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Rewari News: हनुमान ने जलाई लंका, श्रीराम की शरण में पहुंचे विभीषण
Tue, 20 Oct 2026 12:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 20 Oct 2026 12:45 AM IST
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श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर की तरफ से रामलीला का मंचन। स्रोत : मंदिर
रेवाड़ी। श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला के मंच पर लंका दहन और विभीषण के भगवान श्रीराम की शरण में पहुंचने की लीला का मंचन किया गया। हनुमान जी के लंका दहन के दृश्य देखकर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
लीला के सचिव याद के सुगंध ने बताया कि श्रीराम ने हनुमान जी को माता सीता की खोज में लंका भेजा। वहां हनुमान जी की मुलाकात विभीषण से हुई, जिनसे उन्हें सीता जी के अशोक वाटिका में होने का पता चला।
हनुमान जी ने अशोक वाटिका पहुंचकर भगवान श्रीराम की ओर से दी गई मुद्रिका सीता जी को दी और उन्हें प्रभु का संदेश सुनाया। इसके बाद उन्होंने अशोक वाटिका उजाड़ दी और रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध किया।
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मेघनाद हनुमान जी को ब्रह्मास्त्र से बांधकर रावण के दरबार में ले गया। रावण के आदेश पर उनकी पूंछ में आग लगा दी गई। इसके बाद हनुमान जी ने लंका दहन किया और वापस लौटकर भगवान श्रीराम को सीता जी का संदेश दिया। उन्होंने सीता जी की चूड़ामणि भी श्रीराम को सौंपी। इसके बाद रावण द्वारा विभीषण को देश निकाला देने और विभीषण के भगवान श्रीराम की शरण में पहुंचने तक की लीला का मंचन किया गया।
दो छोटे बच्चों ने रिबन काटकर रामलीला का शुभारंभ किया। श्याम गुप्ता, महेश शर्मा पटवारी और राजेश पंवार ने अतिथियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
मुख्य संरक्षक अशोक शर्मा ने बताया कि ललित ने राम, रूपेश ने सीता, हिमांशु ने लक्ष्मण, विजय पंवार ने रावण, वैभव ने हनुमान, अमित कश्यप ने सुग्रीव, सुनील ने मेघनाद, गगन ने अक्षय कुमार, सुभाष गुप्ता ने अंगद और करण गुप्ता ने विभीषण की भूमिका निभाई। संगीत की जिम्मेदारी श्रीपति शेखावत ने संभाली।
इस अवसर पर विकास गुप्ता, भारत गुप्ता, मनीष सेन, लोकेश गोयल, बाबूलाल गुप्ता, लाला राम गुप्ता, जयभूषण शर्मा, नानक गुप्ता, काकी अग्रवाल और मोनू डुडेजा सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सहयोग दिया।
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लीला के सचिव याद के सुगंध ने बताया कि श्रीराम ने हनुमान जी को माता सीता की खोज में लंका भेजा। वहां हनुमान जी की मुलाकात विभीषण से हुई, जिनसे उन्हें सीता जी के अशोक वाटिका में होने का पता चला।
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हनुमान जी ने अशोक वाटिका पहुंचकर भगवान श्रीराम की ओर से दी गई मुद्रिका सीता जी को दी और उन्हें प्रभु का संदेश सुनाया। इसके बाद उन्होंने अशोक वाटिका उजाड़ दी और रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध किया।
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मेघनाद हनुमान जी को ब्रह्मास्त्र से बांधकर रावण के दरबार में ले गया। रावण के आदेश पर उनकी पूंछ में आग लगा दी गई। इसके बाद हनुमान जी ने लंका दहन किया और वापस लौटकर भगवान श्रीराम को सीता जी का संदेश दिया। उन्होंने सीता जी की चूड़ामणि भी श्रीराम को सौंपी। इसके बाद रावण द्वारा विभीषण को देश निकाला देने और विभीषण के भगवान श्रीराम की शरण में पहुंचने तक की लीला का मंचन किया गया।
दो छोटे बच्चों ने रिबन काटकर रामलीला का शुभारंभ किया। श्याम गुप्ता, महेश शर्मा पटवारी और राजेश पंवार ने अतिथियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
मुख्य संरक्षक अशोक शर्मा ने बताया कि ललित ने राम, रूपेश ने सीता, हिमांशु ने लक्ष्मण, विजय पंवार ने रावण, वैभव ने हनुमान, अमित कश्यप ने सुग्रीव, सुनील ने मेघनाद, गगन ने अक्षय कुमार, सुभाष गुप्ता ने अंगद और करण गुप्ता ने विभीषण की भूमिका निभाई। संगीत की जिम्मेदारी श्रीपति शेखावत ने संभाली।
इस अवसर पर विकास गुप्ता, भारत गुप्ता, मनीष सेन, लोकेश गोयल, बाबूलाल गुप्ता, लाला राम गुप्ता, जयभूषण शर्मा, नानक गुप्ता, काकी अग्रवाल और मोनू डुडेजा सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सहयोग दिया।