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Rewari News: क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर हो रही ठगी
Sat, 14 Feb 2026 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 14 Feb 2026 11:56 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर बढ़ रही साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए एसपी ने एडवाइजरी जारी की है। बताया गया है कि साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिये लोगों को अधिक मुनाफे का झांसा देकर ठगी का शिकार बना रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा ने बताया कि आरोपी स्वयं को क्रिप्टो एक्सपर्ट, निवेश सलाहकार या किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर संपर्क करते हैं।
शुरुआत में कम राशि निवेश करवाकर फर्जी तरीके से मुनाफा दिखाया जाता है, जिससे पीड़ित का विश्वास जीत लिया जाता है। इसके बाद बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
बाद में आरोपी संपर्क तोड़ लेते हैं या टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, वॉलेट अपग्रेड आदि के नाम पर लगातार पैसे मांगते रहते हैं।रेवाड़ी पुलिस ने आमजन को सलाह दी है कि बिना वैधानिक पुष्टि के किसी भी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म में निवेश न करें।
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अनजान लिंक, ऐप या कॉल से दूरी बनाए रखें। गारंटीड रिटर्न या डबल पैसा जैसे दावों से सावधान रहें। अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, यूपीआई पिन या वॉलेट संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
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रेवाड़ी। क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर बढ़ रही साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए एसपी ने एडवाइजरी जारी की है। बताया गया है कि साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिये लोगों को अधिक मुनाफे का झांसा देकर ठगी का शिकार बना रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा ने बताया कि आरोपी स्वयं को क्रिप्टो एक्सपर्ट, निवेश सलाहकार या किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर संपर्क करते हैं।
शुरुआत में कम राशि निवेश करवाकर फर्जी तरीके से मुनाफा दिखाया जाता है, जिससे पीड़ित का विश्वास जीत लिया जाता है। इसके बाद बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
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बाद में आरोपी संपर्क तोड़ लेते हैं या टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, वॉलेट अपग्रेड आदि के नाम पर लगातार पैसे मांगते रहते हैं।रेवाड़ी पुलिस ने आमजन को सलाह दी है कि बिना वैधानिक पुष्टि के किसी भी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म में निवेश न करें।
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अनजान लिंक, ऐप या कॉल से दूरी बनाए रखें। गारंटीड रिटर्न या डबल पैसा जैसे दावों से सावधान रहें। अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, यूपीआई पिन या वॉलेट संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।