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रेवाड़ी-रोहतक हाईवे पर टोल प्लाजा से लेकर झज्जर सीमा तक जलभराव से फसलें खराब
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खेतों में भरे पानी से खराब हुई फसल।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। जिले के जाटूसाना, बावल और पाल्हावास ब्लॉक में पड़ने वाले 100 से अधिक गांवों की फसलें खराब होने के कगार पर पहुंच गई हैं। फसलों में चार-चार फीट पानी भर जाने से करीब पांच हजार हेक्टेयर में बाजरे व कपास सहित अन्य फसलों के खराब होने की आशंका है।
रेवाड़ी- रोहतक हाईवे पर टोल प्लाजा से लेकर गुरावड़ा तक फसलों की बजाय खेत तालाबों में तब्दील हुए नजर आ रहे हैं। चिंतित किसान लगातार जिला सचिवालय पहुंचकर विशेष गिरदावरी की मांग कर रहे हैं। वहीं कृषि अधिकारियों की ओर से कहा जा रहा है कि पूरे जुलाई में बारिश की संभावना है। बारिश के बीच में गिरदावरी संभव नहीं है। बारिश के बाद ही गिरदावरी हो पाएगी। बता दें कि जिले में किसानों ने 40 हजार हेक्टेयर में बाजरे व 10 हजार हेक्टेयर में कपास की बिजाई की हुई है। वहीं कोसली क्षेत्र में किसानों ने धान की बिजाई भी की हुई है।
बता दें कि जिले में 25 साल बाद रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई थी। बावल व खोल ब्लॉक में राजस्थान की ओर से आने वाले पानी व पाल्हावास तहसील में जवाहर लाल नेहरू कैनाल के समीप बसे गांव में पानी का स्तर ऊपर होने के चलते खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
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कई गांवों के चारों तरफ जलभराव से भी बढ़ी परेशानी
जाटूसाना क्षेत्र के ही कई गांवों के चारों ओर बारिश का पानी भरा हुआ है। इसके चलते ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जिले में लगातार बारिश हो रही है। शनिवार को भी जिले में तेज बारिश से जलभराव बढ़ गया है। पाल्हावास उप-तहसील के रोझूवास गांव के किसानों सहित अन्य लोगों ने जिला सचिवालय पहुंचकर गिरदावरी की मांग कर चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। किसानों का कहना है कहा कि क्षेत्र के लोग पूरी तरह से कृषि पर आधारित हैं। खरीफ की फसल बाजरा, ज्वार, कपास, मक्का, तिल व अन्य फसलों की बिजाई की हुई है।
बावल में राजस्थान से आने वाले पानी की समस्या
बावल के राजस्थान से सटे गांवों के खेतों में जलभराव से फसलें खराब हो रही हैं। बता दें कि यहां पर अरावली पहाड़ियों से खंडोडा, टांकड़ी, राजगढ़, गढ़ी, सांजरपुर व धारण सहित कई गांवों के खेतों में राजस्थान की ओर से आने वाला पानी भरा हुआ है। इस क्षेत्र में भी जलभराव के चलते बाजरा व कपास की फसल खराब हो रही है। वहीं दूसरी ओर बारिश से खराब हुई फसल का कुछ किसानों को बीते साल का मुआवजा तक नहीं मिल पाया है। इसको लेकर किसान कृषि कार्यालय पर धरना प्रदर्शन तक कर चुके हैं।
कृषि विभाग के एसडीओ दीपक यादव ने कहा कि जलभराव से किसानों की फसल खराब होने की शिकायत आ रही है। गिरदावरी के बाद भी फसल नुकसान का आकलन हो पाएगा। कृषि अधिकारी व अन्य विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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रेवाड़ी- रोहतक हाईवे पर टोल प्लाजा से लेकर गुरावड़ा तक फसलों की बजाय खेत तालाबों में तब्दील हुए नजर आ रहे हैं। चिंतित किसान लगातार जिला सचिवालय पहुंचकर विशेष गिरदावरी की मांग कर रहे हैं। वहीं कृषि अधिकारियों की ओर से कहा जा रहा है कि पूरे जुलाई में बारिश की संभावना है। बारिश के बीच में गिरदावरी संभव नहीं है। बारिश के बाद ही गिरदावरी हो पाएगी। बता दें कि जिले में किसानों ने 40 हजार हेक्टेयर में बाजरे व 10 हजार हेक्टेयर में कपास की बिजाई की हुई है। वहीं कोसली क्षेत्र में किसानों ने धान की बिजाई भी की हुई है।
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बता दें कि जिले में 25 साल बाद रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई थी। बावल व खोल ब्लॉक में राजस्थान की ओर से आने वाले पानी व पाल्हावास तहसील में जवाहर लाल नेहरू कैनाल के समीप बसे गांव में पानी का स्तर ऊपर होने के चलते खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
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कई गांवों के चारों तरफ जलभराव से भी बढ़ी परेशानी
जाटूसाना क्षेत्र के ही कई गांवों के चारों ओर बारिश का पानी भरा हुआ है। इसके चलते ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जिले में लगातार बारिश हो रही है। शनिवार को भी जिले में तेज बारिश से जलभराव बढ़ गया है। पाल्हावास उप-तहसील के रोझूवास गांव के किसानों सहित अन्य लोगों ने जिला सचिवालय पहुंचकर गिरदावरी की मांग कर चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। किसानों का कहना है कहा कि क्षेत्र के लोग पूरी तरह से कृषि पर आधारित हैं। खरीफ की फसल बाजरा, ज्वार, कपास, मक्का, तिल व अन्य फसलों की बिजाई की हुई है।
बावल में राजस्थान से आने वाले पानी की समस्या
बावल के राजस्थान से सटे गांवों के खेतों में जलभराव से फसलें खराब हो रही हैं। बता दें कि यहां पर अरावली पहाड़ियों से खंडोडा, टांकड़ी, राजगढ़, गढ़ी, सांजरपुर व धारण सहित कई गांवों के खेतों में राजस्थान की ओर से आने वाला पानी भरा हुआ है। इस क्षेत्र में भी जलभराव के चलते बाजरा व कपास की फसल खराब हो रही है। वहीं दूसरी ओर बारिश से खराब हुई फसल का कुछ किसानों को बीते साल का मुआवजा तक नहीं मिल पाया है। इसको लेकर किसान कृषि कार्यालय पर धरना प्रदर्शन तक कर चुके हैं।
कृषि विभाग के एसडीओ दीपक यादव ने कहा कि जलभराव से किसानों की फसल खराब होने की शिकायत आ रही है। गिरदावरी के बाद भी फसल नुकसान का आकलन हो पाएगा। कृषि अधिकारी व अन्य विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं।