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दस्तावेज पंजीकरण: पंजीयन अधिकारी के अवकाश पर टोकन ट्रांसफर की मांग
Fri, 14 Aug 2026 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:03 AM IST
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रेवाड़ी। अधिवक्ता अश्वनी कुमार तिवारी ने उपायुक्त को ज्ञापन देकर पंजीयन अधिकारी के अवकाश पर जाने अथवा अन्य कार्य में व्यस्त होने की स्थिति में दस्तावेज पंजीकरण के लिए जारी टोकन को दूसरे सक्षम अधिकारी को हस्तांतरित करने की मांग की है।
ज्ञापन में उन्होंने बताया कि रेवाड़ी में रजिस्ट्रार और सब-रजिस्ट्रार के अधिकार विभिन्न जिला अधिकारियों को दिए गए हैं। किसी भी दस्तावेज का पंजीकरण कराने के लिए संबंधित व्यक्ति को पहले से टोकन जारी किया जाता है, जिसमें पंजीकरण की तिथि और समय निर्धारित होता है।
उन्होंने कहा कि कई बार टोकन जारी होने के बाद संबंधित अधिकारी अवकाश पर चले जाते हैं या किसी अन्य सरकारी कार्य में व्यस्त हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में निर्धारित समय पर दस्तावेज पंजीकृत नहीं हो पाता और लोगों को दोबारा कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे दस्तावेज पंजीकरण कराने वाले लोगों का समय और धन दोनों बर्बाद होते हैं।
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अधिवक्ता ने उपायुक्त से मांग की कि टोकन जारी होने के बाद यदि संबंधित पंजीयन अधिकारी अवकाश पर जाता है या किसी अन्य कार्य में व्यस्त रहता है तो संबंधित टोकन को स्वत ही दूसरे सक्षम अधिकारी को आवंटित करने की व्यवस्था की जाए। इससे निर्धारित समय पर दस्तावेजों का पंजीकरण हो सकेगा और आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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ज्ञापन में उन्होंने बताया कि रेवाड़ी में रजिस्ट्रार और सब-रजिस्ट्रार के अधिकार विभिन्न जिला अधिकारियों को दिए गए हैं। किसी भी दस्तावेज का पंजीकरण कराने के लिए संबंधित व्यक्ति को पहले से टोकन जारी किया जाता है, जिसमें पंजीकरण की तिथि और समय निर्धारित होता है।
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उन्होंने कहा कि कई बार टोकन जारी होने के बाद संबंधित अधिकारी अवकाश पर चले जाते हैं या किसी अन्य सरकारी कार्य में व्यस्त हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में निर्धारित समय पर दस्तावेज पंजीकृत नहीं हो पाता और लोगों को दोबारा कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे दस्तावेज पंजीकरण कराने वाले लोगों का समय और धन दोनों बर्बाद होते हैं।
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अधिवक्ता ने उपायुक्त से मांग की कि टोकन जारी होने के बाद यदि संबंधित पंजीयन अधिकारी अवकाश पर जाता है या किसी अन्य कार्य में व्यस्त रहता है तो संबंधित टोकन को स्वत ही दूसरे सक्षम अधिकारी को आवंटित करने की व्यवस्था की जाए। इससे निर्धारित समय पर दस्तावेजों का पंजीकरण हो सकेगा और आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।