{"_id":"616b12768bbd4d70070d428f","slug":"even-200-did-not-get-fertilizer-at-the-center-rewari-news-rtk6272134133","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र पर 200 को भी नहीं मिली खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र पर 200 को भी नहीं मिली खाद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएपी खाद लेने के लिए खाद केंद्र पर किसान शनिवार को सुबह 4 बजे से लाइन में लगे हुए थे। लेकिन केंद्र पर दोपहर तक 200 कट्टे भी नही बट पाए कि खाद केंद्र पर खत्म हो गई। खरीद केंद्र पर लाइनों में लगे किसानों ने बताया कि आज सुबह ही एक ट्रक खाद का आया है जबकि केवल 200 किसानों को टोकन मिले है। टोकन पूरे भी नहीं हुए कि खाद समाप्त हो गया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार बाकी खाद कहां गया।
अनुमानित एक ट्रक में 700 बैग खाद आता है जबकि एक आधार कार्ड पर दो बैग किसानों को खाद दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत के चलते खाद केंद्र पर धांधली चल रही है। किसानों की आंखों के सामने ही अधिकारियों ने लगभग 300 कट्टे गायब कर दिए। ऐेसे में बिजाई के समय किसानों की डीएपी के बिना कैसे सरसों की बिजाई होगी। अधिकारियों का कहना है कि अभी उनके पास 6 से 7 हजार बैग खाद रखे हुए हैं। लेकिन ऐसे सवाल यह है कि आखिरकार विभाग किसानों को कब वितरित करेगा। जिले में अभी सरसों की बिजाई शुरू हो चुकी हैं। किसानों को फिर कब डीएपी खाद मिलेगी।
किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर डीएपी की कीमत 1200 रुपये है। वहीं प्राइवेट दुकानदार इसी बैग की 1400 से 1500 रुपये कीमत वसूल रहे हैं। साथ ही दुकानदार किसानों को रबी फसल में उपयोग के लिए खरपतवार कीटनाशक भी जबरदस्ती थोप रहे हैं जिससे किसानों को एक बैग काफी महंगा पड़ रहा है। वहीं डीएपी खाद की कमी के कारण बीचबीच में सरकारी खाद बीज केंद्र बंद भी किए गए। रेवाड़ी की नई अनाज मंडी स्थित कृभको, इफ्को व प्राइवेट केंद्रों पर खासी भीड़ नजर आ रही हे। डीएपी को लेकर किस तरह की मारामारी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिक्री केंद्रों पर पुलिस के जवानों तक को तैनात करना पड़ा है।
विज्ञापन
जिले में किसानों को लगभग 2 लाख बैग खाद की जरूरत है जबकि शनिवार तक केवल 21 हजार बैग वितरित किए गए हैं। वहीं जिले में सरसों की बिजाई के लिए किसानों ने पूरी तरह से अपने खेतों को तैयार कर लिया है। अभी किसानों को डीएपी खाद की सख्त जरूरत है लेकिन किसानों को खाद के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी रहीं हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि अभी उनके पास केंद्र में लगभग 7 हजार बैग खाद के रखे हुए हैं। ऐसे सवाल यह है कि विभाग इन बैग को कब वितरित करेगा।
घर का सारा कामकाज छोड़कर सुबह से ही केंद्र पर खाद लेने के लिए लाइन में खड़े है। खाद न मिलने से बिजाई में देरी हो रही है। खाद न मिलने के कारण महिलाओं की परेशानी दोगुनी हो चुकी है। धूप में लाइन में खड़े रहने से हालत बद से बदतर हो गई है। सुबह से न तो टोकन मिले है। न ही खाद मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। किसानों के लिए खाद का न मिलने बड़ी मुसीबत बन गई है। पूनम देवी, आलियावास।
सुबह 6 बजे से केंद्र में खाद मिलने का इंतजार कर रहे है। टोकन कटने के बाद आधार कार्ड से पंजीकरण कराकर ही सिर्फ दो बैग खाद के मिल रहे है। जो कि अपर्याप्त है। सरकार को कट्टों की संख्या बढ़ानी चाहिए ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके। धूप में खड़े रहकर हालात खराब हो गए है। सुशीला देवी, रेवाड़ी।
