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Rewari News: बीएस-6 बसों में आ रही खराबी, डीजल के सैंपल की नहीं आई रिपोर्ट
Thu, 28 Mar 2024 10:10 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 28 Mar 2024 10:10 PM IST
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रेवाड़ी। बीएस-6 बसों में आ रही तकनीकी खराबी के चलते इनका संचालन ठीक तरीके से नहीं हो पा रहा है। फिल्टर यूनिट और दूसरे पार्ट्स में खराबी के कारण रास्ते में ही बसें ब्रेक डाउन हो रही हैं। पिछले दिनों खराब डीजल के कारण बीएस-6 बसों में तकनीकी खराबी आई थी। डीजल का नमूना जांच के लिए भेजा गया लेकिन इसकी रिपोर्ट नहीं आई।
बीएस-6 बसों में आ रही तकनीकी गड़बड़ी से जहां राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर महंगे पार्ट्स खरीदने पर खर्चा भी करना पड़ेगा। अभी तक डीजल की सैंपल रिपोर्ट नहीं आने के कारण विभाग सप्लायर पर रिकवरी का दावा करने की स्थिति में नहीं है। बीएस-6 बसों के पार्ट्स काफी महंगे आते हैं। इन्हें खरीदने के लिए मोटी राशि खर्च करनी पड़ेगी, जिससे रोडवेज को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे
रोडवेज विभाग ने डीजल के नमूने जांच के लिए भेजे हैं लेकिन अभी तक सैंपल रिपोर्ट नहीं आई है। अगर डीजल के सैंपल फेल आते हैं, तो विभाग डीजल सप्लाई करने वाली फर्म से नुकसान की भरपाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर सकता है। विभाग की ओर से इस मामले में अभी तक कार्रवाई के नाम पर कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
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ये है पूरा मामला
पिछले दिनों डीजल के दाम में कमी होने की सूचना के बाद सप्लायर ने स्टॉक निकालने के लिए रोडवेज विभाग को दो टैंकर डीजल भेजे थे। इस डीजल को जब राजधानी दिल्ली व अन्य लंबे रूटों पर चलने वाली बसों में डालना शुरू किया, तो बसों ने धुआं देना शुरू कर दिया था। शुरू में एक-दो बसों में यह शिकायत आई लेकिन बाद में 25 बसों को वर्कशॉप में ही खड़ा करना पड़ा। डीजल में मिलावट की आशंका को देखते हुए रोडवेज विभाग ने सीधे आईओसी से सप्लाई मंगाई। बीएस-6 बसों के डीजल टैंक और फिल्टर साफ करने के बाद इन्हें नए डीजल से संचालित करना शुरू किया गया। मिलावटी डीजल के कारण अत्याधुनिक बीएस-6 बसों में तकनीकी खामियां आना शुरू हो गई थीं।
रोडवेज को राजस्व का मोटा नुकसान
बीएस-6 बसों का संचालन मुख्य रूप से दिल्ली और दिल्ली से गुजरने वाले दूसरे लंबे रूटों पर किया जा रहा है। दिल्ली में बीएस-6 बसों के ही प्रवेश की अनुमति है। लंबे रूटों पर चलने वाली बसों से रोडवेज को अधिक राजस्व मिलता है। बीस दिन से अधिक समय गुजरने के बाद भी सही ढंग से बसों का परिचालन शुरू नहीं होने के कारण रोडवेज डिपो को मोटा राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दिल्ली रूट पर यात्री हो रहे परेशान
देश की राजधानी दिल्ली में बीएस-6 बसों को ही प्रवेश की अनुमति है। डिपो की ओर से नई बसों को ही दिल्ली रूट पर चलाया जा रहा है। बड़ी संख्या में बसें खराब होने से दिल्ली रूट पर बसों की व्यवस्था चरमरा गई है। दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। यात्री बस स्टैंड से धारूहेड़ा जाने के बाद वहां से दिल्ली-जयपुर के बीच चलने वाली बसों से दिल्ली की ओर जाने के लिए मजबूर हैं।
