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दो साल में एक करोड़ खर्च, फिर भी अंधेरा

Sun, 03 Apr 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
ब्यूरो /अमर उजाला Updated Sun, 03 Apr 2016 12:44 AM IST
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expand one crore in two year. yet spread darkness every where
गलियों में छाया अंधेरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जनता से कई प्रकार के टैक्स वसूल रही नगर परिषद शहर की गलियों से अंधेरा दूर नहीं कर पा रही है। पिछले दो सालों में परिषद मेंटीनेंस के नाम पर ही एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर चुकी है, लेकिन अभी तक सभी स्ट्रीट लाइट ठीक नहीं हुईं हैं। शहर में कहीं लाइनें जर्जर हालात में है तो कहीं नगर परिषद गंभीरता नहीं दिखा रही। इससे शहरवासियों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है।
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नगर परिषद ने 2014-2015 में जहां 62 लाख 81 हजार रुपये मेंटीनेंस पर खर्च दिखाया, वहीं 2015-2016 में 39 लाख 28 हजार रुपये का खर्च दिखाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि हर महीने तीन लाख रुपये खर्च करने के बावजूद गलियों से अंधेरा दूर क्यों नहीं हो रहा। शहर के महत्वपूर्ण इलाके महाराणा प्रताप चौक से भाड़ावास रोड, सती कॉलोनी, सब्जी मंडी, ब्रास मार्केट, चौधरीवाड़ा, पायलट चौक से पोवाल चौक तक, उत्तम नगर आदि इलाकों की स्ट्रीट लाइट भी अक्सर खराब होती है। इसके अलावा कई इलाकों में अभी तक स्ट्रीट लाइट ही नहीं लगी है।
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हर दिन आ रही 25 से ज्यादा शिकायत
नगर परिषद ने स्ट्रीट लाइट मेंटीनेंस के लिए ठेका दिया हुआ। करीब 24.93 स्क्वेयर किलोमीटर में बसे शहर में रहे रहे डेढ़ लाख लोगों के लिए स्ट्रीट लाइट के साढ़े पांच हजार प्वाइंट हैं। लेकिन हर दिन में ही औसत 25 से ज्यादा शिकायतें तो नगर परिषद तक आ रही है। जबकि कई जगह ऐसी है, जहां महीनों लाइट खराब रहती है।
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नगर परिषद ने नहीं दिखाया लाइट उपकरण खरीद का रिकॉर्ड: कमेटी सदस्य
लाइट कमेटी की सदस्य वीनिता पीपल का कहना है कि नगर परिषद में 2013 से 2015 तक खरीदी गई लाइटों एवं इससे जुड़ी अन्य सामग्री का रिकॉर्ड ही नहीं नगर परिषद में नहीं है। इस मामले को नगर परिषद घोटालों की हुई जांच में भी उठाया गया था। सीटीएम एवं एसडीएम जांच भी कर चुके हैं, लेकिन परिषद की ओर से कोई भी रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया। ऐसे में जनता टैक्स देने के बावजूद अंधेरे रहने को मजबूर है। कई इलाकों में तो नगर परिषद ने स्ट्रीट लाइट ही नहीं लगाई है।

खराब प्वाइंट को ठीक करने का होता है प्रयास
ठेकेदार तेजपाल चौहान का कहना है कि उन्होंने छह टीमें बनाई हुई है। हर सप्ताह पार्षद के पास टीम जाती है। जितनी शिकायत होती है, उसे दूर कर दिया जाता है। औसत हर दिन 25 प्वाइंट ठीक कर रहे हैं।

वर्जन...
नगर परिषद में शिकायत रजिस्टर रखा हुआ है। जितनी भी शिकायत आती है, उसे ठेकेदार से ठीक कराया जाता है।
कृष्ण कुमार, जेई

दो साल में कितना दिया है आपने नगर परिषद को टैक्स
टैक्स                2014-2015        2015-2016

डवलेपमेंट चार्ज        198.84        66.75
वाहन रजिस्ट्रेशन फीस    50.65            32.87
स्टांप ड्यूटी            449.52        469.02
प्रॉपर्टी टैक्स            482.34        106.01
फायर टैक्स            2.99            4.15
बिल्डिंग एप्लीकेश फीस    24.40            26.27
नोट: राशि लाखों में है।
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