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Rewari News: बिजली निगम के पास 40 प्रतिशत भी नहीं स्थायी कर्मचारी, व्यवस्था हो रही बाधित
Wed, 04 Oct 2023 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 04 Oct 2023 01:02 AM IST
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रेवाड़ी। शहर के झज्जर रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के पास कुल स्वीकृत पदों पर 40 प्रतिशत भी स्थायी कर्मचारी नहीं हैं। इसके कारण उपभोक्ताओं को बिजली वितरण व फॉल्ट संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। शहरी क्षेत्र में ही शिकायतों के समाधान में एक दिन का समय लग जाता है, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तो कभी-कभी तीन-तीन दिन तक भी बिजली नहीं आती।
कर्मचारियों की संख्या कम होने से वर्कलोड बढ़ रहा है, जिसके कारण लाइनमैन की भी परेशानी बढ़ रही है। जाट-भूरथल, शिव कॉलोनी, गोकलगढ़ गांव, लिसाना बिजली केंद्रों पर 7-8 शिकायतें हर रोज आती हैं, लेकिन कर्मचारियों की संख्या कम होने से शिकायतों का समय पर समाधान ही नहीं हो पाता। काम का दबाव बढ़ने से समय पर तैनात कर्मचारी विश्राम नहीं कर पाते, कई बार बारिश के समय तो लाइनमैन को 20 घंटे लगातार ड्यूटी करनी पड़ जाती है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के रेवाड़ी सर्कल के पास जिले की अनुमानित 11 लाख की आबादी के लिए कुल 1462 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 578 पर ही कर्मचारी तैनात हैं। 884 पद खाली हैं, जिनमें से 548 कर्मचारी हरियाणा कौशल रोजगार निगम के अंतर्गत लगाए हुए हैं। इनमें से भी 336 पद अभी भी खाली हैं। अगर अकेले लाइनमैन की बात की जाए तो 400 से अधिक गांवों के लिए 900 लाइनमैन के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से भी 300 के करीब पद खाली पड़े हैं।
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हर साल कर्मचारी हाेते हैं सेवानिवृत्त
हर साल कर्मचारी सेवानिवृत्त भी होते हैं। ऐसे में निगम को इधर-उधर ट्रांसफर कर काम चलाना पड़ता है। कर्मचारियों की कमी के कारण जहां एक तरफ बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी होती हैं, तो वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों पर भी काम का दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही कर्मचारियों की कमी के कारण निगम को शिफ्ट तय करने में भी दिक्कतें आती हैं।
शहरी क्षेत्र में तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है, सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 से रात 10 बजे और रात 10 से सुबह 6 बजे तक शिफ्ट चलती हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में एक ही शिफ्ट चलती है, अगर यहां शिफ्ट बढ़ी तो परेशानी बढ़ना तय है।
जल्द भर्ती होने की उम्मीद : अधीक्षक अभियंता
कर्मचारियों की नई भर्ती करना निदेशालय स्तर का मामला है। खाली सीट की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाती है। सरकार ने हाल ही में घोषणा की है, जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
- मनोज यादव, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। जिले में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के पास कुल स्वीकृत पदों पर 40 प्रतिशत भी स्थायी कर्मचारी नहीं हैं। इसके कारण उपभोक्ताओं को बिजली वितरण व फॉल्ट संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। शहरी क्षेत्र में ही शिकायतों के समाधान में एक दिन का समय लग जाता है, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तो कभी-कभी तीन-तीन दिन तक भी बिजली नहीं आती।
कर्मचारियों की संख्या कम होने से वर्कलोड बढ़ रहा है, जिसके कारण लाइनमैन की भी परेशानी बढ़ रही है। जाट-भूरथल, शिव कॉलोनी, गोकलगढ़ गांव, लिसाना बिजली केंद्रों पर 7-8 शिकायतें हर रोज आती हैं, लेकिन कर्मचारियों की संख्या कम होने से शिकायतों का समय पर समाधान ही नहीं हो पाता। काम का दबाव बढ़ने से समय पर तैनात कर्मचारी विश्राम नहीं कर पाते, कई बार बारिश के समय तो लाइनमैन को 20 घंटे लगातार ड्यूटी करनी पड़ जाती है।
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दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के रेवाड़ी सर्कल के पास जिले की अनुमानित 11 लाख की आबादी के लिए कुल 1462 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 578 पर ही कर्मचारी तैनात हैं। 884 पद खाली हैं, जिनमें से 548 कर्मचारी हरियाणा कौशल रोजगार निगम के अंतर्गत लगाए हुए हैं। इनमें से भी 336 पद अभी भी खाली हैं। अगर अकेले लाइनमैन की बात की जाए तो 400 से अधिक गांवों के लिए 900 लाइनमैन के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से भी 300 के करीब पद खाली पड़े हैं।
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हर साल कर्मचारी हाेते हैं सेवानिवृत्त
हर साल कर्मचारी सेवानिवृत्त भी होते हैं। ऐसे में निगम को इधर-उधर ट्रांसफर कर काम चलाना पड़ता है। कर्मचारियों की कमी के कारण जहां एक तरफ बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी होती हैं, तो वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों पर भी काम का दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही कर्मचारियों की कमी के कारण निगम को शिफ्ट तय करने में भी दिक्कतें आती हैं।
शहरी क्षेत्र में तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है, सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 से रात 10 बजे और रात 10 से सुबह 6 बजे तक शिफ्ट चलती हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में एक ही शिफ्ट चलती है, अगर यहां शिफ्ट बढ़ी तो परेशानी बढ़ना तय है।
जल्द भर्ती होने की उम्मीद : अधीक्षक अभियंता
कर्मचारियों की नई भर्ती करना निदेशालय स्तर का मामला है। खाली सीट की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाती है। सरकार ने हाल ही में घोषणा की है, जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
- मनोज यादव, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम रेवाड़ी।