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Rewari News: पूंछ में आग लगाने पर हनुमान ने जलाई सोने की लंका

Wed, 09 Oct 2024 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 09 Oct 2024 01:00 AM IST
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Hanuman burnt the golden Lanka by setting fire to his tail.
रेवाड़ी। रामलीला का हो रहा मंचन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। रेलवे काॅलोनी स्थित श्रीराम मंदिर रेलवे ड्रामेटिक क्लब की रामलीला का शुभारंभ मंगलवार को पं. मोहन लाल शर्मा और सुरेंद्र सिंह यादव ने किया। हनुमान जी के लंका जलाने का मंचन किया गया।
मंचन के दौरान सुग्रीव की सेना को चारों दिशाओं में सीता जी की खोज के लिए भेजा जाता है। हनुमान, जामवन्त, अंगद व नल-नील को समुद्र किनारे संपाती मिलते हैं जोकि जटायु जी के भाई थे। वह सीता के लंका में होने की सूचना देते हैं, लेकिन प्रश्न यह उठता है कि समुद्र को पार कर के कौन जायेगा। तब जामवंत जी हनुमान जी को उनके बल की याद दिलाते हैं।
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हनुमान जी लंका पहुंचते हैं जहां उन की मुलाकात लंकिनी से होती है जो हनुमान जी का रास्ता रोकती है लेकिन हनुमान जी उस को एक घुसा मारते हैं। इसके लगते ही उस को नारद जी का वचन याद आता है कि जब हनुमान जी का घुसा लगेगा तो समझ लेना की राक्षस कुल का विनाश शुरू हो गया है। उसके बाद रावण के भाई विभीषण से मुलाकात होती है जो बताते हैं कि सीता मां अशोक वाटिका में हैं। रावण सीता को राम का ध्यान भुलाने के लिए कहता है और खुद को स्वीकार करने का आग्रह करता है जिसे सीता अस्वीकार कर देती हैं। हनुमान जी प्रभु राम की अंगूठी सीता माता को दर्शन देकर देते है और अपने को राम का सेवक बताते हैं।
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हनुमान जी भूख लगने पर अशोक वाटिका के फल खाते हैं व वाटिका को उजाड़ देते हैं। जब रावण को सूचना मिलती है तो अक्षय कुमार व मेधनाद को भेजा जाता है। अक्षय कुमार मारा जाता है और मेघनाद उस को पकड़कर रावण दरबार में लाते है, जहां रावण व हनुमान के बीच संवाद होता है। अंत में रावण हनुमान जी की पूंछ में आग लगवा देता है। इसके बाद हनुमान जी पूरी लंका को जला देते हैं। लंका से वापस लौटने से पहले सीता जी को इसकी सूचना देते हैं और सीता जी से उनकी निशानी मांगते है। सीता जी अपनी चूड़ामणि देकर संदेश देती हैं कि प्रभु एक महीने से अधिक समय न लगाएं। हनुमान जी पहुंच कर सारा वृत्तांत प्रभु राम को बताते हैं और माता की चूड़ामणि देते हैं।


राम-दिवेश शर्मा, लक्ष्मन-मोहित यादव, सीता-सागर, सुग्रीव-जगदीश शर्मा, जामवन्त-संजस सौनी, लंकनी-निरिवल रौहिल्ला ,हनुमान-उमेश शर्मा, अंगद-महेश कौशिक, रावण-मुकेश भारद्वाज, मन्दोदरी-जितेश, मेधनाथ-ब्रिजेश शर्मा, विभिषण-रोशन लाल, अक्षयकुमार-रोहित नल- नील- प्रिंस-लक्ष्य शर्मा, सम्पाती-नरेन्द्र गोयल, रावण के मंत्री की भूमिका रोहित ने निभाई।
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