केंद्र पर महिलाओं सुबह से ही आकर लाइन में खड़े होकर खाद मिलने का इंतजार कर रही है। नई अनाज मंडी में खाद से भरा ट्रक आया हुआ देखा गया है। उम्मीद है कि खाद जल्द मिल जाएगी, ताकि बिजाई शुरू हो सके। सरकार को इसके लिए पुख्ता प्रबंध करने होंगे। बाकी पुलिस भी केंद्र पर तैनात है। पूजा देवी, बावल।
एक तो बारिश की वजह से फसल प्रभावित हुई है जिससे किसानों की मेहनत पानी हो गई है। दूसरी ओर खाद न मिलने के कारण सरसों की बिजाई में भी देरी हो रही है। ऐसे चलता रहा तो किसानों का बहुत नुकसान हो जाएगा। इस बार खाद न मिलने के कारण हद ही हो गई है। घर का सारा कामकाज छोड़कर लाइन में लगना पड़ रहा है ताकि खाद मिल सके। -शारदा देवी, नांधा।
खाद की वजह से बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। पुलिस प्रशासन की निगरानी में किसानों को खाद तो दी जा रही है। मगर जो खाद की मात्रा मिल रही है। उसे बढ़ाना होगा। दूसरी ओर धूप में खड़े रहने की वजह से लाइन में खड़े लोग व महिलाएं परेशान है। पीने के पानी के लिए दूर जाना पड़ रहा है। उम्मीद है इस बार खाद जरूर मिल जाएगी। -रंगराव, फिदेड़ी।
मुझे यह समझ नही आता अभी खाद से भरा ट्रक आया है दोपहर तक 200 टोकन भी पूरे भी नही हो पाए है। केंद्र की ओर से बता दिया गया कि खाद समाप्त हो गई है। एक आधार कार्ड के पंजीकरण के चलते दो कट्टे मिल रहे है। सुबह से किसान लाइन में खड़े है मगर सुध लेने वाला कोई नही है। पीने के पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। -राजेंद्र, जांट।
सुबह ही खाद से भरा ट्रक देखा गया है। जो कि केंद्र में खाद को उतारा जा रहा है। लेकिन दोपहर तक 200 किसानों को खाद भी नही मिली ओर बोल दिया गया कि खाद खत्म हो चुकी है। यह किसानों के साथ अत्याचार है। दूर दूर से किसान यहां खाद लेने के लिए लाइन में खड़े है मगर उनकी सुनवाई करने वाला कोई नही। मगर पुलिस प्रशासन तैनात है। -देवीराम, विजय नगर।
इफ्को केंद्र के पास 7 से 8 हजार खाद कट्टे के रखे हुए है जो कि धीरे-धीरे किसानों को वितरित किए जा रहे है। खाद लेेने वाले किसानों की संख्या काफी अधिक होती हैं। इतने किसानों को एक दिन में खाद वितरित करना असंभव हैं। किसानों को परेशानी न हो इसके लिए महिलाओं के लिए अलग से लाइन भी लगाई गई है। इफको केंद्र के गोदाम में खाद मौजूद है। जल्द ही किसानों को खाद पर्याप्त मिल जाएगी। -आशीष, इफ्को केंद्र अधिकारी।
विज्ञापन
अनुमानित एक ट्रक में 700 बैग खाद आता है जबकि एक आधार कार्ड पर दो बैग किसानों को खाद दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत के चलते खाद केंद्र पर धांधली चल रही है। किसानों की आंखों के सामने ही अधिकारियों ने लगभग 300 कट्टे गायब कर दिए। ऐेसे में बिजाई के समय किसानों की डीएपी के बिना कैसे सरसों की बिजाई होगी। अधिकारियों का कहना है कि अभी उनके पास 6 से 7 हजार बैग खाद रखे हुए हैं। लेकिन ऐसे सवाल यह है कि आखिरकार विभाग किसानों को कब वितरित करेगा। जिले में अभी सरसों की बिजाई शुरू हो चुकी हैं। किसानों को फिर कब डीएपी खाद मिलेगी।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर डीएपी की कीमत 1200 रुपये है। वहीं प्राइवेट दुकानदार इसी बैग की 1400 से 1500 रुपये कीमत वसूल रहे हैं। साथ ही दुकानदार किसानों को रबी फसल में उपयोग के लिए खरपतवार कीटनाशक भी जबरदस्ती थोप रहे हैं जिससे किसानों को एक बैग काफी महंगा पड़ रहा है। वहीं डीएपी खाद की कमी के कारण बीचबीच में सरकारी खाद बीज केंद्र बंद भी किए गए। रेवाड़ी की नई अनाज मंडी स्थित कृभको, इफ्को व प्राइवेट केंद्रों पर खासी भीड़ नजर आ रही हे। डीएपी को लेकर किस तरह की मारामारी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिक्री केंद्रों पर पुलिस के जवानों तक को तैनात करना पड़ा है।
विज्ञापन
