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Rewari News: केएलपी कॉलेज में जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी इंटर्नशिप शुरू
Tue, 14 Jul 2026 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 14 Jul 2026 12:01 AM IST
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जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी इंटर्नशिप के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित प्राचार्य व स्टाफ सदस्य। स्त्रोत
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रेवाड़ी। केएलपी कॉलेज के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग की ओर से एक माह की जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी इंटर्नशिप का शुभारंभ सोमवार को किया गया। इसका उद्घाटन प्राचार्य प्रो. कविता गुप्ता ने किया।
यह इंटर्नशिप 12 अगस्त तक भूगोल विभाग की प्रयोगशाला में आयोजित की जाएगी। इसमें विद्यार्थियों को आधुनिक जियोस्पेशियल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्राचार्या प्रो. कविता गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी तेजी से उभरता हुआ रोजगारोन्मुख क्षेत्र है। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाना चाहिए। तकनीकी दक्षता भविष्य में बेहतर रोजगार और शोध के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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कार्यक्रम की संयोजक डॉ. किरण बाला ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को (जीआईएस) रिमोट सेंसिंग, जीपीएस सहित अन्य आधुनिक जियोस्पेशियल तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी और वे विभिन्न क्षेत्रों में इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकेंगे।
महाविद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान रिपुदमन गुप्ता, उपाध्यक्ष संदीप खंडेलवाल, महासचिव अरविंद गुप्ता तथा कोषाध्यक्ष उषा रुस्तगी ने कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगे।
इस अवसर पर भूगोल विभाग की डॉ. रेखा शर्मा, डॉ. अनीता, आरती तथा राजनीति विज्ञान विभाग की डॉ. ऋचा शर्मा भी मौजूद रहीं।
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यह इंटर्नशिप 12 अगस्त तक भूगोल विभाग की प्रयोगशाला में आयोजित की जाएगी। इसमें विद्यार्थियों को आधुनिक जियोस्पेशियल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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प्राचार्या प्रो. कविता गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी तेजी से उभरता हुआ रोजगारोन्मुख क्षेत्र है। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाना चाहिए। तकनीकी दक्षता भविष्य में बेहतर रोजगार और शोध के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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कार्यक्रम की संयोजक डॉ. किरण बाला ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को (जीआईएस) रिमोट सेंसिंग, जीपीएस सहित अन्य आधुनिक जियोस्पेशियल तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी और वे विभिन्न क्षेत्रों में इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकेंगे।
महाविद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान रिपुदमन गुप्ता, उपाध्यक्ष संदीप खंडेलवाल, महासचिव अरविंद गुप्ता तथा कोषाध्यक्ष उषा रुस्तगी ने कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगे।
इस अवसर पर भूगोल विभाग की डॉ. रेखा शर्मा, डॉ. अनीता, आरती तथा राजनीति विज्ञान विभाग की डॉ. ऋचा शर्मा भी मौजूद रहीं।