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सब्जी मंडी में दुकानें तोड़ी, आढ़तियों ने की हड़ताल

Sun, 24 Apr 2016 12:23 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
ब्यूरो /अमर उजाला Updated Sun, 24 Apr 2016 12:23 AM IST
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shop Disband, Commission agent on strike
अतिक्रमण हटाया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कस्बे में नगर पालिका की ओर से पुरानी सब्जी मंडी में दुकानों में तोड़फोड़ करने से गुस्साएं आढ़तियों ने हड़ताल कर दी है। आढ़तियों में रोष है। तोड़फोड़ बृहस्पतिवार को की गई थी और इस जगह नई सब्जी मंडी बननी है। इधर, आढ़तियों का कहना है कि नई सब्जी मंडी बनने तक उन्हें दूसरी जगह दी जाए। जगह न मिलने तक हड़ताल रहेगी।
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आढ़ती मुकेश, ओमप्रकाश, अशरफी लाल, बलदेवराज, ताराचंद महेंद्र बतरा आदि ने बताया कि नगर पालिका की ओर से बिना नोटिस दिए उनकी दुकानें तोड़ दी है। इससे उनका काफी नुकसान भी हुआ है। उन्होंने विधायक डॉ बनवारी से भी मिला मुलाकात की लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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जिसकी वजह से उन्हें काम बंद करना पड़ा है। हड़ताल करने से किसानों को भी परेशानी हुई है। आढ़तियों का कहना है कि उन्हें जगह खाली करने का समय दिया जाना चाहिए था। नगर पालिका के कर्मचारी केवल एक खंभे पर नोटिस चस्पा कर दुकानों को तोडना शुरू कर दिया। जब उन्होंने इस नोटिस का मोबाइल से फोटो करना चाहा तो उसे भी हटा दिया गया। इस हड़ताल की वजह से किसान भी परेशान हैं। आढ़तियों ने बताया कि नगर पालिका के कर्मचारी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। एक घंटे में दुकानों को तोड़ दिया।
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क्या कहते है आढती व किसान
प्रशासन की ओर से सब्जी मंडी में जो कार्रवाई की गई है, वो गलत है। नगर पालिका को पहले उन्हें सब्जी बेचने के लिए दूसरी जगह देनी चाहिए थी। ताकि किसानों को परेशानी नहीं होती। अब सब्जी बेचने के लिए परेशान है। सब्जियों को लेकर कहां जाएं।

-- विकास मुदगल, किसान

नगर पालिका कर्मचारियों की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया। उनकी दुकानें बिना नोटिस दिए ही तोड़ दी गई। यह उनके साथ अन्याय है।
--- मुकेेश, आढ़ती

प्रशासन की ओर से उनकी रोजी रोटी छीन कर अच्छा नहीं किया गया है। सरकार तो किसानों के लिए इतना कुछ कर रही है, लेकिन फिर ये कार्रवाई क्यों।
हरदीप, किसान

वर्जन
आढ़तियों को प्रशासन की ओर से नोटिस दिया गया था लेकिन उन्होंने लेने से मना कर दिया था। फिर भी मानवता के आधार पर उन्होंने स्वयं डीसी यश गर्ग से बातचीत करके किसानों को जगह दिलाने की सिफारिश की है।
-- बनवारी लाल विधायक बावल।
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