जिले में किसानों को लगभग 2 लाख बैग खाद की जरूरत है जबकि शनिवार तक केवल 21 हजार बैग वितरित किए गए हैं। वहीं जिले में सरसों की बिजाई के लिए किसानों ने पूरी तरह से अपने खेतों को तैयार कर लिया है। अभी किसानों को डीएपी खाद की सख्त जरूरत है लेकिन किसानों को खाद के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी रहीं हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि अभी उनके पास केंद्र में लगभग 7 हजार बैग खाद के रखे हुए हैं। ऐसे सवाल यह है कि विभाग इन बैग को कब वितरित करेगा।
घर का सारा कामकाज छोड़कर सुबह से ही केंद्र पर खाद लेने के लिए लाइन में खड़े है। खाद न मिलने से बिजाई में देरी हो रही है। खाद न मिलने के कारण महिलाओं की परेशानी दोगुनी हो चुकी है। धूप में लाइन में खड़े रहने से हालत बद से बदतर हो गई है। सुबह से न तो टोकन मिले है। न ही खाद मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। किसानों के लिए खाद का न मिलने बड़ी मुसीबत बन गई है। पूनम देवी, आलियावास।
सुबह 6 बजे से केंद्र में खाद मिलने का इंतजार कर रहे है। टोकन कटने के बाद आधार कार्ड से पंजीकरण कराकर ही सिर्फ दो बैग खाद के मिल रहे है। जो कि अपर्याप्त है। सरकार को कट्टों की संख्या बढ़ानी चाहिए ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके। धूप में खड़े रहकर हालात खराब हो गए है। सुशीला देवी, रेवाड़ी।
केंद्र पर महिलाओं सुबह से ही आकर लाइन में खड़े होकर खाद मिलने का इंतजार कर रही है। नई अनाज मंडी में खाद से भरा ट्रक आया हुआ देखा गया है। उम्मीद है कि खाद जल्द मिल जाएगी, ताकि बिजाई शुरू हो सके। सरकार को इसके लिए पुख्ता प्रबंध करने होंगे। बाकी पुलिस भी केंद्र पर तैनात है। पूजा देवी, बावल।
एक तो बारिश की वजह से फसल प्रभावित हुई है जिससे किसानों की मेहनत पानी हो गई है। दूसरी ओर खाद न मिलने के कारण सरसों की बिजाई में भी देरी हो रही है। ऐसे चलता रहा तो किसानों का बहुत नुकसान हो जाएगा। इस बार खाद न मिलने के कारण हद ही हो गई है। घर का सारा कामकाज छोड़कर लाइन में लगना पड़ रहा है ताकि खाद मिल सके। -शारदा देवी, नांधा।
खाद की वजह से बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। पुलिस प्रशासन की निगरानी में किसानों को खाद तो दी जा रही है। मगर जो खाद की मात्रा मिल रही है। उसे बढ़ाना होगा। दूसरी ओर धूप में खड़े रहने की वजह से लाइन में खड़े लोग व महिलाएं परेशान है। पीने के पानी के लिए दूर जाना पड़ रहा है। उम्मीद है इस बार खाद जरूर मिल जाएगी। -रंगराव, फिदेड़ी।
मुझे यह समझ नही आता अभी खाद से भरा ट्रक आया है दोपहर तक 200 टोकन भी पूरे भी नही हो पाए है। केंद्र की ओर से बता दिया गया कि खाद समाप्त हो गई है। एक आधार कार्ड के पंजीकरण के चलते दो कट्टे मिल रहे है। सुबह से किसान लाइन में खड़े है मगर सुध लेने वाला कोई नही है। पीने के पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। -राजेंद्र, जांट।
सुबह ही खाद से भरा ट्रक देखा गया है। जो कि केंद्र में खाद को उतारा जा रहा है। लेकिन दोपहर तक 200 किसानों को खाद भी नही मिली ओर बोल दिया गया कि खाद खत्म हो चुकी है। यह किसानों के साथ अत्याचार है। दूर दूर से किसान यहां खाद लेने के लिए लाइन में खड़े है मगर उनकी सुनवाई करने वाला कोई नही। मगर पुलिस प्रशासन तैनात है। -देवीराम, विजय नगर।
इफ्को केंद्र के पास 7 से 8 हजार खाद कट्टे के रखे हुए है जो कि धीरे-धीरे किसानों को वितरित किए जा रहे है। खाद लेेने वाले किसानों की संख्या काफी अधिक होती हैं। इतने किसानों को एक दिन में खाद वितरित करना असंभव हैं। किसानों को परेशानी न हो इसके लिए महिलाओं के लिए अलग से लाइन भी लगाई गई है। इफको केंद्र के गोदाम में खाद मौजूद है। जल्द ही किसानों को खाद पर्याप्त मिल जाएगी। -आशीष, इफ्को केंद्र अधिकारी।

अनाज मंडी स्थित खाद केंद्र के बाहर लाइन लगाकर खड़े किसान।- फोटो : Rewari