{"_id":"600c5e548ebc3e2c5359e041","slug":"farmer-protest-highway-jaipur-rewari-news-rtk592259799","type":"story","status":"publish","title_hn":"गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर परेड के लिए पहुंचने लगे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर परेड के लिए पहुंचने लगे किसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर व मसानी बैराज पर धरनारत किसानों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, केरल व अन्य प्रदेशों के किसान यहां पहुंच रहे हैं। वहीं पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के 24 जनवरी को खेड़ा बॉर्डर पहुंचने की चर्चा के बीच राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और किसानों के पड़ाव के समीप ही हेलीपैड की सुरक्षा भी चाक-चौबंद कर दी गई है।
25 और 26 जनवरी को हाईवे पर यात्रा करने से बचें
गणतंत्र दिवस पर किसानों के ट्रैक्टर परेड निकालने का ऐलान दिल्ली-जयपुर हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी भारी पड़ सकता है। किसानों को रोकने के लिए जहां पुलिस हाईवे पर घेराबंदी कर रही है। वहीं किसान ट्रैक्टर परेड की रिहर्सल में जुटे हैं। चूंकि हाईवे पर बैरिकेड्स और अवरोधक डाले जाने से जाम जैसे हालात बन सकते हैं। इसलिए यात्री 25 व 26 जनवरी को बहुत आवश्यक हो तभी यात्रा करें। इसके अलावा वे पुलिस द्वारा जारी सलाह के मुताबिक ही मार्ग का प्रयोग करें, वरना यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है।
800 से ज्यादा ट्रैक्टर हो सकते परेड में शामिल
26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए आंदोलन कर रहे किसान पिछले एक सप्ताह से गांवों में जनसंपर्क कर रहे हैं। जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर हाल में करीब 500 व साहबी पुल के समीप 100 के करीब ट्रैक्टर किसानों के साथ खड़े हैं। वहीं हर दिन किसान और ट्रैक्टर की संख्या बढ़ रही है। 26 जनवरी तक अकेले जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर ही 800 से ज्यादा ट्रैक्टर एकत्रित हो सकते हैं।
विज्ञापन
सरकार ने हठ दिखाते हुए वार्ता का क्रम तोड़ा
किसान नेताओं ने कहा कि कहा कि सरकार का 2 साल के लिए कृषि कानूनों को लागू न करने का आश्वासन पूरी तरह से छलावा है। सरकार किसी भी सूरत में इस किसान आंदोलन को तोड़ना चाहती है। सरकार द्वारा किसानों के साथ बैठक में कहा गया कि सरकार के पास कृषि कानूनों को 2 साल पर होल्ड करने के अलावा कोई और और समाधान नहीं है। यह इस बात को दर्शाता है कि सरकार अपनी हठधर्मिता को नहीं छोड़ना चाहती है और किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती है।
आंध्र प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के किसान अनशन पर
आंदोलन के बीच चल रहे क्रमिक अनशन पर शनिवार को आंध्र प्रदेश के 3 किसानों सहित राजस्थान व हरियाणा के 13 किसान 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठे। अनशन पर बैठने वालों में आंध्र प्रदेश के पी महेश, जी ईश्वर, के गंगाधर, राजस्थान के सुभाष सहू, संदीप वर्मा, नानूराम कटारा, शंकर अहारी, सूरजमल पुनिया, नोरंग लाल भाकर व हरियाणा के राजेश भिरान, हवा सिंह, रमेश शर्मा व निहाल सिंह शामिल हैं।
केरल के किसानों ने नाटक प्रस्तुत किए
केरल से आए किसानों ने कृषि के क्षेत्र में आने वाले समस्याएं व किसानों के संघर्ष को एक नाटक के माध्यम से सभा के सामने खूबसूरती से रखा। दाना- दाना इंकलाब, इप्टा और जन संस्कृति समूह द्वारा गीतों और नाटकों के द्वारा आंदोलन को समर्थन दिया गया। आंदोलन में शामिल महिलाओं ने कहा कि अगर 6 महीने और भी आंदोलन जारी रहा तो वे पीछे नहीं हटेंगी।
