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फोन से किया किनारा तब दीपक बने सिविल जज

Wed, 05 Feb 2020 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 05 Feb 2020 12:06 AM IST
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Deepak became a civil judge when he did away with mobile
हरियाणा न्यायाकि परीक्षा में बतौर सिविल जज चयनित राजीव नगर निवासी दीपक यादव। - फोटो : Rewari
कौन कहता है आसमां में छेद नहीं हो सकता...तबीयत से पत्थर तो उछालो यारो... यह बात शहर के राजीव नगर निवासी दीपक यादव ने हरियाणा न्यायिक परीक्षा में बतौर सिविल जज नियुक्त होने के बाद अमर उजाला से विशेष बातचीत में कही। सरकार की ओर से 107 पोस्ट के लिए आवेदन मांगे गए थे, इसमें 1300 लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। पूरे हरियाणा से चयन 69 का चयन हुआ है।
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यादव ने बताया कि जज बनने के लिए शिक्षक की नौकरी छोड़कर दो साल तक परिवार, बच्चों व दोस्तों से दूर रहकर तैयारी करने के बाद सफलता मिली, पढ़ाई में किसी तरह खलल ने हो इसके लिए दो साल तक फोन से भी दूरी बनाकर रखी जबकि यादव दो छोटे बच्चों के पिता थे। दो छोटे बच्चों के जन्म के बाद भी दो साल तक दूर रहकर इस मुकाम पर पहुंचना दूसरों के लिए प्रेरणा से कम नहीं है। बता दें कि यादव वर्तमान में हैदराबाद के पास बतौर सिविल जज तैनात हैं। हरियाणा में चयन हो सके इसलिए अभी भी बच्चों को अपने साथ नहीं रख रहे थे। ज्यूडिशिलय की तैयारी से पहले यादव एक शिक्षक थे, शिक्षक की नौकरी छोड़ने के बाद ही ज्यूडिशियल परीक्षा पास करने की ठानी। यादव ने कहा कि सभी को समय पर न्याय मिले बस अब यही एक लक्ष्य है।
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-कौचिंग के बाद 8 घंटे की सेल्फ स्टडी व तीन प्वांइट पर फोकस
यादव ने बताया कि प्रथम श्रेणी परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग के अलावा हर रोज 8 घंटे की सेल्फ स्टडी को जरूरी है। इसके अलावा तीन प्वाइंट पर फोकस करना जरूरी है। सोना, व्यायाम व पढ़ाई के अलावा किसी ओर गए तो आप लक्ष्य से भटक सकते हैं।
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-शादी के बाद 2016 में की तैयारी शुरू
दीपक यादव शिक्षक की नौकरी छोड़ने के बाद 2016 में ज्यूडिशियल की तैयारी करने के बाद दिल्ली चले गए। यहां पर तैयारी करने के दौरान उन्होंने यूपी, हिमाचल व एमपी की ओर से आयोजित परीक्षाएं भी पास की लेकिन फाइनल तक नहीं पहुंच पाए। लेकिन हिम्मत नहीं हारी और 2018 में तेलांगाना में बतौर सिविल जज नियुुक्त हो गए। लेकिन इस दौरान 2017 में हरियाणा की ओर से आयोजित परीक्षा के प्री में टॉप 10 में रहे लेकिन पेपर लीक हो गया।

पिता से से मिली प्रेरणा तो पाया मुकाम
यूं तो किसी भी सफलता के पीछे अनेक लोगों का हाथ होता है लेकिन कोई एक पिलर के रुप में कार्य करता है। दीपक यादव ने बताया कि मुकाम हासिल करने के पीछे पिता जयवीर यादव से प्रेरणा मिली है। यादव ने बताया कि पिता राजीव नगर में ही स्कूूल संचालक हैं। शिक्षक की नौकरी के दौरान पिता ने कहा कि ये तो सब कर रहे हैं हिम्मत है तो जज बनकर दिखाओ। यही दीपक का टर्निंग प्वाइंट रहा। शादीशुदा दीपक पिता व मां संतोष देवी से दूर जाने के अलावा पत्नी शिखा यादव व बेटी प्रेरणा व बेटा तेजस से अलग रहना कोई चुनौती से कम नहीं था। लेनिक मुकाम हासिल करने के लिए वे दिल्ली के लिए निकल गए और कर दिखाया। दीपक ने यह भी बताया कि परिवार व रिश्तेदारी में दूर-दूर तक कोई एडवोकेट तक नही है।
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