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ऋणी किसान 29 जुलाई तक दें बैंकों को फसलों की सही जानकारी : होशियार
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कोसली। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान 31 जुलाई तक अपनी खरीफ की फसलों का बीमा करवा सकते हैं। इसके लिए किसानों को नाममात्र का प्रीमियम देना होगा। योजना को लेकर प्रशासन की ओर से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। एसडीएम होशियार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उपमंडल में खरीफ मौसम की फसलों के लिए किसान 31 जुलाई तक बीमा करा सकते हैं। योजना के तहत कोई भी किसान अपनी फसल का बीमा करा सकता है।
उन्होंने बताया कि पहले बीमा कराने की योजना ऋणी व गैर ऋणी किसानों के लिए अलग-अलग निर्धारित थी। जिसके तहत बैंक से ऋण लेकर खेती करने वाले किसान का बैंक, स्वयं पैसा काटकर उनकी फसल का बीमा कर देते थे। लेकिन अब सरकार ने उन किसानों के लिए भी इसमें छूट प्रदान की है। अगर किसान ने अपने खेत में बाजरे की बिजाई कर रखी है लेकिन गलती से दूसरी फसल का बीमा हो गया या करा लिया है। तो किसान संबंधित बैंक को फसल बदलने की सूचना 29 जुलाई तक अवश्य भेज दें ताकि बाद में बीमा क्लेम के समय किसी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े।एसडीएम ने उपमंडल के किसानों से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कई फायदे है। योजना के तहत आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, जलभराव व अन्य प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान के लिए बीमित फसल का मुआवजा दिया जाता है। फसल नुकसान होने पर 72 घंटों के भीतर किसान को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को निर्धारित प्रारूप में फसल खराब होने की सूचना देना आवश्यक है।
एसडीएम ने बताया कि खरीफ फसल का बीमा करने के लिए धान के लिए प्रीमियम राशि 1853 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। इसी तरह बाजरे के लिए 872 रुपये प्रति हेक्टेयर, कपास के लिये 4495 रुपये प्रति हेक्टेयर, मक्का के लिए 927 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित है।यह प्रीमियम राशि किसान को भरनी होगी। जबकि बीमित राशि धान के लिए 92,626 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। इसी तरह बाजरे के लिए 45,588 रुपये प्रति हेक्टेयर व कपास के लिए 89,903 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। वहीं मक्का के लिए 46,314 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित है।
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उन्होंने बताया कि पहले बीमा कराने की योजना ऋणी व गैर ऋणी किसानों के लिए अलग-अलग निर्धारित थी। जिसके तहत बैंक से ऋण लेकर खेती करने वाले किसान का बैंक, स्वयं पैसा काटकर उनकी फसल का बीमा कर देते थे। लेकिन अब सरकार ने उन किसानों के लिए भी इसमें छूट प्रदान की है। अगर किसान ने अपने खेत में बाजरे की बिजाई कर रखी है लेकिन गलती से दूसरी फसल का बीमा हो गया या करा लिया है। तो किसान संबंधित बैंक को फसल बदलने की सूचना 29 जुलाई तक अवश्य भेज दें ताकि बाद में बीमा क्लेम के समय किसी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े।एसडीएम ने उपमंडल के किसानों से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कई फायदे है। योजना के तहत आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, जलभराव व अन्य प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान के लिए बीमित फसल का मुआवजा दिया जाता है। फसल नुकसान होने पर 72 घंटों के भीतर किसान को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को निर्धारित प्रारूप में फसल खराब होने की सूचना देना आवश्यक है।
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एसडीएम ने बताया कि खरीफ फसल का बीमा करने के लिए धान के लिए प्रीमियम राशि 1853 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। इसी तरह बाजरे के लिए 872 रुपये प्रति हेक्टेयर, कपास के लिये 4495 रुपये प्रति हेक्टेयर, मक्का के लिए 927 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित है।यह प्रीमियम राशि किसान को भरनी होगी। जबकि बीमित राशि धान के लिए 92,626 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। इसी तरह बाजरे के लिए 45,588 रुपये प्रति हेक्टेयर व कपास के लिए 89,903 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। वहीं मक्का के लिए 46,314 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित है।
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