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दूसरे दिन भी ठप रही अल्ट्रासाउंड सेवाएं
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sat, 03 Sep 2016 12:39 AM IST
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रेडियोलोजिस्ट की हड़ताल से परेशानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी। कठोर पीसी पीएनडीटी अधिनियम के विरोध में आईआरआईए की राष्ट्रव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन भी शहर के सभी रेडियोलॉस्टिों की हड़ताल जारी रखी । हड़ताल के एलान के मुताबिक पहले दिन जहां एक्स-रे से लेकर अल्ट्रसाउंड सहित सभी सेवाएं ठप रही थी, वहीं दूसरे दिन अल्ट्रासाउंड छोड़ सभी सेवाएं शुरू कर दी गई। हड़ताल का असर यह है कि अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लोगों को भटकने के बाद निराश होकर घर वापस लौटना पड़ा। गौरतलब है कि जिले में 13 रेडियोलॉजिस्ट एवं लगभग 40 सोनोलॉजिस्ट हैं।
चार हजार से अधिक लोगों को उठानी पड़ी परेशानी
रेडियोलॉजिस्ट एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने बताया कि जिले अधिकतर रेडियोलॉजी एव सोनोलॉजी सेंटर शहर में ही हैं। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए इन सेंटरों पर प्रतिदिन औसतन दो हजार से ज्यादा मरीज आते हैं। शहर के प्रत्येक रेडियोलॉजी केंद्र पर जहां प्रतिदिन औसतन 100 से ज्यादा अल्ट्रासाउंड किए जाते है,वहीं अस्पतालों के अंदर सोनोलॉजिस्ट भी लगभग एक हजार अल्ट्रासाउंड करते हैं। विशेषज्ञों की माने तो दो दिन में लगभग चार हजार मरीजों को अल्ट्रासाउंड नहीं होने लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नागरिक अस्पताल के कर्मचारियों से उलझते रहे मरीज
शहर नागरिक अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र आम दिनों में प्रतिदिन 100 से ज्यादा मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन बृहस्पतिवार से निजी रेडियोलॉजिस्ट की हड़ताल के चलते यह आंकड़ा प्रतिदिन 200 तक पहुंच गया है। लेकिन डॉक्टर की कमी एवं छोटी मशीन के चलते यहां पर अधिकतम 30-40 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। ऐसे में शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे मरीज कर्मचारियों से उलझते रहे।
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केंद्रीय कमेटी के आह्वान हड़ताल के दूसरे दिन से केवल अल्ट्रासाउंड सेवाएं बंद रही। कमेटी के आदेश के बाद ही हड़ताल वापस ली जाएगी। सरकार को चाहिए कि रेडियोलॉजिस्ट की मांगे मानकर लोगों को होने वाली परेशानी से बचाए।
-डॉ. दीपक यादव, जिला कोआर्डिनेटर आईआरआईए
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चार हजार से अधिक लोगों को उठानी पड़ी परेशानी
रेडियोलॉजिस्ट एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने बताया कि जिले अधिकतर रेडियोलॉजी एव सोनोलॉजी सेंटर शहर में ही हैं। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए इन सेंटरों पर प्रतिदिन औसतन दो हजार से ज्यादा मरीज आते हैं। शहर के प्रत्येक रेडियोलॉजी केंद्र पर जहां प्रतिदिन औसतन 100 से ज्यादा अल्ट्रासाउंड किए जाते है,वहीं अस्पतालों के अंदर सोनोलॉजिस्ट भी लगभग एक हजार अल्ट्रासाउंड करते हैं। विशेषज्ञों की माने तो दो दिन में लगभग चार हजार मरीजों को अल्ट्रासाउंड नहीं होने लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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नागरिक अस्पताल के कर्मचारियों से उलझते रहे मरीज
शहर नागरिक अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र आम दिनों में प्रतिदिन 100 से ज्यादा मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन बृहस्पतिवार से निजी रेडियोलॉजिस्ट की हड़ताल के चलते यह आंकड़ा प्रतिदिन 200 तक पहुंच गया है। लेकिन डॉक्टर की कमी एवं छोटी मशीन के चलते यहां पर अधिकतम 30-40 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। ऐसे में शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे मरीज कर्मचारियों से उलझते रहे।
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केंद्रीय कमेटी के आह्वान हड़ताल के दूसरे दिन से केवल अल्ट्रासाउंड सेवाएं बंद रही। कमेटी के आदेश के बाद ही हड़ताल वापस ली जाएगी। सरकार को चाहिए कि रेडियोलॉजिस्ट की मांगे मानकर लोगों को होने वाली परेशानी से बचाए।
-डॉ. दीपक यादव, जिला कोआर्डिनेटर आईआरआईए