{"_id":"68dc2219b81d74131c0efc9a","slug":"if-the-purchase-of-millet-does-not-start-by-tomorrow-the-market-gate-will-be-locked-rewari-news-c-198-1-rew1001-226651-2025-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: बाजरे की खरीद कल तक शुरू नहीं हुई तो मंडी के गेट पर लगाएंगे ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: बाजरे की खरीद कल तक शुरू नहीं हुई तो मंडी के गेट पर लगाएंगे ताला
Wed, 01 Oct 2025 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 01 Oct 2025 12:01 AM IST
विज्ञापन
फोटो : 42किसान भवन में बैठक कर जानकारी देते यूनियन के पदाधिकारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। बाजरे की सरकारी खरीद नहीं होने से किसान परेशान हैं। इसपर चिंता जताते हुए भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के पदाधिकारियों ने शासन व प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर कल से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई तो मंडी के गेट पर ताला लगाएंगे।
किसान भवन में हुई भाकियू चढ़ूनी की बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि किसान मंडी में बाजरे को बेचने आते हैं लेकिन कई बार उन्हें बिना बाजरा बेचे ही वापस जाना पड़ता है। बाजरा औने-पौने दामों में बिक रहा है। सरकार ने यह शर्त रखी है कि जो बाजरा 2200 के भाव पर बचेगा, उसी का भावांतर मिलेगा। वहीं, 2200 से कम भाव पर बिकने वाले बाजरे के लिए कोई भावांतर नहीं मिलेगा।
प्रधान समय सिंह ने बताया कि शनिवार को डीसी और सचिव से बातचीत की गई और चंडीगढ़ से भी संपर्क किया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। किसानों ने कहा कि जो बाजरा बिक रहा है, उसे कंप्यूटर में दर्ज नहीं किया जा रहा है, जिससे भावांतर की प्रक्रिया बाधित हो रही है। इसके कारण किसान भयभीत हैं और आढ़ती भी असमंजस में हैं।
विज्ञापन
बैठक में राजेंद्र कुमार गेरा, मनीषा यादव, बाबूलाल, रोडवेज राजकुमार, रोशन लाल, कृष्ण सैनी, जयपाल भगत, वेद सुल्तानिया, शीशराम साहब मुन्नी बूढ़पुर सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
बावल। बाजरे की सरकारी खरीद नहीं होने से किसान परेशान हैं। इसपर चिंता जताते हुए भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के पदाधिकारियों ने शासन व प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर कल से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई तो मंडी के गेट पर ताला लगाएंगे।
किसान भवन में हुई भाकियू चढ़ूनी की बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि किसान मंडी में बाजरे को बेचने आते हैं लेकिन कई बार उन्हें बिना बाजरा बेचे ही वापस जाना पड़ता है। बाजरा औने-पौने दामों में बिक रहा है। सरकार ने यह शर्त रखी है कि जो बाजरा 2200 के भाव पर बचेगा, उसी का भावांतर मिलेगा। वहीं, 2200 से कम भाव पर बिकने वाले बाजरे के लिए कोई भावांतर नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
प्रधान समय सिंह ने बताया कि शनिवार को डीसी और सचिव से बातचीत की गई और चंडीगढ़ से भी संपर्क किया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। किसानों ने कहा कि जो बाजरा बिक रहा है, उसे कंप्यूटर में दर्ज नहीं किया जा रहा है, जिससे भावांतर की प्रक्रिया बाधित हो रही है। इसके कारण किसान भयभीत हैं और आढ़ती भी असमंजस में हैं।
विज्ञापन
बैठक में राजेंद्र कुमार गेरा, मनीषा यादव, बाबूलाल, रोडवेज राजकुमार, रोशन लाल, कृष्ण सैनी, जयपाल भगत, वेद सुल्तानिया, शीशराम साहब मुन्नी बूढ़पुर सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।