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किसान बागवानी में ‘‘स्टैकिंग विधि’ का प्रयोग कर कमाए अच्छा मुनाफा : उपायुक्त
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रेवाड़ी। उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने किसानों का आह्वान किया कि वे किसान बागवानी में स्टेकिंग विधि का प्रयोग कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। सरकार द्वारा सब्जियों में बांस स्टेकिंग व लौह के स्टेकिंग का प्रयोग करने के लिए किसानों को 50 से 90 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बागवानी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
उपायुक्त ने बताया कि आधुनिक युग में खेती में नई-नई तकनीकें उभरकर सामने आ रही हैं। इससे किसानों को ढेरों फायदे पहुंच रहे हैं। सब्जियों की खेती में ‘स्टेकिंग’ ऐसी ही एक विधि का नाम है। इसे अपनाकर किसान अच्छा लाभ कमा सकते हैं। उन्होंने बताया कि नई-नई तकनीकों से खेती करने का सबसे बड़ा फायदा होता है कि इससे ढेर सारी जानकारियां मिलती हैं और दूसरी ओर इनसे मुनाफा और फसलों की पैदावार भी अधिक होती है।
बांस स्टेकिंग व लौह स्टेकिंग पर अलग-अलग अनुदान
उपायुक्त ने बताया कि सरकार द्वारा बांस स्टेकिंग की लागत 62 हजार 500 रुपए प्रति एकड़ पर 31250 से लेकर 56250 रुपए तथा लौह स्टेकिंग पर लागत एक लाख 41 हजार रुपये प्रति एकड़ पर 70500 से लेकर एक लाख 26 हजार रुपये अनुदान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बांस स्टेकिंग व लौह स्टेकिंग पर अधिकतम अनुदान क्षेत्र 1 से 2.5 एकड़ है।
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बहुत आसान है स्टेकिंग तकनीक
किसान पहले पुरानी तकनीक से ही सब्जियों और फलों की खेती करते थे। लेकिन अब किसान स्टेकिंग तकनीक का इस्तेमाल कर खेती कर रहे हैं क्योंकि यह तकनीक बहुत ही आसान है। इस तकनीक में बहुत ही कम सामान का प्रयोग होता है। स्टेकिंग बांस व लौह के सहारे तार और रस्सी का जाल बनाया जाता है।
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उपायुक्त ने बताया कि आधुनिक युग में खेती में नई-नई तकनीकें उभरकर सामने आ रही हैं। इससे किसानों को ढेरों फायदे पहुंच रहे हैं। सब्जियों की खेती में ‘स्टेकिंग’ ऐसी ही एक विधि का नाम है। इसे अपनाकर किसान अच्छा लाभ कमा सकते हैं। उन्होंने बताया कि नई-नई तकनीकों से खेती करने का सबसे बड़ा फायदा होता है कि इससे ढेर सारी जानकारियां मिलती हैं और दूसरी ओर इनसे मुनाफा और फसलों की पैदावार भी अधिक होती है।
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बांस स्टेकिंग व लौह स्टेकिंग पर अलग-अलग अनुदान
उपायुक्त ने बताया कि सरकार द्वारा बांस स्टेकिंग की लागत 62 हजार 500 रुपए प्रति एकड़ पर 31250 से लेकर 56250 रुपए तथा लौह स्टेकिंग पर लागत एक लाख 41 हजार रुपये प्रति एकड़ पर 70500 से लेकर एक लाख 26 हजार रुपये अनुदान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बांस स्टेकिंग व लौह स्टेकिंग पर अधिकतम अनुदान क्षेत्र 1 से 2.5 एकड़ है।
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बहुत आसान है स्टेकिंग तकनीक
किसान पहले पुरानी तकनीक से ही सब्जियों और फलों की खेती करते थे। लेकिन अब किसान स्टेकिंग तकनीक का इस्तेमाल कर खेती कर रहे हैं क्योंकि यह तकनीक बहुत ही आसान है। इस तकनीक में बहुत ही कम सामान का प्रयोग होता है। स्टेकिंग बांस व लौह के सहारे तार और रस्सी का जाल बनाया जाता है।