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Rewari News: जिले की डॉ. प्रतिभा को मिला सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार
Thu, 25 Dec 2025 11:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 25 Dec 2025 11:26 PM IST
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फोटो 8 : आईआईटी पटना में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार प्
रेवाड़ी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की तरफ से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में रेवाड़ी स्थित एक निजी कॉलेज की अंग्रेजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रतिभा को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
डॉ. प्रतिभा का शोध पत्र इमेजिनेशन ओवर इनोवेशन एंड प्रेजेंस ओवर पावर: व्हाई लिटरेचर इज आवर सेंटिनल इन द लूमिंग एआई प्रेकारिटी सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए लगभग 54 शोध पत्रों में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। यह सम्मेलन 21 से 23 दिसंबर तक आयोजित हुआ जिसमें देश-विदेश के विद्वानों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया।
पुरस्कार तीन-स्तरीय समीक्षा प्रक्रिया के आधार पर दिया गया, जिसमें शोध पत्र की मौलिकता, अकादमिक गुणवत्ता, शोध की गहराई और सम्मेलन के दिशानिर्देशों का पालन जैसे मानकों को परखा गया। डॉ. प्रतिभा को यह सम्मान सम्मेलन की संयोजक डॉ. प्रियंका त्रिपाठी द्वारा सर्टिफिकेट और 10 हजार रुपये नकद राशि के साथ प्रदान किया गया।
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डॉ. प्रतिभा का शोध पत्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभावों के परिप्रेक्ष्य में साहित्य की मानवीय, नैतिक और सजग प्रहरी की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। इससे किशनलाल पब्लिक कॉलेज और पूरे अकादमिक जगत में गौरव की अनुभूति हुई। डॉ. प्रतिभा हाल ही में जर्मनी के बर्लिन में भी हरियाणवी संस्कृति पर शोध प्रस्तुत कर चुकी हैं।
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डॉ. प्रतिभा का शोध पत्र इमेजिनेशन ओवर इनोवेशन एंड प्रेजेंस ओवर पावर: व्हाई लिटरेचर इज आवर सेंटिनल इन द लूमिंग एआई प्रेकारिटी सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए लगभग 54 शोध पत्रों में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। यह सम्मेलन 21 से 23 दिसंबर तक आयोजित हुआ जिसमें देश-विदेश के विद्वानों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया।
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पुरस्कार तीन-स्तरीय समीक्षा प्रक्रिया के आधार पर दिया गया, जिसमें शोध पत्र की मौलिकता, अकादमिक गुणवत्ता, शोध की गहराई और सम्मेलन के दिशानिर्देशों का पालन जैसे मानकों को परखा गया। डॉ. प्रतिभा को यह सम्मान सम्मेलन की संयोजक डॉ. प्रियंका त्रिपाठी द्वारा सर्टिफिकेट और 10 हजार रुपये नकद राशि के साथ प्रदान किया गया।
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डॉ. प्रतिभा का शोध पत्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभावों के परिप्रेक्ष्य में साहित्य की मानवीय, नैतिक और सजग प्रहरी की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। इससे किशनलाल पब्लिक कॉलेज और पूरे अकादमिक जगत में गौरव की अनुभूति हुई। डॉ. प्रतिभा हाल ही में जर्मनी के बर्लिन में भी हरियाणवी संस्कृति पर शोध प्रस्तुत कर चुकी हैं।