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Rewari News: डे-केयर कैंसर यूनिट से मरीजों को मिलेगी राहत, नहीं लगाने पड़ेंगे दूसरे जिलों के चक्कर

Mon, 16 Feb 2026 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 16 Feb 2026 12:00 AM IST
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Day-care cancer unit will provide relief to patients
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में कैंसर पीड़ितों के लिए डे-केयर कैंसर यूनिट शुरु की गई है। अब झज्जर स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) की टीम यहां आकर निरीक्षण करेगी और संचालन व्यवस्था का जायजा लेगी। इस यूनिट के शुरू होने से जिले के कैंसर मरीजों को राहत मिलेगी।
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अब जिले के कैंसर रोगियों को इलाज के लिए रोहतक, झज्जर या दिल्ली के बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रारंभिक उपचार के बाद जरूरत अनुसार मरीजों को रेवाड़ी रेफर किया जाएगा।
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अभी तक जिले में सरकारी स्तर पर कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इससे करीब 502 मरीजों को इलाज के लिए रोहतक पीजीआई, झज्जर एनसीआई या दिल्ली के अस्पतालों में जाना पड़ता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सफर और इलाज दोनों ही भारी पड़ते थे।
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अब सिविल अस्पताल में ही मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। यदि किसी मरीज में कैंसर के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे पुष्टि के लिए झज्जर एम्स भेजा जाएगा, क्योंकि रेवाड़ी सिविल अस्पताल में बायोप्सी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
वहां जांच में कैंसर की पुष्टि होने पर मरीज को कीमोथेरेपी के लिए रेवाड़ी रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस यूनिट के संचालन से जिले में कैंसर उपचार व्यवस्था मजबूत होगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
एनसीडी की जिला नोडल अधिकारी डॉ. रितू ने बताया कि यह यूनिट नई बिल्डिंग के तीसरी मंजिल पर बनाई गई है। इसमें मरीजों का इलाज होगा। झज्जर एम्स से रेवाड़ी के मरीजों की लिस्ट आएगी, जिनकी यहां पर कीमोथेरेपी होनी है। इसके लिए दो चिकित्सक व दो स्टाफ को ट्रेनिंग दिलवाई जा चुकी है।

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निजी अस्पतालों में कैंसर का इलाज बेहद महंगा
निजी अस्पतालों में कैंसर का इलाज बेहद महंगा है। कीमोथेरेपी की एक साइकिल का खर्च औसतन 20 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक आता है। कुछ मामलों में एक सेशन का खर्च दो लाख रुपये से भी अधिक हो जाता है। दवाओं और कैंसर की स्टेज के अनुसार खर्च बढ़ता जाता है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में बेहद कम लागत पर यह सुविधा मिलना मरीजों के लिए वरदान साबित होगा।
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