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Rewari News: यादव सभा में चुनावों को लेकर प्रशासक की नियुक्ति पर सुनवाई एक दिसंबर को
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फोटो संख्या:79- यादव धर्मशाला महेंद्रगढ़---संवाद
महेंद्रगढ़। यादव सभा चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक प्रशासक की नियुक्ति की मांग पर अब जिला रजिस्ट्रार की ओर से एक दिसंबर को वीसी के माध्यम से सुनवाई की जाएगी। यादव सभा महेंद्रगढ़ का 31 अक्तूबर को कार्यकाल पूरा हो चुका है।
सभा द्वारा नियुक्ति चुनाव अधिकारी की ओर से 26 सितंबर से 27 अक्तूब तक चुनावी शेड़्यूल जारी किया गया था लेकिन कुछ लोगों ने चुनावी प्रक्रिया में अनियमित को लेकर शिकायत के बाद स्टेट रजिस्ट्रार की ओर से चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। अब चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक प्रशासक की नियुक्ति की मांग की गई थी।
वहीं कुछ दिनों तक चली सभा के कॉलेजियम चुनाव प्रक्रिया के तहत 78 वार्डों में से 55 वार्डों में प्रत्याशियों ने फॉर्म जमा किए थे। छह फॉर्म खामियों के चलते रद्द कर दिए गए। 44 वार्डों में एक-एक प्रत्याशी ने ही आवेदन किया जबकि 9 वार्डों में दो या दो से अधिक लोगों ने फॉर्म भरा था।
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चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता का हवाला देते हुए गांव बैरावास निवासी सुरेंद्र सिंह व गांव सिगड़ा निवासी सुरेंद्र कुमार ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए स्टेट रजिस्ट्रार में शिकायत दर्ज कराई थी। स्टेट रजिस्ट्रार की ओर से चुनाव प्रकिया पर रोक लगा दी गई और 24 नवंबर को सुनवाई की तारीख तय की गई थी लेकिन 24 नवंबर को सुनवाई नहीं हुई तथा 12 दिसंबर को सुनवाई की तारीख निर्धारित की।
दूसरी ओर सभा की कार्यकारणी का कार्यकाल पूरा होने पर सभा के सदस्य प्रदीप बालरोडिया व अन्य सदस्यों ने जिला रजिस्ट्रार, स्टेट रजिस्ट्रार, रजिस्ट्रार जनरल के पास लिखित शिकायत भेजकर प्रशासक नियुक्त करने व प्रशासक नियुक्त न होने तक प्रशासनिक व वित्तीय गतिविधियों पर अस्थाई रोक लगाने की मांग की थी।
शिकायत में बताया था कि वर्तमान में सभा के पास कोई वैधानिक निर्वाचित कार्यकारिणी नहीं है और संस्था का संचालन गैर-संवैधानिक स्थिति में संचालित होने की स्पष्ट आशंका है। बिना किसी वैधानिक व्यवस्था के सभा के माध्यम से लिए गए निर्णय संस्था की वैधता, पारदर्शिता और सदस्यों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
सदस्यों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जिला रजिस्ट्रार ने सभा के पूर्व प्रधान, पूर्व महासचिव व शिकायतकर्ता को पत्र जारी कर एक दिसंबर को वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के लिए सूचित किया है। इस विषय में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद यादव सभा में प्रशासक की नियुक्ति पर निर्णय लिया जाएगा।
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सभा द्वारा नियुक्ति चुनाव अधिकारी की ओर से 26 सितंबर से 27 अक्तूब तक चुनावी शेड़्यूल जारी किया गया था लेकिन कुछ लोगों ने चुनावी प्रक्रिया में अनियमित को लेकर शिकायत के बाद स्टेट रजिस्ट्रार की ओर से चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। अब चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक प्रशासक की नियुक्ति की मांग की गई थी।
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वहीं कुछ दिनों तक चली सभा के कॉलेजियम चुनाव प्रक्रिया के तहत 78 वार्डों में से 55 वार्डों में प्रत्याशियों ने फॉर्म जमा किए थे। छह फॉर्म खामियों के चलते रद्द कर दिए गए। 44 वार्डों में एक-एक प्रत्याशी ने ही आवेदन किया जबकि 9 वार्डों में दो या दो से अधिक लोगों ने फॉर्म भरा था।
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चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता का हवाला देते हुए गांव बैरावास निवासी सुरेंद्र सिंह व गांव सिगड़ा निवासी सुरेंद्र कुमार ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए स्टेट रजिस्ट्रार में शिकायत दर्ज कराई थी। स्टेट रजिस्ट्रार की ओर से चुनाव प्रकिया पर रोक लगा दी गई और 24 नवंबर को सुनवाई की तारीख तय की गई थी लेकिन 24 नवंबर को सुनवाई नहीं हुई तथा 12 दिसंबर को सुनवाई की तारीख निर्धारित की।
दूसरी ओर सभा की कार्यकारणी का कार्यकाल पूरा होने पर सभा के सदस्य प्रदीप बालरोडिया व अन्य सदस्यों ने जिला रजिस्ट्रार, स्टेट रजिस्ट्रार, रजिस्ट्रार जनरल के पास लिखित शिकायत भेजकर प्रशासक नियुक्त करने व प्रशासक नियुक्त न होने तक प्रशासनिक व वित्तीय गतिविधियों पर अस्थाई रोक लगाने की मांग की थी।
शिकायत में बताया था कि वर्तमान में सभा के पास कोई वैधानिक निर्वाचित कार्यकारिणी नहीं है और संस्था का संचालन गैर-संवैधानिक स्थिति में संचालित होने की स्पष्ट आशंका है। बिना किसी वैधानिक व्यवस्था के सभा के माध्यम से लिए गए निर्णय संस्था की वैधता, पारदर्शिता और सदस्यों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
सदस्यों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जिला रजिस्ट्रार ने सभा के पूर्व प्रधान, पूर्व महासचिव व शिकायतकर्ता को पत्र जारी कर एक दिसंबर को वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के लिए सूचित किया है। इस विषय में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद यादव सभा में प्रशासक की नियुक्ति पर निर्णय लिया जाएगा।