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Rewari News: बेरली कला में विजय दशमी पर जलेगा 160 फीट ऊंचा पुतला
Tue, 20 Oct 2026 01:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 20 Oct 2026 01:11 AM IST
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रेवाड़ी। जिले के बेरली कलां गांव में विजय दशमी पर 160 फीट ऊंचे और करीब 11 टन वजनी रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। यह पुतला जिले में सबसे ऊंचा और हरियाणा में दूसरा सबसे ऊंचा बताया जा रहा है। इसे देखने के लिए दूर-दराज से दर्शक पहुंचते हैं।
छोटेलाल रामलीला क्लब के प्रधान जयवीर ने बताया कि रावण के इस विशाल पुतले को तैयार करने में एक महीने से अधिक समय लगा और इस पर करीब पौने दो लाख रुपये खर्च हुए हैं। सोमवार शाम को विशाल हाइड्रा मशीन की मदद से पुतले को खड़ा किया गया। इसकी ऊंचाई और वजन को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मंगलवार को विजयदशमी पर पहले गांव में झांकी निकाली जाएगी। इसके बाद शाम को रावण दहन होगा। इसमें हजारों लोग पहुंचेंगे। इसको लेकर सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। कार्यक्रम में कोसली विधायक अनिल यादव भी शामिल होंगे।
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70 फीट का धड़, 25 फीट का छत्र
रावण के पुतले का चेहरा 20 फीट, मुकुट 20 फीट, छत्र 25 फीट, धड़ 70 फीट और पैरों की लंबाई करीब 25 फीट रखी गई है। इन हिस्सों को जोड़कर 160 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया है। इसकी भव्यता दशहरे पर आने वाले दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेगी।
अंग्रेजों के समय से चली आ रही रामलीला की परंपरा
बेरली कलां गांव में रामलीला मंचन की परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। इस रामलीला में 10 साल के बच्चों से लेकर 80 वर्ष तक के बुजुर्ग कलाकार अलग-अलग किरदार निभाते हैं। गांव के लोग मिल-जुलकर इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधान जयवीर के अनुसार पिछले करीब 20 वर्षों से गांव निवासी मुकेश रावण के पुतले का निर्माण कर रहे हैं। हर साल तैयार होने वाला यह विशाल पुतला दशहरे के आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार भी गांव में रावण दहन को लेकर उत्साह है और लोगों को शाम के आयोजन का इंतजार है।
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छोटेलाल रामलीला क्लब के प्रधान जयवीर ने बताया कि रावण के इस विशाल पुतले को तैयार करने में एक महीने से अधिक समय लगा और इस पर करीब पौने दो लाख रुपये खर्च हुए हैं। सोमवार शाम को विशाल हाइड्रा मशीन की मदद से पुतले को खड़ा किया गया। इसकी ऊंचाई और वजन को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
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मंगलवार को विजयदशमी पर पहले गांव में झांकी निकाली जाएगी। इसके बाद शाम को रावण दहन होगा। इसमें हजारों लोग पहुंचेंगे। इसको लेकर सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। कार्यक्रम में कोसली विधायक अनिल यादव भी शामिल होंगे।
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70 फीट का धड़, 25 फीट का छत्र
रावण के पुतले का चेहरा 20 फीट, मुकुट 20 फीट, छत्र 25 फीट, धड़ 70 फीट और पैरों की लंबाई करीब 25 फीट रखी गई है। इन हिस्सों को जोड़कर 160 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया है। इसकी भव्यता दशहरे पर आने वाले दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेगी।
अंग्रेजों के समय से चली आ रही रामलीला की परंपरा
बेरली कलां गांव में रामलीला मंचन की परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। इस रामलीला में 10 साल के बच्चों से लेकर 80 वर्ष तक के बुजुर्ग कलाकार अलग-अलग किरदार निभाते हैं। गांव के लोग मिल-जुलकर इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधान जयवीर के अनुसार पिछले करीब 20 वर्षों से गांव निवासी मुकेश रावण के पुतले का निर्माण कर रहे हैं। हर साल तैयार होने वाला यह विशाल पुतला दशहरे के आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार भी गांव में रावण दहन को लेकर उत्साह है और लोगों को शाम के आयोजन का इंतजार है।