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शराब का ठेका हटाने के लिए धरने पर बैठी सरपंच को पीटा
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Tue, 19 Apr 2016 01:15 AM IST
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आधा दर्जन लोगों ने सरपंच पर किया हमला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव बासदूधा से शराब का ठेका हटवाने के लिए धरने पर बैठी महिला सरपंच को उस समय भारी पड़ गया। आरोप है कि ठेके पर मौजूद आधा दर्जन से अधिक लोगों ने सरपंच सहित अन्य लोगों पर हमला कर वहां से भगा दिया। थाना खोल में शिकायत देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से सरपंच पूजा के नेतृत्व में ग्रामीण सोमवार को एसपी संगीता कालिया से मिले तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी के आदेश पर सरपंच का मेडिकल कराने के बाद महिला थाने ने जांच शुरू कर दी है।
ठेका स्कूल था इसलिए हटाने का किया गया था प्रस्ताव
बासदूधा की सरपंच पूजा देवी ने बताया कि गांव के मुख्य रास्ते पर शराब का ठेका है। वहीं ठेके के पास ही दो स्कूल हैं। सरपंच ने बताया कि उन्होंने 29 मार्च को प्रस्ताव कर ठेके को बंद करने की मांग की थी। लेकिन जैसे ही वह आबकारी विभाग के पास पहुंची तो उन्होंने कहा कि ठेका बंद नहीं होगा, लेकिन यहां से शिफ्ट करवा दिया जाएगा। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। इधर गांव में सरपंच को चुनाव लड़ चुके एवं दूसरे नंबर रहे ग्रामीण अतरसिंह ने बताया कि ठेके के कारण यहां से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। इसकी शिकायत वह ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में भी कर चुके हैं।
एसएचओ ने कहा दिया जाओ लड़ाई ही नही हुई
एसपी को शिकायत देने पहुंचे सरपंच के पति रवि कुमार, सुदेश, शेरसिंह, होशियार सिंह, राकेश, कृष्ण कुमार एवं शिवलाल आदि ने कहा कि 14 अप्रैल को धरने के वक्त मारपीट की सूचना तत्काल ही एसएचओ को दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि वह लड़ाई के बाद एसपी से भी मिलने पहुंचे तब उन्होंने भी एसएचओ के पास जाने के लिए कहा था। ग्रामीणों ने बताया कि जब वह खोल एसएचओ के पास पहुंचे तो उन्होंने कहा की वहां पर कोई लड़ाई नहीं हुई आप यहां से जाओ। इसके बाद ग्रामीण बीजेपी जिला अध्यक्ष सतीश खोला के पास पहुंचे। सोमवार को सतीश खोला भी ग्रामीणों के साथ एसपी संगीत कालिया से मिले।
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वर्जन-
सरपंच का मेडिकल कराया गया है। मेडिकल सरिपोर्ट आने के बाद मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-उमेश बाला,एसएचओ, महिला थाना
--
वर्जन
दोनों पक्षों की ओर से शिकायत की मिली थी। इसके बाद गांव में मेला शुरू होने के कारण जांच में देरी हुई।
-भीष्म सिंह, खोल थाना प्रभारी
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मैं आज किसान ग्राम सभा को लेकर गांव बासदूधा गया था। वहां सरपंच ने पूरी घटना बताई। इसके बाद मैंने एसपी संगीता कालिया से बातचीत की तो उन्होंने पीड़िता पक्ष को तीन बजे बुलाया। मैं उन्हें लेकर एसपी से मिला। एसपी से पीड़ित पक्ष को सुना और महिला थाना प्रभारी को कार्रवाई को आदेश दिए।
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ठेका स्कूल था इसलिए हटाने का किया गया था प्रस्ताव
बासदूधा की सरपंच पूजा देवी ने बताया कि गांव के मुख्य रास्ते पर शराब का ठेका है। वहीं ठेके के पास ही दो स्कूल हैं। सरपंच ने बताया कि उन्होंने 29 मार्च को प्रस्ताव कर ठेके को बंद करने की मांग की थी। लेकिन जैसे ही वह आबकारी विभाग के पास पहुंची तो उन्होंने कहा कि ठेका बंद नहीं होगा, लेकिन यहां से शिफ्ट करवा दिया जाएगा। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। इधर गांव में सरपंच को चुनाव लड़ चुके एवं दूसरे नंबर रहे ग्रामीण अतरसिंह ने बताया कि ठेके के कारण यहां से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। इसकी शिकायत वह ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में भी कर चुके हैं।
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एसएचओ ने कहा दिया जाओ लड़ाई ही नही हुई
एसपी को शिकायत देने पहुंचे सरपंच के पति रवि कुमार, सुदेश, शेरसिंह, होशियार सिंह, राकेश, कृष्ण कुमार एवं शिवलाल आदि ने कहा कि 14 अप्रैल को धरने के वक्त मारपीट की सूचना तत्काल ही एसएचओ को दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि वह लड़ाई के बाद एसपी से भी मिलने पहुंचे तब उन्होंने भी एसएचओ के पास जाने के लिए कहा था। ग्रामीणों ने बताया कि जब वह खोल एसएचओ के पास पहुंचे तो उन्होंने कहा की वहां पर कोई लड़ाई नहीं हुई आप यहां से जाओ। इसके बाद ग्रामीण बीजेपी जिला अध्यक्ष सतीश खोला के पास पहुंचे। सोमवार को सतीश खोला भी ग्रामीणों के साथ एसपी संगीत कालिया से मिले।
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वर्जन-
सरपंच का मेडिकल कराया गया है। मेडिकल सरिपोर्ट आने के बाद मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-उमेश बाला,एसएचओ, महिला थाना
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दोनों पक्षों की ओर से शिकायत की मिली थी। इसके बाद गांव में मेला शुरू होने के कारण जांच में देरी हुई।
-भीष्म सिंह, खोल थाना प्रभारी
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मैं आज किसान ग्राम सभा को लेकर गांव बासदूधा गया था। वहां सरपंच ने पूरी घटना बताई। इसके बाद मैंने एसपी संगीता कालिया से बातचीत की तो उन्होंने पीड़िता पक्ष को तीन बजे बुलाया। मैं उन्हें लेकर एसपी से मिला। एसपी से पीड़ित पक्ष को सुना और महिला थाना प्रभारी को कार्रवाई को आदेश दिए।