{"_id":"62b757131ca6665c3d08b49d","slug":"demolition-of-illegal-construction-on-the-second-day-case-filed-against-those-who-obstruct-rewari-news-rtk650578348","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी अवैध निर्माण गिराए, बाधा डालने वालों पर केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी अवैध निर्माण गिराए, बाधा डालने वालों पर केस दर्ज
विज्ञापन
बुलडोजर द्वारा तोड़े गए पक्के कब्जे।
- फोटो : Rewari
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। जिले में रेजांगला पार्क की 20 एकड़ जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए शनिवार को भी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का बुल्डोजर चला। इस दौरान बड़ी संख्या में वहां बने पक्के मकान और दुकानों को तोड़ा गया। अभी तक 4 एकड़ जमीन कब्जा मुक्त हुई है। कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट, एचएसवीपी के अधिकारी और मॉडल टाउन थाना प्रभारी रतनलाल भारी पुलिसफोर्स के साथ मौजूद रहे। वहीं शुक्रवार की देर तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने बाधा डालने की कोशिश की थी, जिनके खिलाफ मॉडल टाउन थाना में केस दर्ज कराया गया है।
एचएसवीपी के ईओ विजय राठी और जेई गौरव ने बताया कि शुक्रवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार के नेतृत्व में जमीन पर बनाए गए पक्के मकान और दुकानों को तोड़ा गया। इस दौरान बाबूलाल, नरेन्द्र यादव, राजेन्द्र, सतबीर, रमेश, सतीश, हेमंत व दीपेश सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के लिए तोड़फोड़ की कार्रवाई का विरोध करने पहुंच गए। काफी महिलाओं के साथ अतिक्रमण हटाओ की कार्रवाई में बाधा डाली। मॉडल टाउन पुलिस ने एचएसवीपी के अधिकारियों की शिकायत पर 8 नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
----------
वर्ष 2011 में हुआ था 48 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
वर्ष 2011 में शहर के गढ़ी बोलनी रोड पर सेक्टर-19 में रेजांगला पार्क के लिए एचएसवीपी की तरफ से 48 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसमें 8 एकड़ जमीन रिलीज कर दी गई थी। फिलहाल यह पार्क 10 एकड़ में ही विकसित है। बची हुई जमीन खाली पड़ी थी, जिसपर कई वर्षों में अवैध कब्जे हो गए। इसमें कई एकड़ जमीन पर तो कब्जाधारी खेती भी करते रहे, जबकि काफी जमीन पर पक्के मकान और दुकानें बन गईं। यहां तक की झुग्गी और मकान बनाकर रहने वाले लोगों से कुछ लोग किराया तक वसूलते रहे। इसके बाद सेक्टर के लोगों ने आवाज बुलंद की। ताजुब की बात यह है कि अपनी ही जमीन से कब्जा हटाने के लिए एचएसवीपी ने कभी गौर नहीं किया।
विज्ञापन
----------
मामला डीसी के पास पहुंचा तब हुई कार्रवाई
पिछले 4 माह से सेक्टर के लोग 20 एकड़ से ज्यादा जमीन पर अवैध कब्जा मुक्त कराने को लेकर प्रशासन से लेकर सरकार तक गुहार लगाते रहे, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। कुछ दिन पहले ही यह मामला डीसी अशोक कुमार गर्ग के पास पहुंचा था। डीसी ने इस मामले को लेकर एचएसवीपी के अधिकारियों के साथ बैठक कर जमीन को कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए थे। शनिवार को भी पूरे दिन यह तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रही।
विज्ञापन
एचएसवीपी के ईओ विजय राठी और जेई गौरव ने बताया कि शुक्रवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार के नेतृत्व में जमीन पर बनाए गए पक्के मकान और दुकानों को तोड़ा गया। इस दौरान बाबूलाल, नरेन्द्र यादव, राजेन्द्र, सतबीर, रमेश, सतीश, हेमंत व दीपेश सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के लिए तोड़फोड़ की कार्रवाई का विरोध करने पहुंच गए। काफी महिलाओं के साथ अतिक्रमण हटाओ की कार्रवाई में बाधा डाली। मॉडल टाउन पुलिस ने एचएसवीपी के अधिकारियों की शिकायत पर 8 नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
----------
वर्ष 2011 में हुआ था 48 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
वर्ष 2011 में शहर के गढ़ी बोलनी रोड पर सेक्टर-19 में रेजांगला पार्क के लिए एचएसवीपी की तरफ से 48 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसमें 8 एकड़ जमीन रिलीज कर दी गई थी। फिलहाल यह पार्क 10 एकड़ में ही विकसित है। बची हुई जमीन खाली पड़ी थी, जिसपर कई वर्षों में अवैध कब्जे हो गए। इसमें कई एकड़ जमीन पर तो कब्जाधारी खेती भी करते रहे, जबकि काफी जमीन पर पक्के मकान और दुकानें बन गईं। यहां तक की झुग्गी और मकान बनाकर रहने वाले लोगों से कुछ लोग किराया तक वसूलते रहे। इसके बाद सेक्टर के लोगों ने आवाज बुलंद की। ताजुब की बात यह है कि अपनी ही जमीन से कब्जा हटाने के लिए एचएसवीपी ने कभी गौर नहीं किया।
विज्ञापन
----------
मामला डीसी के पास पहुंचा तब हुई कार्रवाई
पिछले 4 माह से सेक्टर के लोग 20 एकड़ से ज्यादा जमीन पर अवैध कब्जा मुक्त कराने को लेकर प्रशासन से लेकर सरकार तक गुहार लगाते रहे, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। कुछ दिन पहले ही यह मामला डीसी अशोक कुमार गर्ग के पास पहुंचा था। डीसी ने इस मामले को लेकर एचएसवीपी के अधिकारियों के साथ बैठक कर जमीन को कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए थे। शनिवार को भी पूरे दिन यह तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रही।