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Rewari News: स्वास्थ्य उपकेंद्र 114, अधिकतर की हालत बदहाल

Wed, 05 Jul 2023 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 05 Jul 2023 01:00 AM IST
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Health sub-centre 114, most of them in bad condition
गांव सुठानी ​स्थित जर्जर हालत में स्वास्थ्य उपकेंद्र। संवाद
रेवाड़ी। ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी चिकित्सा तंत्र दम तोड़ने लगा है। एक हजार की आबादी पर एक स्वास्थ्य उपकेंद्र बनवाया गया था, लेकिन देखरेख के अभाव और चिकित्सा विभाग की लापरवाही के चलते 114 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में अधिकतर के भवन जर्जर हो गए हैं। कुछ स्थानों पर स्टाफ ही नहीं है, कहीं है तो गिनती के कर्मचारी जो केवल मरहम पट्टी के अलावा और कुछ नहीं करते। जर्जर भवनों और खड़ी झाड़ियों के बीच लोग जाने से भी कतराने लगे हैं। वहीं इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों के अंदर लाखों की मशीनें कबाड़ हो गई हैं।
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पुंसिका के स्वास्थ्य उपकेंद्र की दीवार है टूटी
जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर गांव पुंसिका में करीब 50 साल पूर्व बनाया गया स्वास्थ्य उपकेंद्र रखरखाव के अभाव में बदहाल है। कभी दीवार टूटी हुई तो कहीं छत से सीमेंट का प्लास्टर गिर रहा है। जर्जर कमरों में बैठने से स्वास्थ्यकर्मी भी डरते हैं। मजबूरन स्वास्थ्य कर्मियों को इधर-उधर बैठकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रहे हैं। कमोबेश यही हालात झाबुआ के स्वास्थ्य उपकेंद्र का भी है। यहां भी स्वास्थ्यकर्मी बाहर बैठकर या फिर इधर-उधर घरों में बैठकर ड्यूटी करते हैं। ऐसा नहीं है कि स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से विभाग को शिकायत नहीं दी गई हो। विभाग को कई बार जर्जर भवनों की हालत के बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं।
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सुठानी के स्वास्थ्य उपकेंद्र की छत से टपकता है पानी
गांव सुठानी के स्वास्थ्य उपकेंद्र में न केवल झाड़ियां खड़ी हैं, बल्कि बारिश के दौरान इमारत की छत टपकती है। स्वास्थ्यकर्मी यहां आने से कतराते हैं। मजबूरन स्वास्थ्यकर्मी गांव में इधर-उधर बैठकर कार्य करते हैं। जलभराव के कारण स्टाफ तक के बैठने की जगह नहीं रहती। मरीज भी आने से कतराने लगे हैं।
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जर्जर एएनएम सेंटर पर नहीं जाते मरीज
अघिकांश गांवों में बने स्वास्थ्य उपकेंद्र बने थे जो अब देखरेख के अभाव में जर्जर हो गए हैं। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ही मरीज भी स्वास्थ्य उपकेंद्रों में आने से कतराने लगे हैं।

वर्जन
अधिकतर स्वास्थ्य उपकेंद्रों को ठीक करा दिया गया है, जिनकी हालत बदहाल है, उनकी मरम्मत के लिए निदेशालय को पत्र भेजा जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को हर संभव सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
-डॉ अशोक कुमार, डिप्टी सिविल सर्जन रेवाड़ी।
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