र सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में अवैध कॉलोनियां विकसित नहीं होने दी जाएंगी। अधिकारी उसे प्रथम चरण में ही रोकने के लिए निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि लोगों को समय-समय पर मुनादी व समाचार पत्रों के माध्यम से जागरूक किया जाए कि वे अवैध कॉलोनियों में अपनी जमा पूंजी को न लगाएं।
डीसी ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के कोई कार्य कराता है तो डीटीपी द्वारा पुलिस की सहायता से ऐसे निर्माण को गिराया जाएगा। इस प्रकार के अपराध के लिए न्यायालय द्वारा तीन वर्ष तक के कारावास या 10 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान भी है। डीसी ने बैठक में निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को इस बारे जागरूक करने के लिए ग्राम सचिव और पटवारी अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिए कि बैंक अधिकारी अवैध कॉलोनियों में किसी भी व्यक्ति को ऋण न दें। वहीं, नगर परिषद व नगर पालिका क्षेत्र में संबंधित अधिकारी अवैध कालोनियों को विकसित न होने देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार ऑफ फर्म एण्ड सोसायटी रजिस्ट्रेशन से पहले उसके उद्देश्य को देखकर ही सोसायटी का रजिस्ट्रेशन करें।
उन्होंने बताया कि जिला में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा घोषित नियंत्रित क्षेत्र में बिना अनुमति के निर्माण, भूमि का विभाजन करना व इस संदर्भ में विज्ञापन देना नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम, 1963 के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा, जो कोई भी ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में एएसपी पूनम दहिया दलाल, एसडीएम रेवाड़ी रविन्द्र यादव, डीडीपीओ एचपी बंसल, अधीक्षक अभियंता डीएचबीवीएन एलएल रोहिल्ला, जिला नगर योजनाकार धर्मबीर सिंह खत्री, एलडीएम भपेन्द्र सिंह, नगर परिषद सचिव प्रवीन कुमार, नगर पालिका धारूहेडा सचिव अनिल कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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डीसी ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के कोई कार्य कराता है तो डीटीपी द्वारा पुलिस की सहायता से ऐसे निर्माण को गिराया जाएगा। इस प्रकार के अपराध के लिए न्यायालय द्वारा तीन वर्ष तक के कारावास या 10 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान भी है। डीसी ने बैठक में निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को इस बारे जागरूक करने के लिए ग्राम सचिव और पटवारी अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिए कि बैंक अधिकारी अवैध कॉलोनियों में किसी भी व्यक्ति को ऋण न दें। वहीं, नगर परिषद व नगर पालिका क्षेत्र में संबंधित अधिकारी अवैध कालोनियों को विकसित न होने देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार ऑफ फर्म एण्ड सोसायटी रजिस्ट्रेशन से पहले उसके उद्देश्य को देखकर ही सोसायटी का रजिस्ट्रेशन करें।
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उन्होंने बताया कि जिला में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा घोषित नियंत्रित क्षेत्र में बिना अनुमति के निर्माण, भूमि का विभाजन करना व इस संदर्भ में विज्ञापन देना नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम, 1963 के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा, जो कोई भी ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में एएसपी पूनम दहिया दलाल, एसडीएम रेवाड़ी रविन्द्र यादव, डीडीपीओ एचपी बंसल, अधीक्षक अभियंता डीएचबीवीएन एलएल रोहिल्ला, जिला नगर योजनाकार धर्मबीर सिंह खत्री, एलडीएम भपेन्द्र सिंह, नगर परिषद सचिव प्रवीन कुमार, नगर पालिका धारूहेडा सचिव अनिल कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।