इन्होंने किया संबोधित
इस मौके पर बादल सरोज, विक्रम सिंह, चिमना राम, पूणार्राम, अमर सिंह, नरेश चेची, रमेश नायक, सुल्तान, कमलेश विश्नोई, शोपत राम, रघुवीर वर्मा, दयाराम, राजाराम, अनु दुग्गल, मृगया, अमरजीत कौर, जगदीश, रविन्द्र, वीरेंद्र, कुणाल रावल, राजेंद्र यादव, बलबीर, महावीर व विद्या सागर आदि ने संबोधित किया।
विज्ञापन
25 और 26 जनवरी को हाईवे पर यात्रा करने से बचें
गणतंत्र दिवस पर किसानों के ट्रैक्टर परेड निकालने का ऐलान दिल्ली-जयपुर हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी भारी पड़ सकता है। किसानों को रोकने के लिए जहां पुलिस हाईवे पर घेराबंदी कर रही है। वहीं किसान ट्रैक्टर परेड की रिहर्सल में जुटे हैं। चूंकि हाईवे पर बैरिकेड्स और अवरोधक डाले जाने से जाम जैसे हालात बन सकते हैं। इसलिए यात्री 25 व 26 जनवरी को बहुत आवश्यक हो तभी यात्रा करें। इसके अलावा वे पुलिस द्वारा जारी सलाह के मुताबिक ही मार्ग का प्रयोग करें, वरना यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है।
विज्ञापन
800 से ज्यादा ट्रैक्टर हो सकते परेड में शामिल
26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए आंदोलन कर रहे किसान पिछले एक सप्ताह से गांवों में जनसंपर्क कर रहे हैं। जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर हाल में करीब 500 व साहबी पुल के समीप 100 के करीब ट्रैक्टर किसानों के साथ खड़े हैं। वहीं हर दिन किसान और ट्रैक्टर की संख्या बढ़ रही है। 26 जनवरी तक अकेले जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर ही 800 से ज्यादा ट्रैक्टर एकत्रित हो सकते हैं।
विज्ञापन
सरकार ने हठ दिखाते हुए वार्ता का क्रम तोड़ा
किसान नेताओं ने कहा कि कहा कि सरकार का 2 साल के लिए कृषि कानूनों को लागू न करने का आश्वासन पूरी तरह से छलावा है। सरकार किसी भी सूरत में इस किसान आंदोलन को तोड़ना चाहती है। सरकार द्वारा किसानों के साथ बैठक में कहा गया कि सरकार के पास कृषि कानूनों को 2 साल पर होल्ड करने के अलावा कोई और और समाधान नहीं है। यह इस बात को दर्शाता है कि सरकार अपनी हठधर्मिता को नहीं छोड़ना चाहती है और किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती है।
आंध्र प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के किसान अनशन पर
आंदोलन के बीच चल रहे क्रमिक अनशन पर शनिवार को आंध्र प्रदेश के 3 किसानों सहित राजस्थान व हरियाणा के 13 किसान 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठे। अनशन पर बैठने वालों में आंध्र प्रदेश के पी महेश, जी ईश्वर, के गंगाधर, राजस्थान के सुभाष सहू, संदीप वर्मा, नानूराम कटारा, शंकर अहारी, सूरजमल पुनिया, नोरंग लाल भाकर व हरियाणा के राजेश भिरान, हवा सिंह, रमेश शर्मा व निहाल सिंह शामिल हैं।
केरल के किसानों ने नाटक प्रस्तुत किए
केरल से आए किसानों ने कृषि के क्षेत्र में आने वाले समस्याएं व किसानों के संघर्ष को एक नाटक के माध्यम से सभा के सामने खूबसूरती से रखा। दाना- दाना इंकलाब, इप्टा और जन संस्कृति समूह द्वारा गीतों और नाटकों के द्वारा आंदोलन को समर्थन दिया गया। आंदोलन में शामिल महिलाओं ने कहा कि अगर 6 महीने और भी आंदोलन जारी रहा तो वे पीछे नहीं हटेंगी।
इन्होंने किया संबोधित
इस मौके पर बादल सरोज, विक्रम सिंह, चिमना राम, पूणार्राम, अमर सिंह, नरेश चेची, रमेश नायक, सुल्तान, कमलेश विश्नोई, शोपत राम, रघुवीर वर्मा, दयाराम, राजाराम, अनु दुग्गल, मृगया, अमरजीत कौर, जगदीश, रविन्द्र, वीरेंद्र, कुणाल रावल, राजेंद्र यादव, बलबीर, महावीर व विद्या सागर आदि ने संबोधित किया।