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कंपनी को सामान के लिए ऑर्डर किया हुआ है। अवकाश के कारण सामान आने में देरी हो रही है। कार्रवाई के लिए सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है।
-नरेंद्र पूनिया, वर्क्स मैनेजर।
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बीएस-6 बसों में आ रही तकनीकी गड़बड़ी से जहां राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर महंगे पार्ट्स खरीदने पर खर्चा भी करना पड़ेगा। अभी तक डीजल की सैंपल रिपोर्ट नहीं आने के कारण विभाग सप्लायर पर रिकवरी का दावा करने की स्थिति में नहीं है। बीएस-6 बसों के पार्ट्स काफी महंगे आते हैं। इन्हें खरीदने के लिए मोटी राशि खर्च करनी पड़ेगी, जिससे रोडवेज को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे
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रोडवेज विभाग ने डीजल के नमूने जांच के लिए भेजे हैं लेकिन अभी तक सैंपल रिपोर्ट नहीं आई है। अगर डीजल के सैंपल फेल आते हैं, तो विभाग डीजल सप्लाई करने वाली फर्म से नुकसान की भरपाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर सकता है। विभाग की ओर से इस मामले में अभी तक कार्रवाई के नाम पर कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
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ये है पूरा मामला
पिछले दिनों डीजल के दाम में कमी होने की सूचना के बाद सप्लायर ने स्टॉक निकालने के लिए रोडवेज विभाग को दो टैंकर डीजल भेजे थे। इस डीजल को जब राजधानी दिल्ली व अन्य लंबे रूटों पर चलने वाली बसों में डालना शुरू किया, तो बसों ने धुआं देना शुरू कर दिया था। शुरू में एक-दो बसों में यह शिकायत आई लेकिन बाद में 25 बसों को वर्कशॉप में ही खड़ा करना पड़ा। डीजल में मिलावट की आशंका को देखते हुए रोडवेज विभाग ने सीधे आईओसी से सप्लाई मंगाई। बीएस-6 बसों के डीजल टैंक और फिल्टर साफ करने के बाद इन्हें नए डीजल से संचालित करना शुरू किया गया। मिलावटी डीजल के कारण अत्याधुनिक बीएस-6 बसों में तकनीकी खामियां आना शुरू हो गई थीं।
रोडवेज को राजस्व का मोटा नुकसान
बीएस-6 बसों का संचालन मुख्य रूप से दिल्ली और दिल्ली से गुजरने वाले दूसरे लंबे रूटों पर किया जा रहा है। दिल्ली में बीएस-6 बसों के ही प्रवेश की अनुमति है। लंबे रूटों पर चलने वाली बसों से रोडवेज को अधिक राजस्व मिलता है। बीस दिन से अधिक समय गुजरने के बाद भी सही ढंग से बसों का परिचालन शुरू नहीं होने के कारण रोडवेज डिपो को मोटा राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दिल्ली रूट पर यात्री हो रहे परेशान
देश की राजधानी दिल्ली में बीएस-6 बसों को ही प्रवेश की अनुमति है। डिपो की ओर से नई बसों को ही दिल्ली रूट पर चलाया जा रहा है। बड़ी संख्या में बसें खराब होने से दिल्ली रूट पर बसों की व्यवस्था चरमरा गई है। दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। यात्री बस स्टैंड से धारूहेड़ा जाने के बाद वहां से दिल्ली-जयपुर के बीच चलने वाली बसों से दिल्ली की ओर जाने के लिए मजबूर हैं।
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कंपनी को सामान के लिए ऑर्डर किया हुआ है। अवकाश के कारण सामान आने में देरी हो रही है। कार्रवाई के लिए सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है।
-नरेंद्र पूनिया, वर्क्स मैनेजर।